ऑनलाइन पढ़ा कलमा… सवाई माधोपुर की बबीता कैसे बन गई खदीजा? जैश-ए-मोहम्मद के बड़े कमांडरों से कनेक्शन

Last Updated:June 22, 2026, 16:56 IST
Rajasthan Women Terror Connection : जयपुर में बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा गिरफ्तार, जैश-ए-मोहम्मद और जमात-उल-मुमीनात से संपर्क, कारी ज़रार और यूसुफ अज़हर के नंबर मिले, एटीएस जांच में जुटी. सूत्रों के अनुसार बबीता धाकड़ की पहली पहचान प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े बताए जा रहे पाकिस्तानी हैंडलरों से सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी. जांच में सामने आया है कि इसी साल अप्रैल महीने में उसका ऑनलाइन धर्म परिवर्तन कराया गया था. बताया जा रहा है कि पाकिस्तान में मौजूद एक मौलवी ने वीडियो या ऑनलाइन माध्यम से उसे कलमा पढ़ाया था.राजस्थान में आतंकवादी संगठन से जुड़ी महिला ने किया ऑनलाइन धर्म परिवर्तन
जयपुर. जयपुर में एक महिला की गिरफ्तारी की गई. जांच एंजेंसियों ने इस गिरफ्तारी को बहुत गंभीरता से लिया क्योंकि यह मामला कथित तौर पर आतंकवाद से सीधा जुड़ा हुआ लगता है. सुरक्षा एजेंसियों के बीच हलचल बढ़ गई है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक महिला पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन से जुड़े लोगों के संपर्क में रहने का संदेह है. महिला का नाम बबीता धाकड़ है जो धर्म परिवर्तन कर अपना नाम खदीजा रख ली. सवाल ये उठ रहा है कि बबीता खदीजा बनी कैसे? बताया जा रहा है कि उसे ऑनलाइन कलमा पढ़ाकर उसका धर्म परिवर्तन कराया गया है.
बताया जा रहा है कि बबीता धाकड़ लंबे समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए कुछ विदेशी हैंडल्स के संपर्क में थी. जांच एजेंसियों के मुताबिक इसी संपर्क के दौरान उसका झुकाव कट्टर सोच की तरफ बढ़ा. फिलहाल उससे लगातार पूछताछ की जा रही है और उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है.
सोशल मीडिया पर संपर्क और ऑनलाइन धर्म परिवर्तन की जांचसूत्रों के अनुसार बबीता धाकड़ की पहली पहचान प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े बताए जा रहे पाकिस्तानी हैंडलरों से सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी. जांच में सामने आया है कि इसी साल अप्रैल महीने में उसका ऑनलाइन धर्म परिवर्तन कराया गया था. बताया जा रहा है कि पाकिस्तान में मौजूद एक मौलवी ने वीडियो या ऑनलाइन माध्यम से उसे कलमा पढ़ाया था. धर्म परिवर्तन के बाद उसने अपना नाम बदलकर खदीजा रख लिया था. हालांकि धर्म परिवर्तन अपने आप में कोई अपराध नहीं है, लेकिन एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका तो नहीं थी. जांच एजेंसियों के मुताबिक महिला कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग “जमात-उल-मुमीनात” के संपर्क में आई थी. खुफिया सूत्रों का दावा है कि इस विंग की शुरुआत अक्टूबर 2025 में यूसुफ अज़हर उर्फ गोरी ने महिलाओं को ऑनलाइन माध्यम से जोड़ने के मकसद से की थी.
मोबाइल से मिले नंबर और विदेश भागने की कथित योजनाजांच के दौरान महिला के मोबाइल फोन से कुछ ऐसे संपर्क नंबर मिलने की बात सामने आई है जिन्हें सुरक्षा एजेंसियां बेहद संवेदनशील मान रही हैं. इनमें जैश कमांडर कारी ज़रार का नंबर होने का दावा किया जा रहा है, जिसे 2016 के नगरोटा आर्मी कैंप हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है. इसके अलावा यूसुफ अज़हर उर्फ गोरी का नंबर भी मिलने की बात कही जा रही है, जो 1999 के आईसी-814 विमान अपहरण मामले में आरोपी रहा है. एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि महिला को नेपाल, सऊदी अरब और यूएई के रास्ते पाकिस्तान पहुंचने के लिए कथित तौर पर तैयार किया जा रहा था. यात्रा और अन्य खर्चों के लिए क्रिप्टो करेंसी के जरिए धन उपलब्ध कराने की योजना बनाए जाने की भी जांच की जा रही है. फिलहाल एटीएस, मिलिट्री इंटेलिजेंस और अन्य एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और पूछताछ पूरी होने के बाद ही किसी भी भूमिका या आरोप की आधिकारिक पुष्टि की जा सकेगी. अभी तक मामले में अदालत द्वारा किसी आरोप को साबित नहीं माना गया है और जांच एजेंसियां सभी तथ्यों को जुटाने में लगी हुई हैं.
About the AuthorAnand Pandey
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
न्यूजलेटर
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
सबमिट करें
Location :
Jaipur,Jaipur,Rajasthan



