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खेती में सिंचाई की समस्या से हैं परेशान? अपनाएं खर्च घटाने वाला ये मॉडल, सब्सिडी भी दे रही सरकार

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खेती में सिंचाई की समस्या से हैं परेशान? अपनाएं ये मॉडल, सरकार दे रही सब्सिडी

Last Updated:June 19, 2026, 15:47 IST

Solar Pump Scheme for Farmers: बढ़ती खेती लागत और बिजली की अनियमित आपूर्ति के बीच सोलर पंप योजना किसानों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बन रही है. राजस्थान और केंद्र सरकार की इस योजना के तहत किसानों को सौर ऊर्जा से संचालित पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे सिंचाई का खर्च कम हो रहा है. कृषि विभाग के अनुसार सोलर पंप से डीजल और बिजली पर होने वाला खर्च बचता है, जबकि समय पर सिंचाई होने से फसल उत्पादन भी बढ़ता है. सरकार पात्र किसानों को सब्सिडी का लाभ दे रही है, जिससे खेती को अधिक लाभदायक और टिकाऊ बनाने में मदद मिल रही है.

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भीलवाड़ा. राजस्थान समेत देशभर में खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है. किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए बिजली, डीजल और अन्य संसाधनों पर भारी खर्च करना पड़ता है. दूसरी ओर कई ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की अनियमित आपूर्ति भी किसानों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है. समय पर सिंचाई नहीं होने से फसलों की उत्पादकता प्रभावित होती है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. ऐसे में केंद्र सरकार और राजस्थान सरकार द्वारा संचालित सोलर पंप योजना किसानों के लिए राहत की बड़ी उम्मीद बनकर सामने आई है.

इस योजना के तहत किसानों को सौर ऊर्जा से संचालित सिंचाई पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे बिना बिजली कटौती और डीजल खर्च की चिंता किए अपनी फसलों को समय पर पानी दे सकते हैं. सौर ऊर्जा आधारित यह तकनीक न केवल किसानों की सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बना रही है, बल्कि खेती की लागत घटाने और आय बढ़ाने में भी मददगार साबित हो रही है. कृषि विभाग का मानना है कि आने वाले समय में सोलर पंप खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. सरकार भी किसानों को सब्सिडी देकर इस योजना से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रही है.

सोलर पंप से घटेगा डीजल और बिजली का खर्च

कृषि विभाग के कृषि अधिकारी कजोड़ मल गुर्जर ने बताया कि सोलर पंप लगने से किसानों को डीजल और बिजली पर होने वाला खर्च काफी हद तक कम हो जाता है. कई किसान आज भी सिंचाई के लिए डीजल पंप का उपयोग करते हैं, जिससे हर सीजन में हजारों रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है. सोलर पंप लगने के बाद सूर्य की रोशनी से ही पंप संचालित होता है और सिंचाई का कार्य आसानी से किया जा सकता है. इससे खेती की लागत कम होने के साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलती है.

सरकार दे रही है सब्सिडी का लाभ

योजना के तहत पात्र किसानों को सरकार की ओर से सब्सिडी का लाभ दिया जाता है. इससे किसानों को सोलर पंप की पूरी लागत स्वयं वहन नहीं करनी पड़ती. किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार विभिन्न क्षमता वाले सोलर पंपों के लिए आवेदन कर सकते हैं. योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास कृषि भूमि होना आवश्यक है और निर्धारित दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होता है.

आवेदन के लिए ये दस्तावेज जरूरी

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे योजना की पूरी जानकारी प्राप्त कर समय पर आवेदन करें. आवेदन के लिए आधार कार्ड, जन आधार कार्ड, भूमि संबंधी दस्तावेज, बैंक खाते की जानकारी और मोबाइल नंबर जैसे आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें. आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से की जाती है. किसान ई-मित्र केंद्र या कृषि विभाग से संपर्क कर भी आवेदन संबंधी सहायता प्राप्त कर सकते हैं.

पानी की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण भी होगा

कृषि अधिकारी कजोड़ मल गुर्जर ने बताया कि वर्तमान समय में कम लागत और कम संसाधनों में खेती करना बेहद जरूरी हो गया है. सोलर पंप न केवल किसानों के खर्च को कम करता है, बल्कि पानी के बेहतर उपयोग और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर अपनी सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाएं. इससे समय पर सिंचाई संभव होगी, फसलों का उत्पादन बढ़ेगा और खेती अधिक लाभदायक बन सकेगी. सरकार की यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

About the Authordeep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

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