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बिना फिलिप्स, जेमीसन और हेनरी के न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 160 रनों से रौंदा, सीरीज 2-1 से की अपने नाम, बना दिया रिकॉर्ड

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बिना फिलिप्स, जेमीसन और हेनरी के न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 160 रनों से रौंदा

Last Updated:June 29, 2026, 19:15 IST

पहला टेस्ट हारने के बाद जोरदार वापसी करते हुए न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में 160 रनों की ऐतिहासिक जीत दर्ज की. मुख्य खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में कीवी टीम ने सीरीज पर 2-1 से कब्जा कर क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है.बिना फिलिप्स, जेमीसन और हेनरी के न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 160 रनों से रौंदाZoomतीसरे टेस्ट में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 160 रन से हराकर सीरीज 2-1 से अपने नाम की

नई दिल्ली. क्रिकेट में अक्सर कहा जाता है कि चैंपियन टीमें परिस्थितियों और बड़ी से बड़ी मुश्किलों से पार पाकर ही निखरती हैं. न्यूजीलैंड की मौजूदा टेस्ट टीम ने इंग्लैंड की धरती पर कुछ ऐसा ही करिश्मा कर दिखाया है. सीरीज के पहले मैच में करारी शिकस्त झेलने के बाद, किसी ने नहीं सोचा था कि कीवी टीम इस कदर वापसी करेगी.

पहला टेस्ट हारने के बाद जोरदार वापसी करते हुए न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में 160 रनों की ऐतिहासिक जीत दर्ज की. मुख्य खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में कीवी टीम ने सीरीज पर 2-1 से कब्जा कर क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है. दूसरी पारी में शतक लगाने वाले डेरेल मिचेल को मैन आफ दि मैच चुना गया. ज्योफ्रा ऑर्चर प्लेयर आफ दि सीरीज रहे.

बड़े सितारों के बिना ‘युवा ब्रिगेड’ का महा-चमत्कार

इस जीत की सबसे खास और हैरान करने वाली बात यह रही कि न्यूजीलैंड ने यह मुकाबला अपने तीन सबसे इन्फॉर्म और मैच-विजेता खिलाड़ियों के बिना जीता. दूसरे टेस्ट मैच के हीरो रहे ग्लेन फिलिप्स, घातक तेज गेंदबाज मैट हेनरी और काइल जेमीसन इस निर्णायक मुकाबले की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे. चोट और अन्य कारणों से इन तीनों बड़े दिग्गजों की अनुपस्थिति के बाद ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड की मजबूत बल्लेबाजी के सामने कीवी टीम बिखर जाएगी. लेकिन कप्तान और टीम मैनेजमेंट ने अपने बैकअप खिलाड़ियों पर जो भरोसा जताया, उसका नतीजा सबके सामने है. टीम के नए और युवा खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी को बखूबी समझा और मैदान पर ऐसा प्रदर्शन किया जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा.

मैच का टर्निंग पॉइंट और मजबूत रणनीति

न्यूजीलैंड ने पहली पारी से ही मैच पर अपनी पकड़ मजबूत रखी. कॉनवे और लेथम जैसे टेस्ट बल्लेबाजों ने मुश्किल पिचों पर टिककर रन बनाए, तो वहीं गेंदबाजी इकाई ने अनुशासित लाइन और लेंथ से इंग्लिश बल्लेबाजों को बांधे रखा. जब इंग्लैंड को आखिरी पारी में जीत के लिए बड़ा लक्ष्य मिला, तो कीवी गेंदबाजों ने ‘बैजबॉल’ शैली से खेलने वाली इंग्लैंड की टीम पर शिकंजा कस दिय निरंतर अंतराल पर विकेट गिरते रहे और मेजबान टीम दबाव के आगे पूरी तरह टूट गई. अंततः न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को सस्ते में समेटकर 160 रनों की शानदार फतह हासिल की.

पहले टेस्ट की हार से सीरीज जीत तक का सफर

सीरीज का पहला मैच हारने के बाद न्यूजीलैंड की काफी आलोचना हुई थी. उपमहाद्वीप और विदेशी पिचों पर उनके रिकॉर्ड पर सवाल उठाए जा रहे थे लेकिन इस टीम ने हार से सबक सीखा. दूसरे टेस्ट में ग्लेन फिलिप्स और हेनरी के दम पर वापसी की और तीसरे मैच में अपनी बेंच स्ट्रेंथ की ताकत दिखाते हुए सीरीज की ट्रॉफी उठा ली. यह सीरीज जीत इस बात का सबूत है कि न्यूजीलैंड क्रिकेट में अब सिर्फ व्यक्तिगत खिलाड़ियों पर निर्भरता नहीं रह गई है, बल्कि उनका पूरा सिस्टम एक मजबूत टीम के रूप में काम कर रहा है. इंग्लैंड की टीम जो अपने घर में अजेय मानी जा रही थी, उसे अपनी ही रणनीति के जाल में फंसना पड़ा. न्यूजीलैंड की यह जीत टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में उनके सबसे यादगार और साहसिक प्रदर्शनों में से एक के रूप में गिनी जाएगी.

About the AuthorRajeev MishraAssociate editor

मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें

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