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सपना साकार हुआ… वैभव सूर्यवंशी के बचपन के कोच हुए इमोशनल, ‘- उसकी बल्लेबाजी में जादू है’

Last Updated:July 04, 2026, 21:32 IST

Vaibhav Suryavanshi childhood coach manish ojha statement: वैभव सूर्यवंशी के बचपन के कोच मनीष ओझा अपने होनहार शिष्य के इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू से गदगद हैं. ओझा का कहना है कि उनका सपना सकार हो गया. वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर का आगाज किया. वह अपने डेब्यू मैच में 10 गेंदों पर 14 रन बना सके. उन्होंने जोफ्रा आर्चर की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा.सपना साकार हुआ... वैभव सूर्यवंशी के बचपन के कोच हुए इमोशनलZoomवैभव सूर्यवंशी के कोच ने कहा कि सपना सच हुआ.

नई दिल्ली. वैभव सूर्यवंशी का इंटरनेशनल क्रिकेट में आखिरकार डेब्य हो गया. इस लेफ्ट हैंड ओपनर को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 इंटरनेशनल मैच में भारत ने प्लेइंग इलेवन में शामिल किया. उन्हें संजू सैमसन की जगह एकादश में मौका मिला. महज 15 वर्ष और 99 दिन की उम्र में पदार्पण करते हुए वह भारत की ओर से इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए. उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 वर्ष 205 दिन की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में पदार्पण किया था. वैभव के बचपन के कोच मनीष ओझा अपने शिष्य के इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू से बहुत खुश हैं. उनका कहना है कि वैभव काफी आगे तक जाएगा. उन्होंने कहा कि उसके पास बैटिंग की अलग क्षमता है.

मनीष ओझा (Manish Ojha) ने कहा, ‘वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) का टीम इंडिया के लिए डेब्यू करना मेरे लिए और इस खिलाड़ी की फैमिली के लिए गर्व का पल है. ओवरऑल बिहार और देश के लिए यह बहुत गौरवान्वित वाला क्षण है. वैभव ने जिस उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल की है उसे हर कोई नहीं हासिल कर सकता. इतनी कम उम्र में वैभव ने हर पायदान पर जिस तरह का शानदार खेल दिखाया है, उसकी जितनी सराहना करें कम है.’

वैभव सूर्यवंशी के कोच ने कहा कि सपना सच हुआ.

पंद्रह साल के वैभव सूर्यवंशी का बहुप्रतीक्षित इंटरनेशनल डेब्यू उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा, लेकिन तिलक वर्मा की आखिरी ओवर में खेली गई विस्फोटक पारी की बदौलत भारत ने 20 ओवर में सात विकेट पर 190 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया. पारी के अंतिम ओवरों में तिलक वर्मा ने 11 गेंदों में नाबाद 24 रन बनाए. उन्होंने आखिरी ओवर में जोफ्रा आर्चर के खिलाफ 17 रन बटोरे और भारत को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया. बादलों से घिरे और तेज हवा वाले मौसम में बल्लेबाजी करना आसान नहीं था.

इस मुकाबले में सभी की निगाहें 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर थीं, जिन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में पदार्पण कर लगभग 37 वर्ष पुराना सचिन तेंदुलकर का सबसे कम उम्र में भारत के लिए खेलने का रिकॉर्ड तोड़ा. उनकी पहली पारी हालांकि ज्यादा लंबी नहीं चली. उन्होंने 10 गेंदों में दो छक्कों की मदद से 14 रन बनाए, लेकिन ऑफ स्पिनर विल जैक्स की गेंद पर आगे बढ़कर खेलने के प्रयास में जोस बटलर ने उन्हें स्टंप कर दिया.

ओझा ने कहा, ‘टीम इंडिया से डेब्यू करना मेरे लिए सपना सकारा होने जैसा है. किसी भी कोच के लिए यह पल बहुत बड़ा है जो शुरू से ये सपना देखता है कि उसका शिष्य देश के लिए खेले. और वैभव ने मेरे उस सपने को पूरा कर दिया. वह एक अलग तरह के बल्लेबाज हैं. उनमें बैटिंग की खास काबिलियत है. उनकी बल्लेबाजी में जादू है. उसकी बल्लेबाजी को जब आप नजदीक से देखेंगे तो उसमें एक आकर्षण है और जादू है.’

सूर्यवंशी को शुरुआत में अतिरिक्त उछाल से जूझना पड़ा, लेकिन उन्होंने जोफ्रा आर्चर की तेज गेंद पर शानदार व्हिप-स्कूप लगाकर छह रन बटोरे. इसके बाद जोश टंग की गेंद पर भी उन्होंने लॉन्ग-ऑन के ऊपर से आकर्षक छक्का लगाया. हालांकि इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने समय रहते विल जैक्स को गेंदबाजी पर लगाया और उनकी धीमी, हवा में लहराती ऑफ ब्रेक पर सूर्यवंशी चकमा खा गए.

About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश राय वर्तमान में इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें

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