घर-घर जाकर बेचता था लाली-पाउडर, बड़ी मुश्किल से बना एक्टर तो दनादन दी फ्लॉप फिल्में, 2003 की मूवी ने बचाया करियर

Last Updated:July 07, 2026, 20:26 IST
फिल्म कलाकारों की जिंदगी चकाचौंध से भरी दिखती है, उतनी होती नहीं है. कुछ बहुत स्ट्रगल करके इस मुकाम तक पहुंचे हैं तो कुछ आज भी अपने हिस्से के संघर्ष से लड़ रहे हैं.
ऐसी ही एक कहानी है. बॉलीवुड के मशहूर एक्टर की. जिन्हें उनकी एक्टिंग की वजह से खूब प्यार मिलता है. वैसे तो वह पर्दे पर एक से एक बढ़िया कॉमिक अंदाज से लोगों को खूब हंसाते हैं. मगर एक वक्त ऐसा था जब उन्होंने दर दर की ठोकरे खाई हैं.
हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी की. जिन्होंने टीनएज में ही अपने माता पिता को खो दिया था. ऐसे में जिंदगी का गुजारा करने के लिए उन्होंने कई तरह की नौकरी की तो खूब मेहनत करके खुद को संवारा.
Confused who he is? He is our favourite Circuit Bhai, aka Arshad Warsi. Warsi was a teenager when his parents passed away, forcing him to take up odd jobs before he received an offer to join Akbar Sami’s dance group in Mumbai, which marked the beginning of his dancing and choreographing journey.
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अरशद वारसी ने 17 साल की उम्र में दर-दर घूम-घूमकर कॉस्मैटिक का सामान भी बेचा. कभी वह फोटो लैब में काम करते. फिर अपनी मेहनत से किस्मत बनाई. आज हम अरशद वारसी को सर्किट जैसे कॉमिक रोल में खूब पसंद करते हैं. मगर उनके अतीत के पन्ने पढ़ेंगे तो हर कोई इमोशनल हो जाएगा.
कम उम्र में माता पिता को खोने के बाद अरशद वारसी ने कई तरह के काम किए. फिर आखिरकार मुंबई आकर अकबर सामी के डांस ग्रुप में शामिल होने का मौका मिला और फिर वह एक्टर बनने से पहले कोरियोग्राफर बने.
साल 1996 में फिल्म ‘तेरे मेरे सपने’ से अरशद को पहला बड़ा ब्रेक मिला था. यह फिल्म अमिताभ बच्चन की प्रोडक्शन कंपनी अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन (ABCL) की पहली फिल्म थी.
हालांकि फिल्मों में आने के बाद भी दिक्कतें उनके लिए कम नहीं हुई थीं. क्योंकि काफी समय तक वह एक हिट के लिए तरसते रहे. शुरुआत में कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फेल हुई. आखिरकार साल 2003 में उनकी किस्मत राजकुमार हिरानी की कॉमेडी फिल्म मुन्ना भाई एमबीबीएस से पलटी. जब वह सर्किट बनकर हर किसी के दिलों में उतर गए.
संजय दत्त के साथ उनकी जोड़ी को खूब पसंद किया गया था. लोगों के साथ साथ क्रिटिक्स ने भी उनकी एक्टिंग को सराहा था. एक इंटरव्यू में अरशद वारसी ने कहा था कि अगर मुन्नाभाई नहीं चलती तो उनका करियर खत्म हो जाता.
इसके बाद अरशद ने कई सफल फिल्मों में काम किया. जिसमें रोहित शेट्टी की गोलमाल फ्रेंचाइजी में माधव सिंह का रोल शामिल है तो वह 2006 में मुन्ना भाई फ्रेंचाइजी में वापस लौटे. जहां एक बार फिर वह गैंगस्टर सर्किट वाले रोल में दिखे. अरशद वारसी की पर्सनल लाइफ की बात करें तो 15 फरवरी 1999 को मारिया गोरेटी से शादी की. उनके दो बच्चे हैं: एक बेटा जेक वारसी और एक बेटी जेने.
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