संभल जाएं! 3 दिन तक राजस्थान में आफत बनकर बरसेगा मानसून, IMD का इन जिलों में रेड अलर्ट

Rajasthan Aaj Ka Mausam: राजस्थान में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और अगले कुछ दिन प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रहने वाला है. आईएमडी और जयपुर मौसम केंद्र के ताजा अपडेट के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तट के पास बना अवदाब दक्षिण-पूर्वी झारखंड और उत्तरी ओडिशा के आसपास पहुंच गया है. इसके अगले 24 घंटों में दक्षिणी झारखंड, उत्तरी ओडिशा और छत्तीसगढ़ से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है.
इसी सिस्टम के प्रभाव से पूर्वी राजस्थान में आगामी 4 से 5 दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा. अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि कई स्थानों पर भारी और अतिभारी बारिश दर्ज होने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, 7 से 9 जुलाई के बीच उदयपुर और कोटा संभाग के साथ आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं अतिभारी बारिश हो सकती है. हालांकि 10 जुलाई से प्रदेश में भारी बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना जताई गई है.
राजस्थान में अभी चार-पांच दिन तक मानसून रहेगा सक्रिय
आज इन संभागों में तेज बारिश के आसार
7 जुलाई को उदयपुर, कोटा, अजमेर, भरतपुर, जयपुर, बीकानेर और जोधपुर संभाग के कई इलाकों में मेघगर्जन के साथ मध्यम से कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना है. वहीं कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में भी हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा और 7-8 जुलाई को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
राजस्थान के 41 जिलों में आज वज्रपात, मेघगर्जन और तेज हवाएं चलने की संभावना
इन जिलों में अतिभारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने बांसवाड़ा, बारां, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, झालावाड़, प्रतापगढ़, सलूम्बर और उदयपुर जिलों में अतिभारी बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की है. इसके अलावा अजमेर, अलवर, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही और टोंक में भी मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान के बालोतरा, बीकानेर, बाड़मेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, जालौर, जोधपुर, नागौर, पाली, फलौदी और श्रीगंगानगर में भी गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश होने के आसार हैं.
राजस्थान में अभी मानसून रहेगा सक्रिय
• 7-9 जुलाई तक उदयपुर-कोटा संभाग में अतिभारी बारिश का अलर्ट.
• पूर्वी राजस्थान में अगले 4-5 दिन मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा.
•कई जिलों में 40-50 Kmph की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है.
• मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी, खुले स्थानों से दूर रहें.
• बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ में अतिभारी बारिश की आशंका.
• पश्चिमी राजस्थान में भी 7-8 जुलाई को भारी बारिश संभव.
• 10 जुलाई से भारी बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं.
• जलभराव और अंडरपास में पानी भरने का खतरा बढ़ा.
• बरसाती नदियों-नालों के पास जाने से बचने की सलाह.
• किसानों को फसल और अनाज सुरक्षित रखने की सलाह जारी.
राजस्थान में मानसून की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई है
आईएमडी के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनूं, हिसार और भटिंडा तक बनी हुई है. अगले तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, हरियाणा, पंजाब के शेष हिस्सों और राजस्थान के कुछ और क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. वहीं समुद्र तल पर मौसमी ट्रफ दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से मध्य प्रदेश, उत्तर छत्तीसगढ़ और दक्षिण झारखंड-उत्तरी आंतरिक ओडिशा पर बने डिप्रेशन के केंद्र से होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है. इसके अलावा 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है, जो राजस्थान में बारिश की गतिविधियों को समर्थन दे रहा है.
10 जुलाई से भारी बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं
बारिश के दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह
भारी बारिश वाले इलाकों में निचले क्षेत्रों और अंडरपास में जलभराव हो सकता है. सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित होने और दृश्यता कम होने के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है. बरसाती नदियों और नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका है, इसलिए इनके आसपास जाने से बचें. बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों. किसान कृषि उपज और कटाई के लिए तैयार फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें तथा मंडियों में रखे अनाज को ढककर ऊंचाई पर सुरक्षित रखें.
राजस्थान में भारी बारिश क्यों होने वाली है?
बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब, सक्रिय मानसून, मौसमी ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त असर से राजस्थान में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं. यही सिस्टम प्रदेश के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में भारी से अतिभारी बारिश की स्थिति बना रहे हैं.
किन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा है?
उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, बारां, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, सलूम्बर और कोटा संभाग के कई जिलों में अतिभारी बारिश की संभावना जताई गई है. इन इलाकों में मेघगर्जन और तेज हवाओं का भी अलर्ट जारी है.
तेज हवा और बिजली का असर किन क्षेत्रों में रहेगा?
अजमेर, जयपुर, अलवर, भरतपुर, बूंदी, दौसा, धौलपुर, सीकर, झुंझुनूं, राजसमंद, टोंक सहित कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवा चलने की संभावना है.
मौसम विभाग ने लोगों को क्या सलाह दी है?
भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों, अंडरपास और बरसाती नदियों से दूर रहने की सलाह दी गई है. आकाशीय बिजली के समय पेड़ों के नीचे खड़े न हों और अनावश्यक यात्रा से बचें. जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें.
किसानों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
किसानों को तैयार फसल, मंडियों में रखे अनाज और कृषि उपज को बारिश से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है. खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था रखें ताकि लगातार बारिश से फसल को नुकसान न पहुंचे.


