प्यार, धर्मांतरण और ब्लैकमेल का खेल, कौन है हिन्दू महिलाओं और लड़कियों को फंसाने की खौफनाक साजिश रचने वाला?

कोटा. राजस्थान के कोटा के उद्योग नगर थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो प्यार के जाल, धर्मांतरण और ब्लैकमेल की कथित साजिश की ओर इशारा कर रहा है. उद्योग नगर थाना पुलिस ने बजरंग दल कार्यकर्ता योगेश रेनवाल की शिकायत पर एक युवक के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने, सोशल मीडिया पर वैमनस्य फैलाने और अश्लील सामग्री रखने समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है. 15 जून को दर्ज शिकायत के बाद पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच में जुटी हुई है. हलांकि कोटा का यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है.
शिकायतकर्ता योगेश रेनवाल का आरोप है कि आरोपी युवक के मोबाइल फोन में हिंदू देवी-देवताओं के प्रतीकों के साथ आपत्तिजनक वीडियो, फोटो और ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली हैं. इन सामग्रियों में न केवल धार्मिक भावनाओं का अपमान किया गया है, बल्कि हिंदू नाबालिग युवतियों और महिलाओं को फंसाने की प्लानिंग का भी खुलासा होता है. रेनवाल ने दावा किया कि आरोपी टेलीग्राम, स्नैपचैट और डिस्कॉर्ड जैसे प्लेटफॉर्म पर सक्रिय चैनलों से जुड़ा हुआ था, जहां हिंदू लड़कियों को प्यार का जाल बिछाकर धर्मांतरण करवाने की रणनीति चलाई जा रही है.
हिंदू युवतियों को ऐसे बनाया जा रहा है शिकार
रेनवाल के अनुसार, यह कथित साजिश “जिहाद अल अकबर” से प्रेरित है. पहले फर्जी आईडी और मीठी बातों से हिंदू युवतियों का विश्वास जीता जाता है, फिर उन्हें सनातन धर्म के खिलाफ उकसाया जाता है. बाद में उनके साथ अश्लील वीडियो बनवाकर ब्लैकमेल किया जाता है. ये वीडियो अन्य चैनलों पर फॉरवर्ड किए जाते हैं, जिससे पीड़िताओं को और अधिक शोषण का सामना करना पड़ता है. कुछ स्क्रीन रिकॉर्डिंग और ऑडियो में कथित तौर पर प्लानिंग, फंडिंग और लंबे समय से चल रही इस गतिविधि का जिक्र मिला है. बजरंग दल का आरोप है कि इन चैनलों को पाकिस्तान से ऑपरेट किया जा रहा है, जिसका मकसद हिंदू धर्म को बदनाम करना, धार्मिक प्रतीकों का अपमान करवाना और हिंदू समाज में नफरत का बीज बोना है.
रणनीति के तहत नाबालिग लड़कियों को बना रहे निशाना
इस मामले में सबसे चिंताजनक बात हिंदू महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाने की कथित रणनीति बताई जा रही है. सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर संपर्क साधा जाता है. प्रेम के बहाने मुलाकातें तय की जाती हैं. फिर वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी जाती है. बजरंग दल का कहना है कि यह नेटवर्क बड़े स्तर पर काम कर रहा है और इसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं. संगठन ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच, सीबीआई या एसआईटी जांच तथा अन्य संदिग्धों की पहचान की मांग की है.
पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की उठी मांग
कोटा जैसे शिक्षा हब में ऐसे मामले पहले भी चर्चा में रहे हैं, जहां युवा पीढ़ी सोशल मीडिया के जाल में फंसकर कथित रूप से धर्मांतरण और शोषण का शिकार हुई है. बजरंग दल के प्रांत संयोजक योगेश रेनवाल ने कहा कि यह देश की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक अखंडता के लिए खतरा है. फर्जी आईडी के जरिए आरएसएस जैसे राष्ट्रीय संगठनों को भी निशाना बनाया जा रहा है. उच्च स्तरीय जांच से पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होना चाहिए.” सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी भी यहां सवालों के घेरे में है. ऐसे चैनल कितने समय से सक्रिय थे, कितनी लड़कियां प्रभावित हुईं और पाकिस्तानी कनेक्शन की पुष्टि क्या है, ये सवाल जांच एजेंसियों को जवाब देना होगा. यह मामला फिलहाल जांच के दायरे में है.
डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है
उद्योग नगर थाना पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और मोबाइल फोन सहित डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने और तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और किन-किन लोगों की भूमिका सामने आती है. फिलहाल यह मामला कोटा में चर्चा का विषय बना हुआ है. वहीं पुलिस का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी डिजिटल साक्ष्यों और तथ्यों की गहन जांच की जाएगी. जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी.



