Jodhpur News I rajasthan news I ओसियां के सच्चियाय माता मंदिर में बम अलर्ट I

Last Updated:June 23, 2026, 21:04 IST
Sachchiyay Mata Temple: जोधपुर के ओसियां स्थित सच्चियाय माता मंदिर में बम होने की सूचना से पुलिस, दमकल, चिकित्सा विभाग और डॉग स्क्वायड समेत सभी एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई. बाद में पता चला कि यह जिला प्रशासन की मॉक ड्रिल थी, जिसका उद्देश्य आपात स्थिति में विभागों की तत्परता, समन्वय और रिस्पॉन्स सिस्टम की वास्तविक क्षमता को परखना था.सच्चियाय माता मंदिर में मॉक ड्रिल
जोधपुर. ओसियां स्थित विश्व प्रसिद्ध सच्चियाय माता मंदिर में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब मंदिर परिसर में बम होने की सूचना सामने आई. सूचना मिलते ही पुलिस, चिकित्सा विभाग, दमकल विभाग, डॉग स्क्वायड और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तत्काल मौके पर पहुंच गई. मंदिर परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया. अचानक बढ़ी सुरक्षा गतिविधियों को देखकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल बन गया.
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय हो गया. जिला कलेक्टर सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया. अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की निगरानी करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए. मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी सतर्कता के साथ जांच-पड़ताल की. इस दौरान विभिन्न विभागों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखा गया ताकि किसी भी संभावित खतरे से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके.
जांच के बाद सामने आई सच्चाई
काफी देर तक चली जांच और सुरक्षा कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मंदिर में बम होने की सूचना वास्तविक नहीं थी. दरअसल, यह जिला प्रशासन द्वारा आयोजित एक विशेष मॉक ड्रिल थी. इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा और राहत एजेंसियों की तैयारियों को परखना था. प्रशासन यह जानना चाहता था कि बम की सूचना जैसी संवेदनशील परिस्थितियों में विभिन्न विभाग कितनी तेजी, गंभीरता और प्रभावशीलता के साथ प्रतिक्रिया देते हैं.
बिना पूर्व सूचना के आयोजित की गई मॉक ड्रिल
विशेष बात यह रही कि जिला कलेक्टर ने इस मॉक ड्रिल की जानकारी किसी भी विभाग को पहले से नहीं दी थी. इसका उद्देश्य वास्तविक परिस्थितियों जैसा माहौल तैयार करना था, ताकि एजेंसियों की वास्तविक कार्यक्षमता और प्रतिक्रिया समय का सही आकलन किया जा सके. अचानक मिली सूचना के बाद सभी विभागों ने तत्परता दिखाते हुए निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार कार्रवाई की. मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रशासन ने विभिन्न विभागों के रिस्पॉन्स टाइम, आपसी समन्वय, संचार व्यवस्था और कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया. अधिकारियों के अनुसार इस तरह के अभ्यास भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. मॉक ड्रिल ने यह भी साबित किया कि प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं.
About the AuthorMonali Paul
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें
न्यूजलेटर
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
सबमिट करें
Location :
Jodhpur,Rajasthan



