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Sanwaliya Ji Dharamshala News | Sanwaliya Ji Chittorgarh

Last Updated:August 08, 2026, 10:50 IST

Sanwaliya Ji Chittorgarh: चित्तौड़गढ़ के मंडफिया स्थित श्री सांवलियाजी मंदिर की यशोदा विहार, नंद निकेतन और देवकी सदन धर्मशालाओं की हालत जर्जर हो चुकी है. छतों के प्लास्टर और छज्जे टूट कर नीचे गिर रहे हैं, जिससे यहाँ ठहरने वाले श्रद्धालुओं की जान पर खतरा बना हुआ है. मंदिर के भंडार में प्रतिमाह करोड़ों रुपये का दान आने के बावजूद प्रशासनिक लापरवाही के चलते धर्मशालाओं का जीर्णोद्धार नहीं हो पा रहा है. हादसों की आशंका को देखते हुए स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने तुरंत मरम्मत करवाने की मांग उठाई है.

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Amazon Prime DayTop Deals Insideसांवलियाजी की धर्मशालाओं में मौत का खतरा? टूटते छज्जे और गिरता प्लास्टर ZoomSanwaliya Ji Chittorgarh: सांवलिया सेठ की धर्मशालाओं में खतरा, टूटती छतों के नीचे ठहर रहे श्रद्धालु

Chittorgarh: चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया स्थित मेवाड़ के विख्यात कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. भगवान श्री सांवलिया सेठ के दर्शनों के लिए प्रतिदिन देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु पहुँचते हैं. लेकिन मंदिर मंडल द्वारा संचालित विभिन्न धर्मशालाओं की जर्जर स्थिति के कारण यहाँ ठहरने वाले यात्रियों की जान लगातार जोखिम में बनी हुई है. समय रहते जीर्णोद्धार न होने के कारण यह धर्मशालाएं किसी बड़े हादसे का इंतजार करती प्रतीत हो रही हैं.

श्री सांवलियाजी मंदिर मंडल द्वारा श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए यशोदा विहार, नंद निकेतन और देवकी सदन सहित कई बड़ी धर्मशालाओं का संचालन किया जाता है. वर्तमान में इन सभी धर्मशालाओं की हालत बेहद दयनीय हो चुकी है. इमारतों की छतों से सीमेंट का प्लास्टर उखड़ कर नीचे गिर रहा है, वहीं बाहरी छज्जे जर्जर होकर कभी भी गिरने की कगार पर पहुँच चुके हैं. कई कमरों और बरामदों में छत के अंदर का सरिया साफ दिखाई दे रहा है. हालाँकि, अभी तक किसी श्रद्धालु के साथ कोई दुखद हादसा घटित नहीं हुआ है, लेकिन छतों के टूटते हिस्सों को देखकर यात्रियों में डर का माहौल बना रहता है.

करोड़ों के चढ़ावे के बावजूद अव्यवस्था पर उठ रहे सवालसांवलिया सेठ के दरबार में भक्तों की अटूट श्रद्धा है, जिसके चलते मंदिर के दानपात्र (भंडार) से प्रतिमाह करोड़ों रुपये की नगद राशि, सोना और चांदी प्राप्त होता है. देश के समृद्ध मंदिर मंडलों में शुमार होने के बावजूद श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा की ओर ध्यान न दिया जाना बेहद आश्चर्यजनक है. स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं का कहना है कि इतने भारी बजट के बाद भी निर्माण कार्यों का रख-रखाव न होना प्रशासनिक अनदेखी को दर्शाता है. करोड़ों का राजस्व देने वाले इस धाम में बुनियादी सुधारों का ठप होना चिंता का विषय है.

प्रशासन और नेताओं की मौन चुप्पी से श्रद्धालुओं में रोषधर्मशालाओं की इस खस्ताहाल स्थिति को लेकर मंदिर मंडल के संबंधित अधिकारियों, जिला प्रशासन और जन प्रतिनिधियों की चुप्पी से आम जनता और श्रद्धालुओं में गहरा रोष व्याप्त है. श्रद्धालुओं का आरोप है कि व्यवस्थापक केवल अन्य आयोजनों में व्यस्त हैं, जबकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों के विश्राम स्थलों की सुध लेने वाला कोई नहीं है. नागरिकों और श्रद्धालुओं ने मांग की है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना मंदिर मंडल की सभी धर्मशालाओं की तुरंत मरम्मत करवाई जाए और जीर्णोद्धार कार्य शुरू कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Chittaurgarh,Chittaurgarh,Rajasthan

First Published :

August 08, 2026, 10:50 IST

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