Rajasthan

40 हजार नौकरियां, 1200 उद्योग…बदलने वाली है तस्वीर, मारवाड़ में आकार ले रहा मेगा इंडस्ट्रियल हब

Last Updated:June 21, 2026, 16:09 IST

Jodhpur-Pali Industrial Township: पश्चिमी राजस्थान में निवेश और रोजगार को नई गति देने के लिए जोधपुर-पाली के बीच विकसित हो रही औद्योगिक टाउनशिप परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है. करीब 3600 हेक्टेयर क्षेत्र में बनने वाली यह राज्य की सबसे बड़ी औद्योगिक टाउनशिप होगी. यहां मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, आवासीय और सामाजिक सुविधाओं का समेकित विकास किया जाएगा. परियोजना के तहत 1,578 एकड़ विकसित भूमि पर 1,200 से अधिक औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी. 7,500 करोड़ रुपए के निवेश और 40,000 युवाओं को रोजगार का लक्ष्य रखा गया है. बिजली, पानी और सड़क जैसी आधारभूत सुविधाओं पर भी बड़े स्तर पर निवेश किया जा रहा है.

पूर्वी के बाद अब पश्चिमी राजस्थान में निवेश और रोजगार को नई गति देने की तैयारी तेज हो गई है. इस दिशा में जोधपुर-पाली के बीच विकसित हो रही औद्योगिक टाउनशिप परियोजना पर काम शुरू हो चुका है. पहले चरण में सड़क, पानी और बिजली जैसे बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है. सड़कों के विकास के लिए रोहट क्षेत्र में डिमार्केशन (सीमांकन) किया जा रहा है, जबकि जोधपुर के कांकाणी स्थित 400 केवी जीएसएस से बिजली लाइन और कुड़ी से रोहट तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी शुरू हो गया है. परियोजना स्थल पर जेपीएमआईए का कार्यालय भी तैयार किया जा रहा है.

करीब 3600 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित हो रही यह परियोजना राज्य की सबसे बड़ी औद्योगिक टाउनशिप बनने जा रही है. यहां मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग के साथ-साथ आवासीय और सामाजिक सुविधाओं का समेकित विकास किया जाएगा. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के कुशल क्रियान्वयन के लिए राजस्थान इंडस्ट्रियल कॉरिडोर्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड का गठन किया गया है, जिसमें रीको की 51 प्रतिशत और भारत सरकार के राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं क्रियान्वयन ट्रस्ट की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है.

औद्योगिक विशेषज्ञों के अनुसार, पचपदरा रिफाइनरी, वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, अमृतसर-जामनगर हाईवे और तेजी से विकसित होते लॉजिस्टिक नेटवर्क के कारण यह पूरा क्षेत्र निवेश के लिहाज से वैश्विक पटल पर महत्वपूर्ण बन गया है. इसके अलावा, भौगोलिक रूप से बेहद मजबूत स्थिति में होने के कारण लूणी-रोहट-मारवाड़ जंक्शन रेल लाइन के दोहरीकरण का काम भी तेजी से चल रहा है, जिससे इस नए औद्योगिक शहर को भविष्य में सीधी और सुगम रेल कनेक्टिविटी भी मिल सकेगी.

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औद्योगिक क्षेत्र में निर्बाध ऊर्जा और जल आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए विशेष फोकस किया जा रहा है. बिजली ढांचे को सुदृढ़ बनाने के लिए 300 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जा रहे हैं, जिसमें 220 केवी की डबल सर्किट लाइन और उच्च क्षमता के ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे, जो सीधे कांकाणी के 400 केवी जीएसएस से जुड़ेंगे. वहीं उद्योगों की जरूरत के लिए 54 एमएलडी पानी की व्यवस्था की गई है, जिसकी आपूर्ति राजीव गांधी लिफ्ट केनाल से होगी. इसके लिए करीब 175 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है.

राजस्थान की राज्य की इस महत्वाकांक्षी औद्योगिक परियोजना के तहत कुल 1,578 एकड़ विकसित भूमि पर उद्योगों का विकास किया जाएगा. परियोजना की कुल विकास लागत 922 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है. यहां 1,200 से अधिक औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी. इस परियोजना के माध्यम से लगभग 7,500 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव है. साथ ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और करीब 40,000 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. यह परियोजना क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

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