Butati Dham Nagaur | लकवा मरीजों के इलाज का चमत्कारिक मंदिर

Last Updated:June 25, 2026, 05:46 IST
Butati Dham Nagaur: नागौर जिले का श्री चतुरदास महाराज मंदिर यानी बुटाटी धाम लकवा मरीजों के लिए चमत्कारिक आस्था का केंद्र है. मान्यता है कि यहां लगातार सात दिन आरती में शामिल होने से लकवा मरीज ठीक हो जाते हैं. मंदिर में मरीजों और उनके परिजनों के लिए नि:शुल्क आवास और भोजन की अनूठी व्यवस्था है. प्रतिदिन 500 से अधिक श्रद्धालु स्वयं भोजन बनाने और सफाई का जिम्मा उठाते हैं. समिति अध्यक्ष देवेंद्र सिंह के अनुसार रोज 3000 लोगों को भोजन मिलता है. यह धाम सेवा और मानवता की मिसाल है.
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Nagaur: नागौर जिले में स्थित प्रसिद्ध श्री चतुरदास महाराज मंदिर आज देशभर में एक चमत्कारी जगह के रूप में प्रसिद्ध हो चुका है. इस पवित्र स्थान को बुटाटी धाम के नाम से जाना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस स्थान पर लकवा से पीड़ित मरीजों का चमत्कारिक रूप से इलाज होता है. यहां यह दावा किया जाता है कि लकवा ग्रस्त मरीज अगर लगातार सात दिन तक मंदिर की आरती में पूरी श्रद्धा के साथ शामिल होता है तो वह पूरी तरह से ठीक हो जाता है. इसी गहरी आस्था और मान्यता के कारण यहां हर दिन लकवा मरीजों और उनके परिजनों की भारी भीड़ रहती है. यहां केवल राजस्थान राज्य से ही नहीं बल्कि देश के कोने-कोने से परिजन अपने लकवा ग्रस्त मरीजों को लेकर उम्मीद के साथ आते हैं.
चमत्कारिक इलाज के साथ ही यह जगह अपनी अनूठी सेवा व्यवस्था के लिए भी देशभर में एक खास पहचान रखती है. लकवा से पीड़ित मरीजों और उनके साथ आने वाले परिजनों के लिए यहां रहने और भोजन की व्यवस्था मंदिर समिति की तरफ से पूरी तरह नि:शुल्क की जाती है. इस व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि इस विशाल व्यवस्था को संचालित करने में श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी रहती है. मंदिर परिसर में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु सेवा कार्यों में पूरे समर्पण के साथ जुटे रहते हैं. करीब 500 से अधिक श्रद्धालु हर दिन विभिन्न प्रकार की जिम्मेदारियां संभालते हैं और सात दिवसीय परिक्रमा पूरी कर लौटने वाले भक्तों की जगह नए श्रद्धालु तुरंत सेवा कार्यों में शामिल हो जाते हैं. इसी क्रम से सेवा का यह अद्भुत सिलसिला बिना रुके लगातार चलता रहता है.
आधुनिक सुविधाओं और श्रमदान का संगम है भोजनशालामंदिर की भोजनशाला में सुबह से ही श्रद्धालुओं की अलग-अलग टोलियां भोजन तैयार करने के काम में जुट जाती हैं. कोई सेवादार सब्जियां काटता है तो कोई बड़े-बड़े बर्तनों में भोजन पकाने का काम करता है. यहां आधुनिक सुविधाओं और श्रद्धालुओं के श्रमदान का अनूठा संगम देखने को मिलता है. रोटी बनाने के लिए मंदिर में तीन मशीनें स्थापित की गई हैं, जिन पर श्रद्धालु स्वयं रोटियां सेकते हैं और उन्हें व्यवस्थित करते हैं. वहीं दूसरी ओर सब्जियां पकाने के लिए लकड़ी की भट्टियों का उपयोग किया जाता है. मंदिर परिसर में ही लगी आटा पीसने की चक्की पर भी श्रद्धालु अपनी निःस्वार्थ सेवाएं देते हैं, जिससे प्रतिदिन भोजन के लिए ताजा और शुद्ध आटा उपलब्ध हो सके.
पारिवारिक माहौल और आध्यात्मिक शांति का केंद्रसेवा कार्यों में जुटे श्रद्धालुओं का कहना है कि बुटाटी धाम में आकर किसी अनजान स्थान का बिल्कुल भी एहसास नहीं होता. यहां सभी लोग एक परिवार की तरह मिल-जुलकर कार्य करते हैं. भोजन बनाना, परोसना और अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग करना उनके लिए केवल सेवा का कार्य नहीं है, बल्कि यह आध्यात्मिक संतोष प्राप्त करने का एक बड़ा माध्यम भी है. उनका यह दृढ़ मानना है कि इस प्रकार निःस्वार्थ भाव से की गई सेवा से उन्हें अपार मानसिक शांति और आत्मिक आनंद की प्राप्ति होती है.
स्वच्छता, अनुशासन और मानवता की मिसालमंदिर में श्रद्धालुओं का योगदान केवल भोजन व्यवस्था तक ही सीमित नहीं है. सात दिवसीय परिक्रमा के दौरान यहां आने वाले भक्त मंदिर परिसर की साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखते हैं. परिसर में झाड़ू लगाने, कचरा एकत्र करने और पूरे स्थान को स्वच्छ बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी श्रद्धालु स्वयं अपनी इच्छा से करते हैं. यही मुख्य कारण है कि मंदिर परिसर में स्वच्छता और अनुशासन की एक बेहतरीन मिसाल देखने को मिलती है. मंदिर समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने बताया कि बुटाटी धाम में प्रतिदिन करीब तीन हजार श्रद्धालुओं और मरीजों के लिए सुबह की चाय-नाश्ते से लेकर दोनों समय के भोजन की व्यवस्था की जाती है. सीमित कर्मचारियों के बावजूद श्रद्धालुओं के अपार सहयोग से यह विशाल सेवा कार्य सुचारू रूप से संचालित होता है. बुटाटी धाम आज केवल आस्था का केंद्र मात्र नहीं है, बल्कि यह सामूहिक सेवा, सहयोग और मानवता की एक बड़ी मिसाल बनकर उभर रहा है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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Location :
Nagaur,Nagaur,Rajasthan



