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बारिश के मौसम में न करें खानपान की गलती! ये सब्जियां बनेंगी सेहत की प्राकृतिक ढाल

Last Updated:July 03, 2026, 18:30 IST

बरसात के मौसम में नमी बढ़ने से फंगल इंफेक्शन, कमजोर पाचन और संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे समय में खानपान पर विशेष ध्यान देना जरूरी है. विशेषज्ञों के अनुसार लौकी, तोरी, परवल, करेला, भिंडी और टिंडा जैसी मौसमी सब्जियां भोजन में शामिल करनी चाहिए. ये सब्जियां हल्की होती हैं, आसानी से पच जाती हैं और शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करती हैं. संतुलित आहार के साथ स्वच्छता का ध्यान रखने से पाचन तंत्र बेहतर रहता है और संक्रमण का जोखिम कम हो सकता है. बरसात में ताजी और अच्छी तरह पकी हुई सब्जियों का सेवन स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभकारी माना जाता है.

बरसात के दिनों में ज्यादातर फसलों में फंगल इन्फेक्शन का खतरा मंडराने लगता है.खासकर पत्तेदार सब्जियों और मशरूम की तरह नमी में ही उगने वाली सब्ज़ियों में बैक्टिरियल इन्फेक्शन की संभावना बढ़ जाती है.इसके अलावे अरबी, बैंगन, फूलगोभी इत्यादि कुछ ऐसी सब्ज़ियां हैं, जिनका सेवन भी बरसात में उच्चित नहीं माना जाता है.

हालांकि ठीक इनके विपरीत कुछ हरी सब्ज़ियां ऐसी भी हैं, जिनका सेवन मॉनसून में भी स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है. क़रीब 40 वर्षों से आयुर्वेदाचार्य के रूप में कार्य कर रहे बेतिया के आचार्य भुवनेश पांडे ने इन्हीं खास सब्ज़ियों पर कुछ विशेष जानकारी साझा की है.

इस लिस्ट में सबसे पहला नाम आता है करेले का.आचार्य बताते हैं कि बरसात में करेले का सेवन स्वास्थ्य के लिए उत्तम माना जाता है. यह शरीर की विषाक्ता को कम करता है, साथ ही खून की गंदगी को भी साफ करता है. स्वाद में कड़वा होने के बावजूद करेले के पोषण और चिकित्सकीय गुण आपको स्वस्थ रहने और मानसून की बीमारियों से लड़ने में मदद कर सकते हैं.

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कुछ इसी प्रकार लौकी भी बारिश के मौसम में खाने के लिए एक बेहतरीन सब्जी है. इस मौसम में इसके सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं. इसका स्वाद मीठा और गुण ठंडक देने वाला होता है. कब्ज़, गैस और पाचन से जुड़ी अन्य समस्याओं में भी लौकी का सेवन रामबाण बताया जाता है.

भिंडी का सेवन भी बरसात में किया जा सकता है.इसमें न तो कीड़े लगने का डर होता है और न ही सड़ने का. हरी और पौष्टिक गुणों से भरपूर होने की वजह से इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद होता है.हां, इसे खरीदते वक्त इस बात का ध्यान जरूर रखें कि वो ताज़ी और नाजुक हो.

खीरा, कद्दू और तोरी का सेवन भी बरसात में किया जा सकता है.एक्सपर्ट्स बताते हैं तोरी कफ और पित्त नाशक के साथ भूख बढ़ाने वाली सब्ज़ी है.त्वचा के रोग, एनीमिया और सूजन वाले लोगों के लिए यह किसी औषधि से कम नहीं है.इसमें विटामिन सी और एंटीऑक्सिडेंट होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के साथ ऑक्सीडेशन की प्रकिया को कम करता है.

खीरा को गर्मियों का सुपर फूड कहा जाता है. यह शरीर को हाइड्रेटेड रखने के साथ पाचन में सुधार और वजन को नियंत्रित करता है. बरसात में जहां ज्यादातर सब्ज़ियों में फंगस और विषाक्ता जैसी समस्या दिखने लगती है, वहीं खीरा इन सभी समस्याओं से बचा रहता है.यही कारण है कि बरसात में इसका सेवन किया जा सकता है.

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