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’50 दिन के पिकनिक जैसा है’, मनोज बाजपेयी मेगा बजट की फिल्मों से क्यों रहते हैं दूर? बताया कैसे चुनते हैं रोल्स

Last Updated:June 23, 2026, 07:36 IST

मनोज बाजपेयी उन कलाकारों में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपने करियर में कभी खुद को एक तरह के किरदार या सिनेमा तक सीमित नहीं रखा. गैंगस्टर से लेकर पुलिस अफसर, आम आदमी से लेकर खलनायक तक, उन्होंने हर तरह के रोल निभाए हैं. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में एक बात साफ नजर आई है कि जहां कई अभिनेता बड़े बजट और मसाला फिल्मों की ओर बढ़ रहे हैं. वहीं मनोज बाजपेयी लगातार कंटेंट आधारित और इंडिपेंडेंट फिल्मों को प्राथमिकता दे रहे हैं.

नई दिल्ली. इन दिनों बॉलीवुड में बड़े बजट की फिल्मों की होड़ है. हर एक्टर बड़े बैनर की भारी-भरकम बजट में बनी फिल्में साइन करना चाहता है, लेकिन मनोज बाजपेयी इस रेस से बाहर हैं. पिछले काफी समय से एक्टर बिग बजट फिल्मों से दूर इंडिपेंडेंट मेकर्स की फिल्मों का रुख कर रहे हैं. (फोटो साभार इंस्टाग्राम bajpayee.manoj)

अब अभिनेता ने खुद बताया है कि आखिर इसकी वजह क्या है. हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में मनोज बाजपेयी ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा खुशी तब मिलती है, जब वह ऐसे किरदार निभाते हैं जिन्हें देखकर लोग हैरान रह जाएं. (फोटो साभार इंस्टाग्राम bajpayee.manoj)

मनोज बजपेयी कहते हैं कि वो हर फिल्म इस उम्मीद से करना चाहते हैं कि जब वो पर्दे पर आएं तो हर कोई बस देखते रह जाए. उनके मुताबिक, अभिनय का असली मजा तभी आता है, जब वह किसी किरदार में पूरी तरह खो जाएं और दर्शकों को कुछ ऐसा देखने को मिले, जिसकी उन्होंने उनसे उम्मीद न की हो. (फोटो साभार इंस्टाग्राम bajpayee.manoj)

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अभिनेता ने कहा कि यही वजह है कि वह अक्सर इंडिपेंडेंट और मिडिल-ऑफ-द-रोड सिनेमा की तरफ खिंचे चले जाते हैं. उनके लिए यह सिर्फ फिल्में करने का मामला नहीं है, बल्कि एक कलाकार के तौर पर खुद को चुनौती देने का तरीका भी है. उन्होंने माना कि ऐसे किरदार निभाने से उन्हें एक अलग तरह की संतुष्टि और उत्साह मिलता है.(फोटो साभार इंस्टाग्राम bajpayee.manoj)

मनोज बाजपेयी ने यह भी स्वीकार किया कि बड़े बजट की फिल्मों का आकर्षण उन्हें भी महसूस होता है. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि कई बार उन्हें लगता है कि क्यों न ऐसी फिल्म कर ली जाए, जहां ज्यादा तनाव न हो, आरामदायक वैनिटी वैन मिले, मनपसंद चीजें खाने को मिलें और 40-50 दिन का काम किसी पिकनिक जैसा महसूस हो. (फोटो साभार इंस्टाग्राम bajpayee.manoj)

उनका कहना था कि बड़े प्रोजेक्ट्स में काम करने का अपना अलग आनंद होता है और यह कहना गलत होगा कि उन्हें कभी ऐसा करने का मन नहीं करता. लेकिन अभिनेता ने साफ किया कि मेहनत करना उनकी आदत और स्वभाव का हिस्सा है. चाहे फिल्म किसी भी स्तर की हो, कैमरे के सामने आने पर वह अपना सौ फीसदी देने की कोशिश करते हैं.(फोटो साभार इंस्टाग्राम bajpayee.manoj)

उन्होंने कहा कि वर्षों तक गंभीर और चुनौतीपूर्ण किरदार निभाने के कारण अब कभी-कभी थकान महसूस होती है, इसलिए बड़े प्रोजेक्ट्स का आकर्षण स्वाभाविक है. मनोज बाजपेयी ने यह भी माना कि कई बार उनके मन में आता है कि एक हल्की-फुल्की कमर्शियल फिल्म की जाए, जिसमें दर्शक भी मनोरंजन करें और उन्हें भी काम का आनंद मिले. अगर फिल्म हिट हो गई तो अच्छी बात है और अगर नहीं चली, तो दर्शक उन्हें माफ भी कर देंगे. (फोटो साभार इंस्टाग्राम bajpayee.manoj)

मनोज बाजपेयी ने साफ किया कि आज भी इंडिपेंडेंट फिल्में ही उनका पहला प्यार हैं. वो चैलेंजिंग रोल्स करना चाहते हैं लेकिन खुदको किसी एक दायरे में बांधकर भी नहीं रखना चाहते हैं. हाल ही में मनोज बाजपेयी ‘गवर्नर’ में दिखे थे. (फोटो साभार इंस्टाग्राम bajpayee.manoj)

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