तोलियासर गांव के सरकारी स्कूल में खुलते ही मची अफरा-तफरी, टूटी मिलीं जर्जर कमरे की पट्टियां, बच्चों को वापस भेजा घर

Last Updated:June 29, 2026, 11:27 IST
Bikaner Government School Damaged: बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ स्थित तोलियासर गांव के सरकारी स्कूल में पहले ही दिन जर्जर कमरे की पट्टियां टूटी मिलने से हड़कंप मच गया. स्कूल खुलने से पहले पट्टियां गिरने के कारण कोई जनहानि नहीं हुई और बड़ा हादसा टल गया. स्कूल के कई कमरे जर्जर होने के कारण आक्रोशित ग्रामीणों ने बच्चों को सुरक्षा के लिहाज से वापस घर भेज दिया है और प्रशासन से अविलंब मरम्मत की मांग की है.
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Bikaner News: श्रीडूंगरगढ़ के तोलियासर स्कूल में पहले ही दिन मचा हड़कंप, जर्जर छत की पट्टियां गिरीं
बीकानेर: बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और डराने वाली खबर सामने आई है, जहां गर्मी की लंबी छुट्टियों के बाद आज से खुले सरकारी स्कूल में पहले ही दिन एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल टल गया. क्षेत्र के तोलियासर गांव में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के ताले जैसे ही आज सुबह शिक्षकों ने खोले, तो अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए. स्कूल के एक मुख्य कक्षा-कक्ष (कमरे) की छत की पट्टियां पूरी तरह से टूटी हुई जमीन पर मलबे के रूप में बिखरी मिलीं.
गनीमत यह रही कि यह हादसा स्कूल खुलने से पहले यानी छुट्टियों के दौरान किसी समय घटित हुआ, जिसके कारण घटना के वक्त कमरे में कोई मौजूद नहीं था और कोई जनहानि नहीं हुई. यदि यह पट्टियां आज स्कूल लगने के दौरान या कक्षा संचालन के समय टूटतीं, तो कई मासूम बच्चे इसकी चपेट में आ सकते थे और एक बड़ी त्रासदी हो सकती थी.
स्कूल के कई कमरे हुए जर्जर; आक्रोशित ग्रामीणों ने बच्चों को सुरक्षा के लिहाज से भेजा घरजैसे ही तोलियासर स्कूल के कमरे की पट्टियां टूटी होने की सूचना गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक आक्रोशित होकर स्कूल परिसर में एकत्र हो गए. ग्रामीणों ने स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग के खिलाफ गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय भवन के कई अन्य कमरे भी पूरी तरह जर्जर और खोखले हो चुके हैं, जिनकी छतें कभी भी जमींदोज हो सकती हैं.
मानसून की शुरुआत में बच्चों की जान को सीधा खतरा देखते हुए ग्रामीणों ने मौके पर ही एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया. उन्होंने स्कूल पहुंचे सभी छात्र-छात्राओं को सुरक्षा के लिहाज से तुरंत उनके घर वापस भेज दिया. ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी मौके पर आकर इन जर्जर कमरों और छतों की पूरी तरह मरम्मत नहीं करवाते और लिखित में सुरक्षा की गारंटी नहीं देते, तब तक वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे. इस घटना ने सत्र के पहले ही दिन स्कूल भवनों की सुरक्षा व्यवस्था और विभाग के दावों की पोल खोलकर रख दी है.
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Bikaner,Bikaner,Rajasthan



