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भरतपुर के इस इलाके ने बदली खेती की तस्वीर! आम-अमरूद उगल रही जमीन, मालामाल हो रहे किसान

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राजस्थान का नया फ्रूट हब बना यह इलाका! आम-अमरूद से मालामाल हो रहे किसान

Last Updated:June 22, 2026, 14:52 IST

Bharatpur Horticulture Growth: भरतपुर जिले के भुसावर और वेर क्षेत्र तेजी से बागवानी के नए केंद्र के रूप में उभर रहे हैं. यहां की उपजाऊ मिट्टी और अनुकूल जलवायु के कारण आम, अमरूद, नींबू, पपीता, कटहल और चीकू जैसी फसलों का उत्पादन बड़े पैमाने पर हो रहा है. किसानों ने पारंपरिक खेती से हटकर बागवानी को अपनाया है, जिससे उनकी आय में भी बढ़ोतरी हुई है. ड्रिप इरिगेशन, उन्नत पौधों और वैज्ञानिक खेती तकनीकों के इस्तेमाल से उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बेहतर हुए हैं. कृषि विभाग की योजनाएं और सरकारी सहायता भी किसानों को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है.

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भरतपुर. राजस्थान के भरतपुर जिले के भुसावर और वेर क्षेत्र अब तेजी से बागवानी के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं. यहां की उपजाऊ मिट्टी, अनुकूल जलवायु और किसानों की मेहनत ने इस इलाके को फल उत्पादन के लिए बेहद उपयुक्त बना दिया है. यही वजह है कि इन क्षेत्रों में आम, अमरूद, नींबू, पपीता, कटहल और चीकू जैसी फसलों की खेती बड़े पैमाने पर की जा रही है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है.कि भुसावर और वेर क्षेत्र की मिट्टी जैविक तत्वों से भरपूर है, जो बागवानी फसलों के लिए अत्यंत लाभदायक होती है.

साथ ही यहां की जलवायु भी इन फलों के विकास के लिए अनुकूल है, जिससे फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बेहतर हो रहे हैं. पिछले कुछ वर्षों में किसानों ने पारंपरिक खेती से हटकर बागवानी की ओर रुख किया है. जिसका उन्हें सीधा आर्थिक लाभ भी मिल रहा है. आधुनिक तकनीकों का उपयोग भी इस बदलाव में अहम भूमिका निभा रहा है. ड्रिप इरिगेशन, उन्नत किस्म के पौधे और वैज्ञानिक तरीकों से खेती करने के कारण उत्पादन में लगातार वृद्धि देखी जा रही है.

क्षेत्र की मिट्टी और जलवायु बागवानी के लिए बेहद अनुकूल है

सरकारी योजनाओं और कृषि विभाग की ओर से मिल रही सहायता भी किसानों को बागवानी अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. भरतपुर के उपनिदेशक कृषि उद्यान योगेश शर्मा ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि वेर, भुसावर, छोकरवाड़ा और बयाना के कई इलाकों में बड़े स्तर पर बागवानी की जा रही है. उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र की मिट्टी और जलवायु बागवानी के लिए बेहद अनुकूल है, जिसके कारण यहां के किसान लगातार इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.

पारंपरिक फसलों की तुलना में अधिक मुनाफा मिल रहा है

किसानों का कहना है कि बागवानी से उन्हें पारंपरिक फसलों की तुलना में अधिक मुनाफा मिल रहा है. साथ ही बाजार में इन फलों की मांग भी अच्छी बनी रहती है, जिससे उनकी आय स्थिर और बेहतर हो रही है. कई किसान अब मिश्रित बागवानी और मल्टी-क्रॉपिंग अपनाकर जोखिम को भी कम कर रहे हैं. भुसावर और वेर क्षेत्र भरतपुर जिले में बागवानी के नए हब के रूप में उभरकर सामने आ रहे हैं. अगर इसी तरह तकनीक सरकारी सहयोग और किसानों की मेहनत जारी रही, तो आने वाले समय में यह क्षेत्र न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश में बागवानी के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है.

About the Authordeep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

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Bharatpur,Rajasthan

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