बरसात में गोलगप्पे खाना क्यों ज्यादा रिस्की, एक्सपर्ट ने बताई हैरान करने वाली बात

Last Updated:June 22, 2026, 19:21 IST
Risk of Golgappas in Monsoon: बारिश के मौसम में गोलगप्पे खाना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. अगर गोलगप्पे का पानी कंटामिनेटेड हो, तो उससे फूड पॉइजनिंग का शिकार हो सकते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार मानसून में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से फैलते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग, दस्त और पेट संबंधी इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है.बरसात में गोलगप्पे के पानी में वायरस-बैक्टीरिया पनप जाएं, तो फूड पॉइजनिंग हो सकती है.
Monsoon Street Food Risks: बारिश के मौसम में स्ट्रीट फूड खाने का मजा ही कुछ और है. एक तरफ बूंदों की बौछार और दूसरी तरफ स्ट्रीट फूड का चटपटा स्वाद लोगों को खूब भाता है. सड़क किनारे मिलने वाले मसालेदार और खट्टे-मीठे गोलगप्पे कई लोगों की पहली पसंद होते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स बरसात में स्ट्रीट फूड्स न खाने की सलाह देते हैं, क्योंकि इस दौरान स्ट्रीट फूड्स से कई तरह की परेशानियों का खतरा बढ़ सकता है. मानसून के दौरान गोलगप्पे खाना भी आपकी सेहत के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है. इसलिए गोलगप्पे को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.
नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की फाउंडर और डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने को बताया गोलगप्पे का असली स्वाद मसालेदार पानी में होता है. लोग गोलगप्पा खाने के बाद अलग से पानी पीते हैं. बारिश में इस पानी के कंटामिनेशन यानी दूषित होने का खतरा बढ़ जाता है. अगर गोलगप्पे का पानी साफ और सुरक्षित तरीके से तैयार न किया गया हो, तो इसमें बैक्टीरिया, वायरस या अन्य हानिकारक सूक्ष्मजीव पहुंच सकते हैं. इस पानी से पेट खराब होना, दस्त, उल्टी और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कुछ साल पहले गोलगप्पे के पानी से हैजा फैलने के मामले में सामने आए थे.
एक्सपर्ट के मुताबिक बारिश के मौसम में नमी और तापमान कई प्रकार के बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करते हैं. अगर खाने की सामग्री लंबे समय तक खुले में रखी जाए, तो उसमें संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. सड़क किनारे बिकने वाले गोलगप्पों में इस्तेमाल होने वाले आलू, चने, मसाले और पानी विशेष सावधानी की मांग करते हैं. बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को बरसात के मौसम में स्ट्रीट फूड खाते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. इन लोगों में संक्रमण का खतरा ज्यादा हो सकता है.
डाइटिशियन का कहना है कि ऐसा नहीं है कि मानसून में गोलगप्पे बिल्कुल नहीं खाए जा सकते. अगर गोलगप्पे साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए बनाए गए हों और स्वच्छ पानी का उपयोग किया गया हो, तो इनका आनंद ले सकते हैं. इसके अलावा घर पर बनाए गए गोलगप्पे सुरक्षित विकल्प माने जा सकते हैं. बाहर खाने पर साफ-सफाई और खाद्य सामग्री की क्वालिटी पर ध्यान देना जरूरी है. गोलगप्पे हमेशा साफ और विश्वसनीय दुकान से ही खरीदें. यह सुनिश्चित करें कि पानी ढका हुआ हो और विक्रेता स्वच्छता का पालन कर रहा हो. खाने से पहले और बाद में हाथ साफ करना भी जरूरी होता है.
सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.About the Authorअमित उपाध्याय
अमित उपाध्याय हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
न्यूजलेटर
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
सबमिट करें



