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Sisodia Rani Bagh | Jaipur News

Last Updated:July 04, 2026, 15:41 IST

Jaipur Famous Tourist Spot: जयपुर का सिसोदिया रानी बाग अपनी सुंदरता, वास्तुकला और इंजीनियरिंग के लिए प्रसिद्ध है. सवाई जयसिंह ने इसे उदयपुर की रानी चंद्रकुंवर सिसोदिया के लिए बनवाया था. बारिश के मौसम में जयपुर घूमने आने वाले पर्यटक बारिश के मौसम में सिसोदिया रानी बाग की खूबसूरत देखना खूब पसंद करते है. घाट की गुण स्थित जयपुर की घाट की गुणी की पहाड़ियों की तलहटी में बना हुआ है. सिसोदिया रानी बाग का निर्माण 1699-1743 ई. के बीच सवाई जयसिंह ने उदयपुर की रानी चंद्रकुंवर सिसोदिया के नाम पर कराया था.

राजधानी जयपुर को ‘गुलाबी शहर’ के नाम से जाना जाता है जहां शहर की खूबसूरती हर मौसम में पर्यटकों के लिए खास होती है. खासतौर पर बारिश के मौसम में प्राकृतिक सौंदर्य और हरियाली के बीच यहां के सुंदर गार्डन, बाग-बगीचे और पार्क घूमने के लिए सबसे बेहतर बेहतरीन जगहों में से एक है. ऐसे ही जयपुर में वर्षों पहले यहां के राजा-महाराजाओं ने ऐतिहासिक किले-महलों के साथ ही रानियों के लिए बाग बगीचे बनावाए. जिनकी वास्तुकला कला और सुंदरता सबसे खास है. ऐसे में जयपुर के घाटी की गुणी स्थित ‘सिसोदिया रानी के बाग’ जिसकी खूबसूरती को शब्दों में बयां करना थोड़ा मुश्किल है‌‌. सिसोदिया रानी का बाग गुलाबी नगरी के सभी उद्यानों में सबसे बड़ा और सबसे सुंदर बाग है जहां सालभर पर्यटकों का हुजूम उमड़े रहता है.

बारिश के मौसम में जयपुर घूमने आने वाले पर्यटक बारिश के मौसम में सिसोदिया रानी बाग की खूबसूरत देखना खूब पसंद करते है. घाट की गुण स्थित जयपुर की घाट की गुणी की पहाड़ियों की तलहटी में बना हुआ है. सिसोदिया रानी बाग का निर्माण 1699-1743 ई. के बीच सवाई जयसिंह ने उदयपुर की रानी चंद्रकुंवर सिसोदिया के नाम पर कराया था. यह बाग प्रेम की एक अनूठी मिसाल पेश करता है जो जयपुर के किसी अन्य गार्डन या बाग-बगीचे में नहीं दिखाई देता है. सिसोदिया रानी बाग में एक केंद्रीय मंदिर है जो भगवान शिव, भगवान हनुमान और भगवान विष्णु जैसे सभी हिंदू देवताओं को समर्पित है.

सिसोदिया रानी बाग सिर्फ अपनी नायाब खूबसूरती के लिए ही नहीं बल्कि अपनी बेहतरीन वास्तुकला के लिए भी प्रसिद्ध है. जहां बाग बाग के शिखर और मंडप हिंदू रूपांकनों और कृष्ण के जीवन के चित्रों और भारतीय वास्तुकला में बनाए गए हैं. दरअसल, जयपुर की महारानी चंद्रकुंवर सिसोदिया को प्रकृति से विशेष प्रेम था इसलिए उनके लिए यह सुंदर बाग बनवाया गया, इस बाग की वास्तुकला बेहद अनोखी हैं जिसमें एक मंजिल से दूसरे मंजिल पर जाने के लिए सीढ़ियां दिखाई नहीं देती जो अद्भुत आर्किटेक्ट का नमूना पेश करती है. साथ ही इस बाग को चारबाग़ शैली के रूप में तैयार किया गया था, जिसके बाद बाग की सुंदरता को बढ़ाने के लिए इसमें अलग-अलग फाउंटेन और पेड़-पौधों लगाएं हैं, जो बेहद सुंदर हैं.

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सिसोदिया रानी बाग अपनी बेहतरीन सुंदरता और वास्तुकला के साथ बेहतरीन इंजिनियर का नमूना भी पेश करता है. क्योंकि बाग में सुनियोजित वास्तुकला का एक और पहलु यह है कि बाग में तीन मंजिला इमारत की कोई भी सीढ़ियाँ दूर से दिखाई नहीं देती, सीढ़ियों की डिजाइन को ऐसे बनाया गया हैं जिसे देखकर आज के इंजिनियर भी हैरान रह जाए.

सिसोदिया रानी बाग जयपुर के सबसे सुंदर बागों से एक हैं जो बारिश के मौसम में घूमने के लिए पर्यटकों की सबसे पहली पसंद रहता हैं‌. इसलिए जयपुर घूमने आने वाले पर्यटक का इस बाग को देखें बिना उनकी यात्रा अधूरी मानी जाती है. सिसोदिया रानी बाग चारों तीन तरफ से सुंदर पहाड़ियों से घिरा हुआ हैं इसके अलावा बाग के आसपास अन्य प्राचीन मंदिर और टूरिस्ट स्पॉट भी हैं इसलिए पर्यटकों के अलावा जयपुर के स्थानीय लोग भी बारिश के मौसम में अपनी फैमिली के साथ यहां पिकनिक मनाने आते हैं.

सिसोदिया रानी बाग एक बेहतरीन टूरिस्ट स्पॉट के साथ साथ बॉलीवुड के लिए भी खास रहा है. जहां बॉलीवुड की लम्हें, धड़क सहित कई फेमस फ़िल्मों की शूटिंग हो चुकी है. आज भी बाग में बॉलीवुड वेब सीरीज की शूटिंग होती रहती हैं. बॉलीवुड की फिल्मों में सुंदर दृश्यों के गानों लिए यह बाग बॉलीवुड की पहली पसंद बना रहता है. साथ ही बाग में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करने वाले प्रेमियों के लिए भी यह बाग बेहद खास है. प्राकृतिक सौंदर्य के साथ बाग में शहर के शोर-शराबे से हटकर सुकून का माहौल रहता है जो लोगों को सबसे ज्यादा यहां घूमने के लिए आकर्षित करता है.

सिसोदिया रानी बाग में बदलते मौसम के हिसाब से यहां की प्राकृतिक सौंदर्यता में भी बदलाव होता है लेकिन सिसोदिया रानी का बाग सप्ताह के सातों दिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है. बात करें यहां के टिकट दर की तो यहां बाग को देखने के लिए भारतीयों के नागरिकों के लिए प्रति व्यक्ति 55 रूपए और विदेशी पर्यटकों के लिए प्रति व्यक्ति 302 रूपए टिकिट दर है. वहीं पढ़ने वाले छात्र छात्र-छात्राओं के लिए मात्र 25 रूपए टिकट लगता है. साथ ही 7 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का प्रवेश बाग में नि: शुल्क है. यहां लोग बाग के बाहर से ही ऑफलाइन टिकट खरीद सकते हैं.

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