फिर निशाने पर आ सकते है गौतम गंभीर, रिजेक्शन किया तो रडार पर होंगे हेड कोच, जो नहीं खेलेंगे उसको कैसे झेलेंगे?

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फिर निशाने पर आ सकते है गौतम गंभीर, रिजेक्शन किया तो रडार पर होंगे हेड कोच
Last Updated:June 26, 2026, 14:25 IST
हेड कोच का सिरदर्द बढ़ाने के लिए टॉप ऑर्डर के दावेदार सबसे आगे खड़े है. अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन जैसे खिलाड़ी हैं जो ओपनिंग करने के लिए तैयार हैं. अगर ईशान को फिलहाल नंबर 3 के रूप में देखा जाए, तब भी तीन ऐसे खिलाड़ी हैं जो सभी प्लेइंग इलेवन में जगह पाने के हकदार हैंप्लेइंग XI को लेकर फिर ट्रोल हो सकेत हा टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर
नई दिल्ली. हम अक्सर सुनते हैं कि जब किसी टीम के पास भरपूर प्रतिभा होती है तो चयन एक ‘अच्छी समस्या’ बन जाता है लेकिन सच कहें तो यह समस्या इतनी सुखद नहीं होती, क्योंकि आखिर में आपको ऐसा फैसला लेना पड़ता है जिससे किसी एक बेहतरीन खिलाड़ी को मौका नहीं मिल पाता और फिलहाल भारत इसी स्थिति में है. नए सीजन के आगाज के साथ ही हेड कोच गौतम गंभीर के लिए सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग इलेवन चुनना नहीं, बल्कि योग्य खिलाड़ियों को संभालना भी होगा.
हेड कोच का सिरदर्द बढ़ाने के लिए टॉप ऑर्डर के दावेदार सबसे आगे खड़े है. अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन जैसे खिलाड़ी हैं जो ओपनिंग करने के लिए तैयार हैं. अगर ईशान को फिलहाल नंबर 3 के रूप में देखा जाए, तब भी तीन ऐसे खिलाड़ी हैं जो सभी प्लेइंग इलेवन में जगह पाने के हकदार हैं. आप टॉप ऑर्डर में अभिषेक या संजू में से किसी एक को कैसे बाहर कर सकते हैं? अभिषेक ने पिछले डेढ़ साल में भारत के टी20 खेलने के तरीके को बदल दिया है, वहीं संजू हाल ही में खत्म हुए वर्ल्ड कप में ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ रहे. सिर्फ आईपीएल प्रदर्शन के आधार पर आप इनमें से किसी को कैसे ड्रॉप कर सकते हैं?
गौतम के सामने ‘गंभीर’ चुनौती
सोशल मीडिया से लेकर फैेस के बीच में सबसे बड़ा सवाल यहीं है कि वैभव को डेब्यू देने से कैसे रोक सकते हैं? वह शानदार फॉर्म में हैं भले ही उनके मामले में आईपीएल मुख्य पैमाना हो, लेकिन हाल ही में श्रीलंका में फाइनल मुकाबलों में भी उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया है. फिलहाल वह सबसे ज्यादा चर्चा में हैं और उनकी प्रतिभा पर कोई शक नहीं है. वह डेब्यू के हकदार हैं, लेकिन किसकी जगह? और अगर उन्हें मौका मिलता है, तो आप संजू या अभिषेक को बाहर करने का फैसला कैसे सही ठहराएंगे?यह हाल के समय के सबसे कठिन चयन फैसलों में से एक है और यह पूरी तरह प्रदर्शन के आधार पर है.
इन सभी खिलाड़ियों को टीम में जगह मिलनी चाहिए और दुनिया के लगभग किसी भी अन्य देश में ये सीधे प्लेइंग इलेवन में शामिल हो जाते और उन्हें लंबा मौका मिलता लेकिन यहां हर फैसले पर लगातार नजर और सवाल बने रहेंगे. मान लीजिए वैभव बाहर बैठते हैं और अभिषेक या संजू में से कोई एक कुछ मैचों में फेल हो जाता है, तो बदलाव का दबाव बढ़ जाएगा. वहीं अगर वैभव को मौका मिलता है और वह प्रदर्शन नहीं कर पाते, तो यह सवाल उठेगा कि भारत ने संजू या अभिषेक की जगह उन्हें क्यों चुना.
हेड कोच को करनी होगी बातचीत
गौतम गंभीर इस फैसले के लिए सबसे सही व्यक्ति हैं. वह अपने अनुभव और समझ पर भरोसा करेंगे, भावनाओं में बहकर फैसला नहीं लेंगे और यही सही तरीका भी है. फैसला लेने के बाद उस खिलाड़ी से बातचीत करना जरूरी है जिसे मौका नहीं मिला. उसे यह समझाना होगा कि उसे इंतजार क्यों करना पड़ेगा. यहीं पर आईपीएल को बहुत बड़ा श्रेय देना चाहिए. दो दशकों में इस लीग ने भारत के टी20 क्रिकेट को पूरी तरह बदल दिया है. प्रतिभा का भंडार बहुत बड़ा हो गया है और नई प्रतिभाओं की लाइन लगातार मजबूत होती जा रही है. इस गहराई को देखकर साफ है कि भारत आने वाले दशक में इस फॉर्मेट पर राज कर सकता है.
भले ही इस समय हर कोई वैभव की बात कर रहा हो, यह याद रखना जरूरी है कि अभिषेक का अंतरराष्ट्रीय करियर भी अभी शुरुआती दौर में है और अगर संजू नहीं होते, तो भारत मार्च में वर्ल्ड चैंपियन नहीं बन पाता. सच्चाई यह है कि लोगों की याददाश्त छोटी होती है और उनका नजरिया जल्दी बदलता है इन सभी खिलाड़ियों को यह समझना होगा और आयरलैंड दौरे पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा.
About the AuthorRajeev MishraAssociate editor
मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें
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