North Korea Slams Japan: जापान पर भड़का चीन का जिगरी यार अमेरिका के साथ ज्वाइंट मिलिट्री ड्रिल पर नाराज समुद्र में लाएगा भूचाल

Last Updated:June 29, 2026, 13:01 IST
North Korea Slams Japan: उत्तर कोरिया ने चीन के साथ अपनी एकता दिखाते हुए जापान-अमेरिका की ज्वाइंट मिलिट्री एक्सरसाइज पर नाराजगी जताई है. किम जोंग उन ने कहा है कि ये सिर्फ ड्रिल नहीं बल्कि युद्ध की सीधी प्रैक्टिस है. उनका पूरा गुस्सा जापान पर था, जो चीन का दुश्मन है.
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जापान-अमेरिका की ज्वाइंट ड्रिल से भड़का नॉर्थ कोरिया. (रॉयटर्स)
North Korea Slams Japan: उत्तर कोरिया ने अमेरिका और जापान के बीच चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है. प्योंगयांग ने इस अभ्यास को शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए इसे युद्ध की रिहर्सल करार दिया है. साथ ही जापान को चेतावनी दी है कि अगर उसने अपनी सैन्य गतिविधियों को नहीं रोका, तो उसे गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है. उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए में प्रकाशित एक संपादकीय में जापान और अमेरिका के रक्षा सहयोग पर सवाल उठाए गए हैं.
इस लेख में खास तौर पर जापान की ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्सेज और अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के बीच चल रहे ‘रिजॉल्यूट ड्रैगन’ सैन्य अभ्यास का उल्लेख किया गया. उत्तर कोरिया का आरोप है कि इस तरह के अभ्यासों के जरिए जापान अपनी सैन्य क्षमता बढ़ा रहा है और भविष्य में हमलावर भूमिका निभाने की तैयारी कर रहा है. संपादकीय में कहा गया कि अमेरिका के साथ लगातार बढ़ता रक्षा सहयोग पूर्वी एशिया की सुरक्षा स्थिति को और अधिक अस्थिर बना सकता है.
जापान पर बरसा उत्तर कोरिया
उत्तर कोरिया ने दावा किया कि जापान अपनी सुरक्षा नीति के नाम पर सैन्य ताकत बढ़ाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. उसने इस साल फरवरी में हुए ‘आयरन फिस्ट’ संयुक्त सैन्य अभ्यास का भी जिक्र किया और कहा कि ऐसे अभ्यास क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाले कदम हैं. उत्तर कोरिया ने यह भी आरोप लगाया कि अप्रैल और मई में अमेरिका के नेतृत्व में एशिया-प्रशांत क्षेत्र में आयोजित बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास के दौरान जापान ने पहली बार भाग लेते हुए लंबी दूरी की मिसाइलों से जुड़े परीक्षण किए. प्योंगयांग का दावा है कि इन अभ्यासों का उद्देश्य जरूरत पड़ने पर पड़ोसी देशों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की तैयारी करना था.
जापान पर क्यों भड़का है उत्तर कोरिया?
अपने बयान में उत्तर कोरिया ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात का फायदा उठाकर जापान खुद को फिर से एक सैन्य शक्ति के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है. उसका आरोप है कि टोक्यो अपनी रक्षा नीति का दायरा लगातार बढ़ा रहा है और इसे उचित ठहराने के लिए क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों का हवाला दे रहा है. हालांकि इस बार उत्तर कोरिया ने अपने बयान में सीधे तौर पर अमेरिका पर हमला नहीं बोला. उसकी आलोचना का मुख्य केंद्र जापान और उसकी बढ़ती सैन्य गतिविधियां रहीं. यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर कोरिया खुद भी अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने में जुटा हुआ है. हाल ही में उसने 5,000 टन क्षमता वाले नए बहुउद्देशीय विध्वंसक युद्धपोत ‘चोए ह्योन’ को आधिकारिक रूप से अपनी नौसेना में शामिल किया है.
ताकत बढ़ाने में जुटा है उत्तर कोरिया
इस अवसर पर आयोजित समारोह में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने कहा कि यह नया युद्धपोत देश की नौसैनिक शक्ति को पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत बनाएगा. उनके अनुसार, इससे उत्तर कोरिया की समुद्री युद्ध क्षमता में बड़ा इजाफा होगा. इस युद्धपोत को पहली बार पिछले वर्ष सार्वजनिक किया गया था और इसे नौसेना में शामिल किए जाने से पहले इससे कई तरह के हथियारों का परीक्षण भी किया जा चुका है. विशेषज्ञों का मानना है कि एक ओर अमेरिका, जापान और उनके सहयोगी देश क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उत्तर कोरिया लगातार अपने हथियारों और सैन्य संसाधनों का विस्तार कर रहा है. ऐसे में कोरियाई प्रायद्वीप और पूर्वी एशिया में तनाव कम होने के बजाय और बढ़ने की आशंका बनी हुई है.
About the AuthorPrateeti Pandey
में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें
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