55 साल की उम्र में भी मौत से मुकाबला! उदयपुर के चमन सिंह चौहान हजारों सांपों को दे चुके हैं नई जिंदगी

Last Updated:July 02, 2026, 14:26 IST
Snake Catcher Udaipur: उदयपुर के चमन सिंह चौहान पिछले कई वर्षों से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं. 55 वर्ष की उम्र में भी वे सांपों के सुरक्षित रेस्क्यू के लिए हर समय तैयार रहते हैं. अब तक वे हजारों सांपों को आबादी वाले क्षेत्रों से सुरक्षित निकालकर उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ चुके हैं. उनकी सूझबूझ और अनुभव के कारण कई बार लोगों की जान भी बची है और सांपों को भी अनावश्यक नुकसान से बचाया गया है. जहां अधिकांश लोग सांप देखकर घबरा जाते हैं, वहीं चमन सिंह चौहान शांत और वैज्ञानिक तरीके से रेस्क्यू अभियान को अंजाम देते हैं. उनका उद्देश्य केवल सांपों को बचाना ही नहीं, बल्कि लोगों में वन्यजीवों के प्रति जागरूकता फैलाना भी है.
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उदयपुर: सांप दिखते ही ज्यादातर लोग घबरा जाते हैं.कई बार डर के कारण लोग उन्हें मार देते हैं, जबकि वे पर्यावरण के संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. ऐसे में उदयपुर के चमन सिंह चौहान पिछले कई दशकों से इंसानों और सांपों के बीच जीवन बचाने की एक अनूठी कड़ी बने हुए हैं. करीब 55 वर्षीय चमन सिंह ने अपना पूरा जीवन सांपों के संरक्षण और लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए समर्पित कर दिया है. आज उदयपुर में कहीं भी सांप निकलने की सूचना मिलती है तो सबसे पहले जिस नाम पर लोगों को भरोसा होता है, वह है चमन सिंह चौहान.
चमन सिंह बताते हैं कि बचपन से ही उन्हें वन्यजीवों से विशेष लगाव था. महज सात-आठ वर्ष की उम्र से ही वे घायल पक्षियों और जानवरों की मदद करने लगे थे. बाद में वे एनिमल एड से जुड़े और वन्यजीव संरक्षण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने लगे.इसी दौरान उन्होंने एक ऐसी घटना देखी जिसने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी. एक सांप और नेवले की लड़ाई के दौरान अपनी जान बचाने के लिए सांप लोगों के घर में घुस गया. उस समय जानकारी और संसाधनों की कमी के कारण सांप को बचाया नहीं जा सका. इस घटना ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया और उन्होंने संकल्प लिया कि भविष्य में वे जितने अधिक हो सकें, उतने सांपों की जान बचाएंगे.
स्नेक रेस्क्यू का विधिवत प्रशिक्षण लियाइसके बाद उन्होंने स्नेक रेस्क्यू का विधिवत प्रशिक्षण लिया और पूरी सावधानी के साथ सांपों का रेस्क्यू शुरू किया.धीरे-धीरे उनका अनुभव बढ़ता गया और आज वे हजारों सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगलों में छोड़ चुके हैं. कई बार उन्होंने एक ही स्थान से 50 से अधिक सांपों का सफल रेस्क्यू कर लोगों को हैरान कर दिया. हर अभियान में उनकी पहली प्राथमिकता इंसानों और सांप—दोनों की सुरक्षा होती है.
चमन सिंह जागरूकता अभियान भी चलातेरेस्क्यू के साथ-साथ चमन सिंह जागरूकता अभियान भी चलाते हैं. वे लोगों को समझाते हैं कि हर सांप जहरीला नहीं होता और बिना जानकारी के उसे मारना पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है. अब तक वे सैकड़ों युवाओं को स्नेक रेस्क्यू का प्रशिक्षण दे चुके हैं.खास बात यह है कि वे महिलाओं को भी इस क्षेत्र में आगे लाकर उन्हें सुरक्षित तरीके से सांपों का रेस्क्यू करने की ट्रेनिंग दे रहे हैं.
गलत धारणाओं को दूर करने का प्रयासचमन सिंह का मानना है कि सांप धरती के सच्चे रक्षक हैं.वे खेतों में चूहों की संख्या नियंत्रित कर किसानों की फसलों की रक्षा करते हैं और प्राकृतिक खाद्य श्रृंखला को संतुलित बनाए रखते हैं.उनका कहना है, “जब तक सांस है, तब तक सांपों को बचाने और लोगों में उनके प्रति फैली गलत धारणाओं को दूर करने का प्रयास करता रहूंगा.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
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Udaipur,Rajasthan



