Gardening Tips: मानसून से पहले लगा लें ये 2 चमत्कारी पौधे, खाने का बढ़ेगा स्वाद और सेहत को मिलेंगे कई फायदे

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मानसून से पहले लगा लें ये 2 पौधे,खाने का बढ़ेगा स्वाद और सेहत को मिलेंगे फायदे
Last Updated:June 25, 2026, 19:42 IST
Monsoon Gardening Tips: मानसून का मौसम पौधे लगाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. यदि आप घर में किचन गार्डन तैयार करना चाहते हैं, तो मानसून से पहले तुलसी और पुदीना के पौधे जरूर लगाएं. तुलसी को भारतीय घरों में औषधीय गुणों के कारण विशेष महत्व दिया जाता है. यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं से बचाव में मददगार मानी जाती है. वहीं पुदीना भोजन का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाता है. इसकी पत्तियों का उपयोग चटनी, शरबत और कई व्यंजनों में किया जाता है. मानसून की नमी और अनुकूल तापमान इन दोनों पौधों की वृद्धि के लिए बेहद लाभदायक होते हैं. इनकी देखभाल भी आसान होती है और कम जगह में आसानी से उगाए जा सकते हैं.
मोरिंगा का पेड़ काफी फायदेमंद माना जाता है. इसकी फलियां, पत्तियां और फूल कई तरह की आयुर्वेदिक दवाइयों में उपयोग होते है. वहीं इसका पाउडर ऑनलाइन भी पेकिंग होकर बिकता है. कृषि विज्ञान केंद्र की विशेषज्ञ कामिनी पाराशर के अनुसार केंद्र पर सबसे अच्छी किस्म उपलब्ध करवाई जाती है. जिले में महिला किसानों को मोरिंगा और बारहमासी नींबू के पौधे दिए जाते है. किसान जो भी पौधे ले किसी सरकारी संस्थान से लें, ताकि उसकी किस्म सही हो.
बारहमासी नींबू को लगाने का फायदा यह है कि इस पेड़ पर पूरे साल आपको फल मिलेंगे. गर्मियों में नींबू की डिमांड ज्यादा होती है, तब ये फल आपके काफी काम आएगा. आरिश के समय में इसे लगाने से कम मेहनत में ये पेड़ जल्दी ग्रोथ कर लेता है.
बारहमासी नींबू के पौधे को लगाते समय पौधों के बीच पर्याप्त 10 फिट की दूरी रखना चाहिए, ताकि पौधा बढ़ने पर अच्छी तरह चारों तरफ फैल सके. रोपण से पहले अच्छी तरह सदी हुई गोबर खाद डालने से पौधा जल्दी ग्रोथ करता है. वहीं ड्रमस्टिक यानी मोरिंगा का पौधा रोपते समय पौधों के बीच ढाई मीटर की दूरी रखना चाहिए.
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बारिश में नींबू के पौधे को अच्छी ग्रोथ के लिए नामी की जरूरत होती है, लेकिन के तने के आसपास ज्यादा पानी एकत्रित ना होने दें. इससे तने के सड़ने का खतरा बना रहता है. ये पौधा 3 साल में परिपक्व होने के बाद फल देना शुरू कर देता है. नींबू के फल पीले होना शुरू हो जाए, तब इसकी तुड़ाई करनी चाहिए.
मोरिंगा के पौधे को भी शुरुआती समय में थोड़े रख रखाव की जरूरत होती है. बुवाई के बाद नियमित सिंचाई जरूरी है, ताकि पौधे के आसपास नामी बनी रहें. वहीं बारिश में ज्यादा पानी पौधे के आसपास एकत्रित नहीं होने दें. मोरिंगा के पेड़ पर 7–8 महीने में फलियां लगना शुरू हो जाती है. वहीं पत्तियों को तोड़ने के लिए इसकी नियमित छंटाई जरूरी है, ताकि नई पत्तियां शाखाओं पर आती रहे.



