Sainik School Fees Admission Rules: सैनिक स्कूल की फीस कितनी है? क्या लड़कियां मुफ्त में पढ़ाई कर सकती हैं?

Last Updated:June 26, 2026, 14:00 IST
Sainik School Admission Rules: क्या सैनिक स्कूल में पढ़ाई करने वाले बच्चों से फीस नहीं ली जाती? अक्सर लोगों के मन में यही सवाल रहता है. इसके साथ ही पेरेंट्स यह भी जानना चाहते हैं कि सेना में अफसर बनने के लिए क्या उनकी बेटी भी सैनिक स्कूल से पढ़ाई कर सकती है. जानिए इन सवालों के जवाब.Sainik School Fees: सैनिक स्कूल की फीस को लेकर कई सवाल रहते हैं
नई दिल्ली (Sainik School Admission Rules). देश के कई पेरेंट्स अपने बच्चे को सेना में अफसर बनाने का सपना देखते हैं. अनुशासित माहौल और बेहतरीन करियर की बात आते ही दिमाग में सबसे पहला नाम ‘सैनिक स्कूल’ का कौंधता है. लेकिन जैसे ही एडमिशन की बात आगे बढ़ती है, मन में कई तरह के सवाल तैरने लगते हैं. सबसे बड़ा कंफ्यूजन तो यही होता है कि क्या सैनिक स्कूल में पढ़ाई पूरी तरह मुफ्त होती है? या फिर इसके लिए मोटी फीस चुकानी पड़ती है?
समय के साथ सैनिक स्कूलों के नियम-कायदों में काफी बदलाव आए हैं. कुछ साल पहले तक सैनिक स्कूल में सिर्फ लड़कों को ही एडमिशन मिलता था. लेकिन अब ऐसा नहीं है. आज देश की बेटियां भी इन स्कूलों में न सिर्फ कदम रख रही हैं, बल्कि सेना में ऊंचे पदों पर जाने की तैयारी भी कर रही हैं. अगर आप भी अपने बच्चे का एडमिशन सैनिक स्कूल में करवाना चाहते हैं तो जानिए फीस, स्कॉलरशिप और लड़कियों के दाखिले से जुड़े जरूरी और नए नियम.
क्या सैनिक स्कूल में मुफ्त में पढ़ाई होती है?
इसका जवाब है- नहीं, सैनिक स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह मुफ्त नहीं होती है. यह रेजिडेंशियल (आवासीय) स्कूल व्यवस्था है. इसलिए यहां ट्यूशन फीस के साथ-साथ हॉस्टल, मेस (खाने-पीने), कपड़े और अन्य एक्टिविटीज का खर्च शामिल होता है. औसतन सैनिक स्कूल में 1 साल का खर्च 1.5 लाख रुपये से लेकर 1.8 लाख रुपये तक जा सकता है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि गरीब या मिडिल क्लास बच्चे यहां नहीं पढ़ सकते. सरकार इसके लिए कई तरह की स्कॉलरशिप (छात्रवृत्ति) देती है.
क्या सैनिक स्कूल में स्कॉलरशिप मिलती है?
सैनिक स्कूल सोसाइटी (SSS), रक्षा मंत्रालय और विभिन्न राज्य सरकारें बच्चों की पढ़ाई के लिए भारी-भरकम स्कॉलरशिप देती हैं.
मेरिट-कम-मीन्स स्कॉलरशिप: जिन परिवारों की सालाना आय कम है और बच्चे के नंबर अच्छे हैं, उन्हें ट्यूशन फीस में 25% से लेकर 100% तक की छूट मिल जाती है.
कैटेगरी आधारित छूट: अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के बच्चों को राज्य सरकारों की तरफ से खास वित्तीय मदद मिलती है.
डिफेंस कोटा: सेना में काम कर रहे या रिटायर हो चुके जवानों (JCOs/ORs) के बच्चों को भी रक्षा मंत्रालय की तरफ से फीस में राहत दी जाती है.
लड़कियों को सैनिक स्कूल में एडमिशन कैसे मिलता है?
साल 2021 से रक्षा मंत्रालय ने देश के सभी सैनिक स्कूलों में लड़कियों के एडमिशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अब बेटियां भी ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्रेंस एग्जाम (AISSEE) पास करके यहां दाखिला ले सकती हैं. लड़कियों के लिए हर सैनिक स्कूल में कुल सीटों का करीब 10% या न्यूनतम 10 सीटें (जो भी ज्यादा हो) आरक्षित होती हैं.
उम्र और क्लास की जरूरी शर्तें
लड़कियों के लिए एडमिशन के नियम लड़कों के समान ही हैं:
कक्षा 6 में एडमिशन: बच्ची की उम्र दाखिले वाले साल की 31 मार्च को 10 से 12 वर्ष के बीच होनी चाहिए. वह किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ रही हो या पास कर चुकी हो.
कक्षा 9 में एडमिशन: उम्र 13 से 15 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वह 8वीं कक्षा पास कर चुकी हो. हालांकि, कक्षा 9 में लड़कियों का एडमिशन उस स्कूल में सीटों की उपलब्धता पर निर्भर करता है.
सिर्फ लिखित परीक्षा काफी नहीं, मेडिकल भी है जरूरी
सैनिक स्कूल में एंट्री के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तरफ से आयोजित लिखित परीक्षा को पास करना तो पहला कदम है. इसके बाद मेडिकल टेस्ट होता है. सैनिक स्कूल का रूटीन काफी कठिन होता है. इसलिए बच्ची का शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह फिट होना अनिवार्य है. लिखित परीक्षा और मेडिकल टेस्ट, दोनों के नंबरों के आधार पर फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार होती है, जिसके जरिए लड़कियों को उनके अलग कोटा से सीट आवंटित की जाती है.
About the AuthorDeepali PorwalSenior Sub Editor
Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें
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