Udaipur news | Wildlife conservation | Best Tiger Reserve

Last Updated:June 19, 2026, 13:05 IST
Kumbhalgarh Tiger Reserve News : कुंभलगढ़ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को एनटीसीए टेक्निकल कमेटी ने टाइगर रिजर्व का दर्जा मंजूर किया. यह राजस्थान का छठा एवं देश का 59वां रिजर्व होगा. इस निर्णय से राजस्थान मे्ं पर्यटन और रोजगार बढ़ेंगे. कुंभलगढ़ अभयारण्य राजसमंद, उदयपुर और पाली जिलों में फैला हुआ है. अरावली की पहाड़ियों, गहरी घाटियों और घने जंगलों से घिरा यह क्षेत्र पहले से ही वन्यजीवों के लिए अनुकूल माना जाता है.
उदयपुर. राजस्थान के वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. कुंभलगढ़ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को टाइगर रिजर्व बनाने के प्रस्ताव को नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) की टेक्निकल कमेटी ने मंजूरी दे दी है. अब अगले 8 से 10 दिनों में इसका गजट नोटिफिकेशन जारी होने की संभावना है. इसके साथ ही कुंभलगढ़ राजस्थान का छठा और देश का 59वां टाइगर रिजर्व बन जाएगा.
इस फैसले को मेवाड़ और मारवाड़ क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है. वर्षों से इसे टाइगर रिजर्व का दर्जा दिलाने की मांग की जा रही थी, जो अब पूरी होने जा रही है. टाइगर रिजर्व बनने के बाद यहां बाघों के पुनर्वास और संरक्षण की दिशा में काम शुरू होगा, जिससे अरावली क्षेत्र में वन्यजीवों की संख्या और जैव विविधता को मजबूती मिलेगी.
वन्यजीव संरक्षण को मिलेगा नया आधारकुंभलगढ़ अभयारण्य राजसमंद, उदयपुर और पाली जिलों में फैला हुआ है. अरावली की पहाड़ियों, गहरी घाटियों और घने जंगलों से घिरा यह क्षेत्र पहले से ही वन्यजीवों के लिए अनुकूल माना जाता है. यहां तेंदुआ, भालू, भेड़िया, लकड़बग्घा, सांभर, चिंकारा, नीलगाय और दुर्लभ चौसिंगा जैसे वन्यजीव पाए जाते हैं. वर्तमान में यहां बाघ नहीं हैं, लेकिन टाइगर रिजर्व बनने के बाद उनकी वापसी का रास्ता खुलेगा.
पर्यटन और रोजगार को भी होगा फायदाइस निर्णय से पर्यटन क्षेत्र को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है. अब तक उदयपुर और मेवाड़ की पहचान झीलों, महलों और हेरिटेज टूरिज्म के लिए रही है, लेकिन अब वाइल्डलाइफ टूरिज्म का नया अध्याय भी जुड़ जाएगा. देश-विदेश से आने वाले पर्यटक कुंभलगढ़ किला देखने के साथ-साथ टाइगर सफारी और जंगल पर्यटन का भी आनंद ले सकेंगे. वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कुंभलगढ़ देश का सबसे पश्चिमी टाइगर रिजर्व होगा. इससे पुराने और टूट चुके टाइगर कॉरिडोर को दोबारा विकसित करने में मदद मिलेगी. लंबे समय से चल रही इस मुहिम को वर्ष 2015 में नई गति मिली थी और अब यह सपना साकार होने जा रहा है. वन विभाग और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि टाइगर रिजर्व बनने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. होटल, ट्रैवल, गाइड और पर्यटन से जुड़े अन्य व्यवसायों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा.
About the AuthorAnand Pandey
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
न्यूजलेटर
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
सबमिट करें
Location :
Udaipur,Rajasthan



