मोहम्मद रफी का लाजवाब भजन, रिकॉर्डिंग से पहले नौशाद ने दी थी हिदायत, 3 दिग्गजों ने क्रेडिट लेने से किया था इनकार

Last Updated:July 01, 2026, 21:42 IST
Mohammed Rafi Evergreen Krishna Bhajan: नौशाद और मोहम्मद रफी ने मिलकर हिंदी सिनेमा को कई नायाब गाने दिए. इसमें वह भजन भी शामिल है, जिसे शकील बदायूनी ने लिखा था. कहते हैं कि जब भजन की रिकॉर्डिंग की तैयारी चल रही थी, तब संगीतकार नौशाद ने सभी को हिदायत थी कि वे पाक साफ होकर ही रिकॉर्डिंग में आएं. तीन मुस्लिम कलाकारों ने मिलकर यह नायाब भजन रचा था, जिसे आज भी कृष्ण भक्त गाते-गुनगुनाते हैं.
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भजन 1952 की फिल्म ‘बैजू बावरा’ के लिए रिकॉर्ड हुआ था.
नई दिल्ली: साल 1952 में आई फिल्म ‘बैजू बावरा’ से भले नौजवान वाकिफ न हों, मगर यह अपने दौर की यादगार फिल्म है. इसकी कहानी और संगीत ने दशकों तक लोगों को अपना दीवाना बनाकर रखा. फिल्म का एक गाना आज भी लोग बहुत पसंद करते हैं, जिसे मोहम्मद रफी ने गाया था और नौशाद ने इसका संगीत तैयार किया था. कहते हैं कि रिकॉर्डिंग से पहले नौशाद ने सभी को खास हिदायत दी थी. उन्होंने ऐसा क्यों किया था, आइए जानते हैं.
नौशाद ने मोहम्मद रफी के साथ जिस गीत को रिकॉर्ड किया था, वह एक भजन था. क्या आप यकीन करेंगे कि इस भजन को शकील बदायूनी ने लिखा था? भगवान कृष्ण भक्तों ने इस भजन को जरूर सुना होगा. गीत के जरिये भगवान कृष्ण की महिमा और उनके प्रति भक्ति भाव बखूबी बयां हुई है. लोगों को यकीन नहीं होता कि इस भजन को तीन मुस्लिम कलाकारों ने मिलकर बनाया था. यह भजन इतना खूबसूरत बन पड़ा था कि आज भी इसे कृष्ण भक्त गाना-गुनगुनाना पसंद करते हैं. यह भजन गंगा-जमुनी तहजीब को बखूबी बयां करता है.
नौशाद ने सुनाया था रिकॉर्डिंग का किस्सा!
कहते हैं कि नौशाद साहब को यह भजन इतना पवित्र लगा था कि उन्होंने रिकॉर्डिंग में सभी को पाक साफ होकर आने की हिदायत दी थी. हम गीत ‘मन तड़पत हरि दर्शन’ की बात कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, संगीतकार नौशाद ने बताया था कि जब गीत की रिकॉर्डिंग हो रही थी, तब प्रोडक्शन में लल्लू भाई नाम के शख्स थे जो सभी को पेमेंट देने का काम करते थे. वे रिकॉर्डिंग के वक्त नौशाद साहब के साथ थे. कहते हैं कि जब रिकॉर्डिंग शुरू हो गई, तो लल्लू भाई खुद को रोक नहीं पाए और कृष्ण भक्ति में झूमने लगे. नौशाद साहब भजन का असर देख सकते थे. उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि भजन का असर किसी शख्स पर इतना गहरा हो सकता है, हालांकि उन्होंने रिकॉर्डिंग जारी रखी. लल्लू भाई नाचते वक्त अपनी सुधबुध खो चुके थे.
तीनों दिग्गजों ने क्रेडिट लेने से किया इनकारसंगीतकार नौशाद सहित सभी दिग्गज रिकॉर्डिंग से बहुत खुश थे. जब यह भजन रिलीज हुआ, तो घर-घर बजने लगा. यह सुपर-डुपर हिट रहा. कमाल की बात यह है कि संगीतकार नौशाद ने कभी इस नायाब गीत का क्रेडिट नहीं लिया. नौशाद के साथ मोहम्मद रफी और शकील बदायूनी भी मानते थे कि इस गाने को कालजयी बनाने में उनका कोई योगदान नहीं है.
About the AuthorAbhishek NagarSenior Sub Editor
अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें
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