प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने से मचा बवाल, हेल्थ सेक्रेटरी आधी रात पहुंचीं जोधपुर, संदिग्ध इंजेक्शन पर लगी रोक

Last Updated:June 23, 2026, 08:43 IST
Jodhpur Satellite Hospital Maternity Case: जोधपुर के पावटा स्थित सेटेलाइट अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला गंभीर होता जा रहा है. एक और प्रसूता की हालत चिंताजनक बताई जा रही है, जिसे एम्स रेफर करने की तैयारी की गई है. मामले के बाद चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है. सिजेरियन के दौरान उपयोग किए गए कंपाउंड सोडियम लैक्टेट इंजेक्शन पर संदेह जताते हुए अल्बर्ट डेविड कंपनी के सभी बैचों को फ्रीज कर दिया गया है. दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने तक इनके उपयोग पर रोक लगा दी गई है.
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जोधपुर के पावटा स्थित सेटेलाइट अस्पताल में दूसरी प्रसूता की भी हालत बिगड़ी
जोधपुर: पावटा स्थित सेटेलाइट अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है. एक को तो पहले ही रेफर किया गया था. अब दूसरी प्रसूता की हालत भी चिंताजनक बताई जा रही है और उसे जोधपुर एम्स रेफर करने की तैयारी की जा रही है. इस पूरे मामले के बाद चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है और दवाओं की जांच के साथ-साथ संबंधित इंजेक्शन के उपयोग पर रोक लगा दी गई है.
दूसरी ओर, प्रसूताओं के परिजनों ने स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के उस बयान पर सवाल उठाए हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि पीड़ित महिलाएं पहले से गंभीर बीमारियों से ग्रस्त थीं. परिजनों का कहना है कि संबंधित प्रसूता को पहले कभी कोई गंभीर बीमारी नहीं थी. उसका पहला बच्चा भी सामान्य प्रसव से हुआ था. दूसरी डिलीवरी के दौरान चिकित्सकों की सलाह पर उसे अस्पताल लाया गया, जहां सिजेरियन ऑपरेशन किया गया. परिजनों का आरोप है कि सिजेरियन के बाद ही उसकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी.
ड्रग वेयरहाउस ने अल्बर्ट डेविड कंपनी के इंजेक्शन को किया फ्रिज
मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार, सिजेरियन डिलीवरी के दौरान प्रसूताओं को लगाए गए कंपाउंड सोडियम लैक्टेट इंजेक्शन को लेकर संदेह जताया जा रहा है. इसके बाद ड्रग वेयरहाउस ने अल्बर्ट डेविड कंपनी के इस इंजेक्शन के सभी बैचों को फिलहाल फ्रीज करने के आदेश जारी कर दिए हैं. साथ ही जोधपुर संभाग के सभी सरकारी अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों को इस दवा के स्टॉक का उपयोग रोकने के निर्देश दिए गए हैं. इसके लिए संबंधित संस्थानों को ईमेल भी भेजा गया है.
दवाओं और इंजेक्शनों के नमूने की जांच जारी
ड्रग वेयरहाउस प्रभारी डॉ. राकेश पासी ने बताया कि संबंधित दवाओं और इंजेक्शनों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है. जांच रिपोर्ट आने तक इन बैचों के उपयोग पर पूरी तरह रोक रहेगी. बताया जा रहा है कि इस इंजेक्शन का पहला बैच करीब सात दिन पहले ही अस्पतालों में पहुंचा था.
हेल्थ सेक्रेटिरी गायत्री राठौड़ भी देर रात पहुंची अस्पताल
इधर, मामले को लेकर राज्य सरकार भी सक्रिय हो गई है. स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव गायत्री राठौड़ सोमवार को देर रात करीब 11:30 बजे जोधपुर पहुंचीं. उन्होंने पावटा सेटेलाइट अस्पताल और एम्स में भर्ती प्रसूताओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा विभागीय अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट मांगी. अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने जांच प्रक्रिया और उपचार व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की.
फिलहाल चिकित्सा विभाग मामले की हर पहलू से जांच कर रहा है. दवाओं के नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के पीछे वास्तविक कारण क्या था. इस बीच अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग प्रभावित मरीजों के उपचार और निगरानी पर विशेष ध्यान दे रहा है.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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