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CA Success Story | CA Result | सीए फाइनल रिजल्ट, कोटा के आशुतोष मित्तल को ऑल इंडिया 16वीं रैंक

Last Updated:June 18, 2026, 21:39 IST

CA Final Result Topper Story : सीए फाइनल रिजल्ट में कोटा के आशुतोष मित्तल ने ऑल इंडिया 16वीं रैंक और शहर में प्रथम स्थान हासिल किया, परिवार के सहयोग, कड़ी मेहनत और अनुशासन को सफलता का श्रेय दिया. आशुतोष का कहना है कि शुरुआत में वे रोजाना करीब 8 घंटे पढ़ाई करते थे. धीरे-धीरे परीक्षा का स्तर और सिलेबस बढ़ता गया तो उन्होंने अपना स्टडी टाइम भी बढ़ा दिया. फाइनल परीक्षा से पहले वे प्रतिदिन 14 से 15 घंटे तक पढ़ाई करते थे. उनका मानना है कि किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतरता और अनुशासन सबसे ज्यादा जरूरी है.

कोटा. सीए फाइनल के रिजल्ट में कोटा के आशुतोष मित्तल ने ऑल इंडिया 16वीं रैंक हासिल कर शहर में टॉप करते हुए कोटा की प्रथम रैंक अपने नाम की है. आशुतोष का कहना है कि इस कामयाबी के पीछे उनके परिवार का अटूट सहयोग, लगातार मेहनत और सकारात्मक सोच सबसे बड़ी ताकत रही. रिजल्ट घोषित होने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है और शुभचिंतकों का घर पर बधाई देने का सिलसिला जारी है.

आशुतोष बताते हैं कि उन्होंने 10वीं कक्षा में ही सीए बनने का सपना देख लिया था. उसी समय उन्होंने तय कर लिया था कि उन्हें अकाउंटेंसी और फाइनेंस के क्षेत्र में अपना करियर बनाना है. 12वीं कक्षा में पहुंचने के बाद उन्होंने सीए की तैयारी को लेकर गंभीरता से काम शुरू किया और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा.

कड़ी मेहनत और अनुशासन बना सफलता की कुंजीआशुतोष का कहना है कि शुरुआत में वे रोजाना करीब 8 घंटे पढ़ाई करते थे. धीरे-धीरे परीक्षा का स्तर और सिलेबस बढ़ता गया तो उन्होंने अपना स्टडी टाइम भी बढ़ा दिया. फाइनल परीक्षा से पहले वे प्रतिदिन 14 से 15 घंटे तक पढ़ाई करते थे. उनका मानना है कि किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतरता और अनुशासन सबसे ज्यादा जरूरी है. पढ़ाई के साथ-साथ आशुतोष को पढ़ाने का भी शौक है. उन्होंने अपना एक यूट्यूब चैनल बना रखा है, जहां वे विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं. उनका मानना है कि जब किसी विषय को दूसरे लोगों को समझाया जाता है तो खुद की अवधारणाएं भी ज्यादा मजबूत होती हैं. यही वजह रही कि पढ़ाने और सीखने की यह प्रक्रिया उनकी तैयारी में काफी मददगार साबित हुई.

छोटे नोट्स और बार-बार रिवीजन पर रहा फोकसअपनी सफलता की रणनीति के बारे में आशुतोष बताते हैं कि उन्होंने शुरुआत से ही छोटी किताबों और शॉर्ट नोट्स पर ध्यान दिया. उनके मुताबिक छोटी किताबों का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि उनका रिवीजन बार-बार और कम समय में किया जा सकता है. परीक्षा की तैयारी में रिवीजन सबसे अहम भूमिका निभाता है और इसी रणनीति ने उन्हें बेहतर परिणाम दिलाने में मदद की. आशुतोष के पिता हॉस्टल व्यवसाय से जुड़े हुए हैं. वे कहते हैं कि पिछले तीन-चार वर्षों के इस सफर में उनके माता-पिता ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया. जब भी किसी तरह का दबाव या परेशानी महसूस हुई, परिवार ने उन्हें संभाला और आगे बढ़ने की हिम्मत दी. आशुतोष का कहना है कि अगर परिवार का सहयोग नहीं होता तो शायद यह मुकाम हासिल करना इतना आसान नहीं होता.

पढ़ाई के साथ हॉबी को भी देते हैं महत्वशैक्षणिक स्तर पर भी आशुतोष हमेशा से बेहतर प्रदर्शन करते रहे हैं. उन्होंने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 96 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. अन्य विद्यार्थियों को संदेश देते हुए वे कहते हैं कि पढ़ाई हमेशा पूरे फोकस, समर्पण और ईमानदारी के साथ करनी चाहिए. यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत में निरंतरता बनी रहे तो सफलता जरूर मिलती है. पढ़ाई के अलावा आशुतोष को क्रिकेट खेलना भी पसंद है. उनका मानना है कि पढ़ाई के साथ किसी हॉबी के लिए भी समय निकालना चाहिए. इससे मन तरोताजा रहता है, तनाव कम होता है और पढ़ाई में बेहतर एकाग्रता बनी रहती है. सीए फाइनल में ऑल इंडिया 16वीं रैंक हासिल करने वाले आशुतोष मित्तल की यह सफलता की कहानी आज हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है. उनका सफर बताता है कि सही दिशा में की गई मेहनत, परिवार का भरोसा और खुद पर विश्वास किसी भी बड़े सपने को हकीकत में बदल सकता है.

About the AuthorAnand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

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