Rajasthan

ऑपरेशन जल्दी किए… पावटा अस्पताल में आखिर क्या हुआ? डिलीवरी के बाद महिलाओं की तबीयत बिगड़ने से परिजन परेशान

Last Updated:June 22, 2026, 14:47 IST

Women Health Crisis On Ground Report: पावटा अस्पताल में उस समय चिंता और तनाव का माहौल बन गया जब ऑपरेशन के कुछ घंटों बाद कई प्रसूताओं की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. परिजनों का आरोप है कि महिलाओं की हालत खराब होने के बावजूद उन्हें डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला. एक के बाद एक प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने से परिजन घबरा गए और अस्पताल में हंगामे जैसी स्थिति बन गई. परिवारों का कहना है कि उन्हें मरीजों की वास्तविक स्थिति और उपचार संबंधी जानकारी स्पष्ट रूप से नहीं दी गई. इस घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और उपचार प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं. वहीं अस्पताल प्रशासन का पक्ष सामने आने का इंतजार किया जा रहा है. मामले ने स्थानीय स्तर पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया है और परिजन पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.

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जोधपुर: जोधपुर के पावटा स्थित सेटेलाइट अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है. महिलाओं को ब्लीडिंग और ब्लड प्रेशर लो होने की शिकायत के बाद उपचार दिया जा रहा है. इनमें से दो महिलाओं को मथुरादास माथुर अस्पताल रेफर किया गया, जिनमें एक की हालत गंभीर होने पर उसे एम्स भेजा गया है.मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को बंद कर जांच शुरू कर दी गई है. जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरे मामले की पड़ताल कर रही है. मरीज के परिजन ने जानकारी देते हुए बताया.

मरीज के परिजन ने जानकारी देते हुए बताया, मेरी बहन की दो दिन पहले सिजेरियन डिलीवरी हुई थी.ऑपरेशन के समय सभी मरीज सामान्य थे, लेकिन दो-तीन घंटे बाद एक-एक करके महिलाओं की तबीयत बिगड़ने लगी. पहले एक मरीज की हालत खराब हुई, फिर दूसरी, तीसरी और धीरे-धीरे चार मरीजों की हालत एक साथ बिगड़ गई. हम खुद अस्पताल में मौजूद थे. हमें लगा कि ऑपरेशन बहुत जल्दी-जल्दी किए गए और मरीजों को भी जल्दबाजी में वार्ड से कमरों में शिफ्ट किया गया. बाद में मेरी बहन की भी हालत बिगड़ने लगी और उसे काफी ब्लीडिंग होने लगी. हमने डॉक्टरों से जानकारी लेनी चाही, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला. हमें सिर्फ बच्चों को लेकर बाहर जाने के लिए कहा गया. हालत बिगड़ने के बाद भी काफी देर तक खून नहीं चढ़ाया गया.

ऑपरेशन के कुछ समय बाद ही उसे ब्लीडिंग शुरूवहीं मरीज की मौसी ने बताया, मेरी भांजी भी पावटा अस्पताल में भर्ती है. ऑपरेशन के कुछ समय बाद ही उसे ब्लीडिंग शुरू हो गई थी. उसे दो यूनिट खून चढ़ाया गया, लेकिन उसकी हालत ज्यादा खराब हो गई. हम जानकारी लेने अंदर जाते थे तो बाहर भेज दिया जाता था और बाहर रहते थे तो अंदर बुलाया जाता था. चौकीदार भी अंदर नहीं जाने देता था. डॉक्टरों से बात करने की कोशिश करते थे, लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती थी. स्टाफ सिर्फ इतना कहता था कि डॉक्टर आ रहे हैं.

स्थिति में लगातार सुधार हो रहाहालांकि एक अन्य मरीज के परिजन ने बताया, 20 जून को डिलीवरी हुई थी. उनकी तबीयत अच्छी है और उन्हें किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है.बाकी मरीजों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. मेडिकल टीम जांच कर रही है और भर्ती होने के बाद से उनकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है.

About the AuthorJagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें

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