3500 डीज़ल बसों की होगी छुट्टी! राजस्थान में शुरू होगा EV रोडवेज़ का नया दौर, परिवहन विभाग को मिले निर्देश

Last Updated:June 25, 2026, 16:32 IST
Rajasthan Roadways EV Buses: राजस्थान में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान रोडवेज़ के लिए 300 इलेक्ट्रिक (EV) बसों की पहली खेप को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही राज्य में चल रही लगभग 3500 डीज़ल बसों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बसों में बदलने की योजना पर काम शुरू होगा. सरकार पहले ही शहरों में संचालित सिटी बसों को EV में परिवर्तित करने की पहल कर चुकी है. नई इलेक्ट्रिक बसों के आने से यात्रियों को अधिक आरामदायक, सुरक्षित और प्रदूषण-मुक्त सफर का अनुभव मिलेगा. साथ ही ईंधन खर्च में कमी आने से रोडवेज़ की संचालन लागत भी घटेगी. परिवहन मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए हैं.
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राजस्थान रोडवेज़ में बड़ा बदलाव! 3500 डीज़ल बसों की होगी छुट्टी
जयपुर: राजस्थान में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था एक बड़े और आधुनिक बदलाव के दौर से गुजरने वाली है. प्रदेश की लाइफलाइन कही जाने वाली ‘राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम’ (RSRTC) यानी राजस्थान रोडवेज का अब पूरी तरह से मेकओवर होने जा रहा है. बढ़ते प्रदूषण और भविष्य के ईंधन संकट को देखते हुए सरकार ने पारंपरिक डीजल बसों को धीरे-धीरे चलन से बाहर करने की योजना तैयार कर ली है. अब रोडवेज के बेड़े में जल्द ही चमचमाती पर्यावरण-अनुकूल इलेक्ट्रिक (EV) बसें दौड़ती नजर आएंगी.
वर्तमान समय में राजस्थान रोडवेज के पास सभी श्रेणियों (एक्सप्रेस, डीलक्स, सेमी-डीलक्स) को मिलाकर लगभग 3,500 बसें हैं, जो पूरी तरह डीजल से संचालित होती हैं. वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भविष्य के संकट को भांपते हुए, सरकार ने कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने का फैसला किया है. सीएम भजनलाल शर्मा ने इसकी शुरुआत जयपुर शहर से कर दी है, जहां पहले से ही ई-सिटी बसें सफलतापूर्वक चल रही हैं. अब इसी तर्ज पर रोडवेज के बेड़े को अपग्रेड करते हुए सीएम ने शुरुआती चरण में 300 नई EV बसों को शामिल करने की मंजूरी दी है.
परिवहन विभाग को मिले कड़े निर्देशसीएम की हरी झंडी मिलने के बाद सूबे के परिवहन मंत्री ने विभाग के आला अधिकारियों को इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. बसों की खरीद, रूटों का निर्धारण और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है. विभाग का लक्ष्य है कि बिना किसी देरी के इन आधुनिक बसों को सड़कों पर उतारा जाए ताकि यात्रियों को एक सुगम, शांत और प्रदूषण मुक्त सफर का अनुभव मिल सके.
प्राइवेट सेक्टर भी हुआ रेस में शामिलसबसे अच्छी बात यह है कि सरकारी स्तर पर हो रहे इस बदलाव से प्रेरणा लेकर प्राइवेट सेक्टर भी तेजी से आगे आ रहा है. प्रदेश में अब निजी टूर एंड ट्रेवल्स ऑपरेटर भी अपनी बसों को इलेक्ट्रिक वेरिएंट में बदलने लगे हैं. प्राइवेट और सरकारी दोनों सेक्टर्स में ईवी के प्रति बढ़ते इस रुझान से साफ है कि आने वाले समय में राजस्थान का पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी तरह से ग्रीन एनर्जी पर शिफ्ट हो जाएगा.
हाईवे पर सुधरेगा इंफ्रास्ट्रक्चर, सबको मिलेगा फायदारोडवेज के इस बड़े कदम का सबसे बड़ा फायदा राज्य के बुनियादी ढांचे को मिलेगा. लंबी दूरी के रूटों पर इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए राज्य के प्रमुख हाईवे पर बड़े पैमाने पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे. इस बढ़ते नेटवर्क का सीधा लाभ आम जनता को भी मिलेगा, जो निजी इलेक्ट्रिक कार या दोपहिया वाहनों से सफर करते हैं. हाईवे पर चार्जिंग पॉइंट बढ़ने से प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से बढ़ावा मिलेगा और राजस्थान देश के अग्रणी ‘इको-फ्रेंडली’ राज्यों में शुमार हो जाएगा.
About the AuthorJagriti Dubey
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