Indian railway | IRCTC | Smocking In Railway

Last Updated:June 25, 2026, 22:14 IST
Indian Railway Fine On Smocking : जोधपुर मंडल में ट्रेन और स्टेशन पर धूम्रपान पर सख्ती, 20 जून 2026 से बढ़े जुर्माने के बाद 5 दिन में 8 यात्रियों से 16 हजार जुर्माना, सीसीटीवी और आरपीएफ से निगरानी. रेलवे अधिनियम, 1989 में जन विश्वास (संशोधन उपबंध) अधिनियम, 2026 के तहत कई महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं. नए प्रावधानों के अनुसार ट्रेन के डिब्बों, शौचालयों, कॉरिडोर और रेलवे स्टेशन परिसर में धूम्रपान करना दंडनीय अपराध माना गया है. ऐसे मामलों में 2 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
जोधपुर. ट्रेन और रेलवे परिसर में धूम्रपान करने वालों के खिलाफ रेलवे ने सख्त रुख अपना लिया है. यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को ध्यान में रखते हुए लागू किए गए नए नियमों का असर जोधपुर मंडल में साफ दिखाई देने लगा है. 20 जून 2026 से बढ़ी हुई दंड व्यवस्था लागू होने के बाद धूम्रपान के मामलों में कमी दर्ज की गई है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सख्ती बढ़ने के साथ यात्रियों में नियमों के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है.
रेलवे द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार नए नियम लागू होने के बाद पिछले पांच दिनों में जोधपुर मंडल क्षेत्र में धूम्रपान करते पकड़े गए 8 यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई की गई. इन सभी से कुल 16 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया. अधिकारियों का कहना है कि पहले ऐसे मामलों की शिकायतें अधिक मिलती थीं, लेकिन अब बढ़े हुए जुर्माने और निगरानी के कारण नियम उल्लंघन की घटनाओं में कमी देखने को मिल रही है. रेलवे का मानना है कि दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता भी इस बदलाव का प्रमुख कारण है.
जन विश्वास अधिनियम के तहत बदले गए नियमरेलवे अधिनियम, 1989 में जन विश्वास (संशोधन उपबंध) अधिनियम, 2026 के तहत कई महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं. नए प्रावधानों के अनुसार ट्रेन के डिब्बों, शौचालयों, कॉरिडोर और रेलवे स्टेशन परिसर में धूम्रपान करना दंडनीय अपराध माना गया है. ऐसे मामलों में 2 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. कई स्थितियों में मौके पर ही जुर्माना वसूलने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान भी रखा गया है. रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है.
सीसीटीवी और आरपीएफ की निगरानी से बढ़ी सख्तीजोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव के अनुसार ट्रेन के भीतर धूम्रपान केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है. बंद कोचों में धुआं अन्य यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनता है और आग लगने जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ा सकता है. नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए रेलवे ने निगरानी तंत्र को मजबूत किया है. स्टेशनों और चयनित रेल परिसरों में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार नजर रखी जा रही है, वहीं रेलवे सुरक्षा बल की टीमें भी नियमित मॉनिटरिंग कर रही हैं. शिकायत मिलने या कैमरों में गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है. रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे रेल परिसरों को धूम्रपान मुक्त बनाए रखने में सहयोग करें.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
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