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Kal Ka Mausam: दिल्ली में IMD का येलो अलर्ट, इन 3 राज्यों में होने वाली है भारी बारिश; पूर्वोत्तर में बाढ़ का खतरा

नई दिल्ली: मौसम इस समय खूब आंख-मिचौली खेल रहा है. देश के कई हिस्सों में मानसून एक्टिव होने की वजह से भारी बारिश हो रही है. वहीं दूसरी तरफ उत्तर और मध्य भारत के कुछ पॉकेट्स में भयंकर हीटवेव का प्रकोप अभी भी जारी है. इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट यानी आईएमडी के लेटेस्ट बुलेटिन के मुताबिक मौसम में यह बदलाव एक्टिव मानसून की वजह से आया है. मौसम विभाग की सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि शुक्रवार को देश के बड़े हिस्से में खतरनाक लाइटनिंग दर्ज की गई है. यह लाइटनिंग हिमालय के राज्यों से लेकर पूर्वी और दक्षिणी भारत तक फैली हुई थी. जम्मू कश्मीर और पंजाब सहित कई राज्यों में बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है. आने वाले दिनों में देश के बड़े हिस्से में थंडरस्टॉर्म के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है.

उत्तर भारत के पहाड़ों पर ओलावृष्टि और धूल भरी आंधी का अलर्ट

आईएमडी ने उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के बड़े इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है. इस दौरान थंडरस्टॉर्म और लाइटनिंग के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है.
पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में व्यापक रूप से बारिश होने की बहुत उम्मीद है. पूर्वी राजस्थान में धूल भरी आंधी और थंडरस्क्वाल आने की आशंका जताई गई है.
शुक्रवार को कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. हवा की अधिकतम रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक जाने का भी अनुमान है.
बिहार, झारखंड, ओडिशा और मध्य प्रदेश में इस वीकेंड पर धूल भरी आंधी चल सकती है. जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में ओलावृष्टि होने की संभावना है.

पूर्वोत्तर भारत में मानसून की भारी बारिश से बाढ़ का खतरा बढ़ा

पूर्वोत्तर भारत इस समय मानसून के तगड़े प्रभाव में रहने वाला है. मौसम विभाग ने इस पूरे रीजन में व्यापक रूप से बारिश का फोरकास्ट जारी किया है. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है. कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश होने की वजह से जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है. पहाड़ी और संवेदनशील स्थानों पर बाढ़ और लैंडस्लाइड यानी भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है. लोगों को इन क्षेत्रों में यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

दिल्ली में येलो अलर्ट के बाद क्या वीकेंड पर मौसम सुहावना रहेगा

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ मिनिमम टेम्परेचर 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए दोपहर या शाम को थंडरस्टॉर्म का अनुमान लगाया है. इस दौरान हल्की बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.
दिल्ली का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद जताई गई है. दिन के समय तेज सतही हवाएं चलने की वजह से गर्मी से थोड़ी राहत मिलने के आसार हैं. वीकेंड पर इस हल्की बारिश और ठंडी हवाओं के कारण मौसम थोड़ा सुहावना हो सकता है.

उत्तर बंगाल में रेड अलर्ट जारी, क्या नुकसान हो सकता है?

उत्तर बंगाल के कई जिलों में शुक्रवार से ही बारिश का बहुत ही तीव्र दौर शुरू हो चुका है. मौसम विभाग के मुताबिक यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक लगातार बनी रह सकती है.

दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है.
मौसम विभाग ने 20 जून के लिए अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी में रेड अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में कुछ स्थानों पर 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा सकती है.
इसके बाद 21 से 23 जून के बीच कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी रहेगा. वहीं उत्तर दिनाजपुर जिले को अभी येलो अलर्ट के तहत रखा गया है. इस पूरे क्षेत्र में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.

भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ों में लैंडस्लाइड होने की चेतावनी दी गई है. इसके कारण विजिबिलिटी यानी दृश्यता कम हो सकती है और फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है.

पश्चिमी तटीय इलाकों में मानसून की देरी के बाद अब क्या?

थोड़ी देरी के बाद देश के पश्चिमी तट पर आखिरकार मानसून की झमाझम बारिश शुरू होने की उम्मीद है. आने वाले दिनों में यह क्षेत्र देश के सबसे अधिक बारिश वाले हिस्सों में शामिल हो सकता है. कोंकण, गोवा, तटीय कर्नाटक और केरल में भारी से बहुत भारी बारिश का फोरकास्ट जारी किया गया है. इसके अलावा प्रायद्वीपीय भारत के आंतरिक हिस्सों में भी बिखरी हुई बारिश देखने को मिलेगी.

केरल में बारिश और थंडरशावर का यह दौर 24 जून तक लगातार जारी रह सकता है. मल्लपुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में 21 और 22 जून को भारी बारिश की संभावना है. इन सभी जिलों के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी कर दिया है.

आईएमडी के वेदर अलर्ट्स का क्या मतलब होता है?

मौसम विभाग चार तरह के अलर्ट जारी करता है. ग्रीन अलर्ट का मतलब है कि मौसम सामान्य है. येलो अलर्ट का मतलब होता है कि मौसम के खराब होने की आशंका है और आपको अपडेट रहना चाहिए. ऑरेंज अलर्ट का मतलब बहुत खराब मौसम से है जिसके लिए सतर्क रहना जरूरी है. रेड अलर्ट सबसे खतरनाक होता है जिसका मतलब है कि तुरंत सुरक्षा के कदम उठाएं.

उत्तर प्रदेश और मध्य भारत में भीषण हीटवेव का कहर कब तक जारी रहेगा?

देश के बड़े हिस्से में मानसून की एंट्री के बावजूद कुछ राज्यों में हीटवेव का प्रकोप कम नहीं हो रहा है. आईएमडी ने चेतावनी दी है कि पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 24 जून तक हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी. इसी तरह मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तेलंगाना और विदर्भ में 20 जून तक लू का प्रकोप जारी रह सकता है. पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहेगा.

अगले कुछ दिनों में मध्य भारत के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है. इसके बाद ही तापमान में स्थिरता आने की उम्मीद मौसम वैज्ञानिकों ने जताई है. जून के आखिरी हफ्ते में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है.

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