कोटा के बाद बीकानेर में भी मौत, जिंदगी से जंग लड़कर हार गई प्रीति, कांग्रेस ने सिस्टम पर उठाए सवाल

Last Updated:June 19, 2026, 16:19 IST
Bikaner Kidney Failure Case Maternal Death: बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले में इलाजरत प्रसूता प्रीति की मौत हो गई है. वह पिछले करीब एक माह से आईसीयू में भर्ती थी और वेंटिलेटर सपोर्ट पर उपचार चल रहा था. इससे पहले कोटा में पांच प्रसूताओं की मौत हो चुकी है. अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया के अनुसार प्रथम दृष्टया मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर मौत का कारण माना जा रहा है. पिछले महीने प्रसव के बाद छह महिलाओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया था, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू की थी. प्रीति की मौत के बाद एक बार फिर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं. कांग्रेस नेता बिशनाराम सियाग ने इस मौत को अस्पताल की लापरवाही का नतीजा बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.
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बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में प्रसूता प्रीति की हुई मौत
बीकानेर. राजस्थान के बीकानेर संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीबीएम में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है. पिछले दिनों अस्पताल में प्रसव के दौरान छह महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के मामलों के बीच अब एक और दुखद खबर सामने आई है. पीबीएम अस्पताल में भर्ती प्रसूता प्रीति की इलाज के दौरान मौत हो गई. वह पिछले करीब एक माह से अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थी और वेंटिलेटर सपोर्ट पर उसका इलाज चल रहा था. बता दें कि बीकानेर में प्रसूता की किडनी फेल्योर मामले में यह पहली मौत है. इससे पहले कोटा में पांच प्रसूताओं की मौत हो चुकी है.
पीबीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने प्रसूता की मौत की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि प्रारंभिक तौर पर मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर को मौत का कारण माना जा रहा है. हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए चिकित्सकीय स्तर पर विस्तृत जांच की जा रही है. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज को बचाने के लिए लगातार विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार दिया गया, लेकिन उसकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका.
छह महिलाओं की प्रसव के दौरान बिगड़ी थी तबियत
गौरतलब है कि पिछले महीने पीबीएम अस्पताल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में प्रसव के बाद छह महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ने के मामले सामने आए थे. कुछ महिलाओं को गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती करना पड़ा था. इन घटनाओं के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए थे. मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ा था और विभिन्न सामाजिक संगठनों तथा जनप्रतिनिधियों ने इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की थी.
उस दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच समितियों का गठन किया गया था और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमों ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की थी. अस्पताल प्रशासन ने दवाओं, इंजेक्शनों, संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था और उपचार प्रक्रिया की जांच भी करवाई थी. हालांकि जांच रिपोर्ट को लेकर अभी भी कई सवाल बने हुए हैं और परिजन लगातार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
कांग्रेस नेता ने प्रसूता की मौत को बताया अस्पताल की लापरवाही
कांग्रेस नेता बिशनाराम सियाग ने प्रसूता प्रीति की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे पीबीएम अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का परिणाम बताया है. उन्होंने कहा कि प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने की घटनाओं के बाद भी अस्पताल की व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ. यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाते तो शायद ऐसी स्थिति नहीं बनती. सियाग ने राज्य सरकार से पीबीएम अस्पताल की व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय जांच कराने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है. प्रीति की मौत के बाद एक बार फिर पीबीएम अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था चर्चा में आ गई है. अब सभी की नजर जांच प्रक्रिया और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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