जिस दिल्ली का नाम सिर्फ सुना था, अब वहीं राष्ट्रपति भवन में मिलेगा सम्मान, 5वीं पास भूरी देवी की कहानी है खास

बाड़मेर. दिल्ली का नाम तो बचपन से सुना था लेकिन वहां जाने का सपना कभी देखा तक नहीं था. सीमावर्ती बाड़मेर के हाथला गांव की सरपंच भूरी देवी की जिंदगी में अब वो दिन दूर नही जब 15 अगस्त को देश की राजधानी दिल्ली में उन्हें सम्मानित किया जाएगा. राजस्थान की इकलौती महिला सरपंच के तौर पर चुनी गई भूरी देवी के लिए यह सम्मान जितना खास है उतना ही भावुक कर देने वाला भी है.
भारत-पाक बॉर्डर से महज 3 किलोमीटर दूर बसे हाथला गांव की सरपंच भूरी देवी ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह दिल्ली जाएंगी. 5वीं कक्षा तक पढ़ी भूरी देवी ने अब तक दिल्ली का नाम ही सुना था, लेकिन 15 अगस्त को वही भूरी देवी राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में सम्मानित होंगी. राजस्थान की इस बार सम्मान पाने वाली इकलौती महिला सरपंच भूरी देवी ने बॉर्डर पर बीएसएफ के साथ सामंजस्य बनाकर काम किया और वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत गांव में विकास के कई काम करवाए है.
‘दिल्ली का नाम सुना था, अब खुद जाऊंगी’
भूरी देवी के लिए सम्मान से ज्यादा खास दिल्ली पहुंचने का अनुभव है. वह लोकल18 से खास बातचीत करते हुए बताती हैं कि उन्होंने अब तक दिल्ली के बारे में सिर्फ सुना था. कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन उन्हें खुद दिल्ली जाने का मौका मिलेगा और राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित भी होगी.
हाथला से जोधपुर और फिर फ्लाइट से दिल्ली जाएगी भूरी देवी
फागलिया विकास अधिकारी अणदाराम को उनके दौरे के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है. भूरी देवी हाथला गांव से सड़क मार्ग से जोधपुर पहुंचेंगी. इसके बाद बीएसएफ के सहयोग से फ्लाइट के जरिए दिल्ली के लिए रवाना होंगी. जिस महिला सरपंच ने अब तक दिल्ली का नाम केवल सुना था, वह अब गांव की गलियों से निकलकर सड़क और फिर हवाई सफर करते हुए देश की राजधानी पहुंचेगी.
सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत धरातल पर उतारा
हाथला ग्राम पंचायत की महिला सरपंच भूरी देवी को भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे ग्रामीण इलाके में सरकारी योजनाओं को धरातल पर शत-प्रतिशत लागू करने के लिए राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा जाएगा. उन्होंने केंद्र और राजस्थान सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ गांव की अंतिम ढाणी में बैठे पात्र व्यक्ति तक पहुँचाने का काम किया है. अब 15 अगस्त को जब देश आजादी का जश्न मनाएगा उसी दिन हाथला की भूरी देवी दिल्ली में सम्मान हासिल कर अपने गांव और पूरे सीमावर्ती क्षेत्र का नाम रोशन करेंगी.



