Rajasthan

शादी से पहले परिवार की उजड़ गई खुशियां, तब गांव के युवा बने फरिश्ता, एक पोस्ट से जुटाए 13.33 लाख की मदद

Last Updated:July 07, 2026, 08:02 IST

Jaipur Youth Crowd Funding Campaign: जयपुर जिले की कोटखावदा तहसील के विमलपुरा गांव में सोशल मीडिया के सही उपयोग की अनूठी मिसाल देखने को मिली. 21 वर्षीय कालूराम की ब्रेन हेमरेज से मौत के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवार की मदद के लिए गांव के युवाओं ने ‘मिशन मदद’ अभियान शुरू किया. हेल्पिंग हीरोज, बालाजी ग्रुप और डोबवाल डेंजर्स के संयुक्त प्रयास से 5 से 16 जून तक सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए लोगों से सहयोग की अपील की गई. इस अभियान को देशभर से जबरदस्त समर्थन मिला और महज 12 दिनों में 1,143 लोगों ने मिलकर 13.33 लाख रुपये जुटा दिए. इसमें गांव के लोगों ने 7.20 लाख रुपये और अन्य राज्यों के लोगों ने 6.12 लाख रुपये का योगदान दिया. पूरी राशि कालूराम के परिवार को सौंप दी गई, जिससे समाज में एकजुटता और मानवता का प्रेरक संदेश देखने को मिला.

ख़बरें फटाफट

जयपुर: राजस्थान के जयपुर जिले की कोटखावदा तहसील के विमलपुरा गांव में इंसानियत और सामाजिक एकजुटता की ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने यह साबित कर दिया कि सोशल मीडिया का सही उपयोग किसी जरूरतमंद परिवार की जिंदगी बदल सकता है. गांव के 21 वर्षीय कालूराम की असमय मौत के बाद पूरे क्षेत्र के युवाओं ने मिलकर ऐसा अभियान चलाया, जिसने कुछ ही दिनों में लाखों रुपए की सहायता राशि जुटाकर पीड़ित परिवार को नई उम्मीद दी. कालूराम के घर में 25 मई को शादी की तैयारियां चल रही थी. परिवार खुशियों के माहौल में डूबा हुआ था और विवाह की तैयारियां अंतिम दौर में थी.

25 फरवरी को वह शादी के कपड़े और अन्य सामान खरीदने के लिए जयपुर गया था. इसी दौरान उसे अचानक ब्रेन हेमरेज हो गया. गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां करीब तीन महीने दस दिन तक वह वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से जूझता रहा. तमाम प्रयासों के बावजूद 5 जून को उसने अंतिम सांस ली. इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया. परिवार में पहले से ही बीमार बुजुर्ग माता-पिता थे और तीन नाबालिग बच्चों की जिम्मेदारी भी घर पर थी, जिससे आर्थिक संकट और गहरा गया.

‘मिशन मदद’ अभियान शुरू किया

परिवार की इस स्थिति की जानकारी मिलने के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र के युवाओं ने मदद के लिए पहल की. उन्होंने सोशल मीडिया को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा का प्रभावी मंच बनाते हुए ‘मिशन मदद’ अभियान शुरू किया. हेल्पिंग हीरोज, बालाजी ग्रुप और डोबवाल डेंजर्स के संयुक्त प्रयास से 5 से 16 जून तक लगातार 12 दिनों तक व्हाट्सएप ग्रुप, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से लोगों से आर्थिक सहयोग की अपील की गई.

 देशभर से मिला सहयोग

युवाओं की इस पहल को लोगों का बहुत अच्छा समर्थन मिला. किसी ने छोटी राशि दी तो किसी ने अपनी क्षमता के अनुसार बड़ा सहयोग किया. महज 12 दिनों में 1143 लोगों ने मिलकर कुल 13 लाख 33 हजार 400 रुपए की सहायता राशि जुटा दी. इनमें गांव के लोगों ने 7 लाख 20 हजार 626 रुपए का योगदान दिया, जबकि देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले लोगों ने 6 लाख 12 हजार 774 रुपए की मदद भेजी.

सहायता राशि परिवार को सौंपी

अभियान से जुड़े युवाओं ने एकत्रित पूरी सहायता राशि कालूराम के परिवार को सौंपी दी है. इस मौके पर ग्रामीणों ने कहा कि कठिन समय में समाज की एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत होती है. मिशन मदद ने यह साबित कर दिया कि यदि नेक इरादे के साथ पहल की जाए तो सोशल मीडिया केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में उम्मीद और सहारा बनने वाला सशक्त मंच भी बन सकता है.

About the Authordeep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

सबमिट करें

Location :

Jaipur,Rajasthan

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj