Visa Free Country: दुनिया का ऐसा देश जहां बिना वीजा के मिलती है एंट्री, बिना रोक-टोक घूमने के लिए मिलेंगे पूरे 30 दिन

बगदाद: दुनिया के नक्शे पर एक ऐसा भी देशा है, जहां घूमने के लिए आपको न तो दूतावास के चक्कर काटने पड़ेंगे, न भारी-भरकम कागजी कार्रवाई की टेंशन होगी और न ही महीनों तक वीजा अप्रूवल का इंतजार करना पड़ेगा. सुनने में ये भले ही नामुमकिन लगे, लेकिन कड़े नियमों वाली दुनिया में भी एक ऐसा देश मौजूद है जिसने अपने दरवाजे पूरी दुनिया के लिए खोल रखे हैं. इस देश की सबसे हैरान कर देने वाली बात ये है कि यहां जाने के लिए आपको किसी वीजा की जरूरत नहीं है. सिर्फ आगे की यात्रा के दस्तावेज या वापसी की टिकट से काम चल जाता है.
पासपोर्ट जेब में डालो और निकल पड़ो
आज के दौर में एक देश से दूसरे देश जाने के लिए लोगों को अपनी पूरी कुंडली और बैंक बैलेंस दिखाना पड़ता है, वहीं प्रशांत महासागर की गोद में एक ऐसा देश माइक्रोनेशिया है जिसे किसी के बैकग्राउंड से कोई फर्क नहीं पड़ता. ये देश लगभग हर देश के नागरिक को बिना किसी रोक-टोक के अपने यहां आने की इजाजत देता है.
आमतौर पर अमेरिकी या ब्रिटिश नागरिकों को कई देशों में आसानी से एंट्री मिल जाती है, लेकिन उत्तर कोरिया के नागरिकों के लिए दुनिया के दरवाजे बंद रहते हैं. मगर इस माइक्रोनेशिया की खूबसूरती यही है कि इसके लिए यूएसए, ब्राजील, यूके और उत्तर कोरिया का पासपोर्ट एक बराबर है. यहां आने के लिए आपको किसी एम्बेसी में इंटरव्यू देने की लाइन में नहीं लगना पड़ता. हफ्तों तक डाक्यूमेंट्स तैयार करने और अप्रूवल के लिए महीनों घुटने टेकने की मजबूरी यहां पूरी तरह खत्म हो जाती है.
जितना खूबसूरत उतना गुमनाम है माइक्रोनेशिया
आज की तारीख में जहां हर देश अपनी सीमाओं को और ज्यादा सुरक्षित और सख्त बना रहा है, वीजा के नियम लगातार कड़े होते जा रहे हैं, वहां इस तरह का खुलापन किसी चमत्कार से कम नहीं है. आम तौर पर लोग इस देश के बारे में तब तक नहीं जान पाते जब तक कि वे या तो दुनिया का नक्शा बहुत करीब से न देख रहे हों. माइक्रोनेशिया जितना खूबसूरत है, उतना ही गुमनाम है. ये प्रशांत महासागर में स्थित एक छोटा सा द्वीप देश है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और हैरान कर देने वाली रूप से उदार वीजा नीति के लिए जाना जाता है.
प्रशांत महासागर की गोद में बसा माइक्रोनेशिया चार राज्यों, याप, चूक, पोनपेई और कोस्राए से मिलकर बना एक बेहद खूबसूरत देश है, जो अपने अनोखे इतिहास और प्राकृतिक बनावट के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है. यहां के ‘याप’ द्वीप पर आज भी सदियों पुरानी परंपरा के तहत दुनिया की सबसे अनोखी और भारी-भरकम करेंसी ‘राय पत्थरों’ का इस्तेमाल किया जाता है, जो पत्थर के बने बड़े-बड़े पहिए होते हैं और इन्हें हिलाना भी नामुमकिन होता है. इसके अलावा, पोनपेई द्वीप पर ‘नान मदोल’ नाम का एक प्राचीन शहर पानी के ऊपर बसा हुआ है, जिसे बेसॉल्ट के भारी पत्थरों से बनाया गया था और इसे रहस्यमयी बनावट के कारण ‘प्रशांत महासागर का वेनिस’ भी कहा जाता है.
रणनीतिक रूप से इस देश को ‘कॉम्पैक्ट ऑफ फ्री एसोसिएशन’ समझौते के तहत अमेरिकी सेना प्रोटेक्ट करती है और यहां का चूक लैगून द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान डूबे जापानी जहाजों और विमानों के मलबे के कारण आज दुनिया के सबसे मशहूर स्कूबा डाइविंग स्थलों में से एक माना जाता है.
30 दिनों तक आराम से ठहर सकते हैं टूरिस्ट
माइक्रोनेशिया की ये नीति केवल कागजों पर नहीं है, बल्कि ये अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को एक बेहतरीन अनुभव देती है. जब कोई पर्यटक यहां पहुंचता है तो उसे अपनी छुट्टियां बिताने या इस खूबसूरत आइलैंड को एक्सप्लोर करने के लिए पूरा समय दिया जाता है.
30 दिनों का स्टे: यहां आने वाले मेहमानों को आम तौर पर पूरे 30 दिनों यानी लगभग 1 महीने तक रहने की अनुमति मिलती है. इतने लंबे समय तक बिना वीजा के रहने की आजादी दुनिया का शायद ही कोई दूसरा देश देता हो.
दुनिया का सबसे आसान देश: अपनी इसी अनोखी और मेहमाननवाज नीति के कारण माइक्रोनेशिया को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए प्रवेश करने के लिहाज से दुनिया के सबसे आसान देशों की सूची में सबसे ऊपर रखा जाता है.



