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वन तुलसी के औषधीय गुण, सर्दी, खांसी, त्वचा रोग, ब्लैक फंगस की समस्याओं में फायदेमंद, एक्सपर्ट ने बताया

Last Updated:July 09, 2026, 12:56 IST

आयुर्वेद में वन तुलसी का उपयोग कुछ फंगल संक्रमणों में सहायक औषधि के रूप में भी बताया गया है. लेकिन ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) जैसी गंभीर बीमारी का इलाज वन तुलसी से संभव है. यह एक गंभीर संक्रमण है, जिसका इलाज विशेषज्ञ डॉक्टर की देखरेख में ही कराया जाना चाहिए. ऐसे मामलों में आयुर्वेदिक औषधियां केवल चिकित्सकीय सलाह के अनुसार सहायक उपचार के रूप में ही ली जानी चाहिए. वन तुलसी का काढ़ा, रस या पत्तियों का लेप बनाने का सही तरीका और सही मात्रा जानना भी जरूरी है. बिना जानकारी के अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से शरीर पर विपरीत असर पड़ सकता है.

गोंडा: आयुर्वेद में वन तुलसी को औषधीय गुणों से भरपूर पौधा माना जाता है. यह पौधा गांवों, खेतों के किनारों और खाली जगहों पर आसानी से उग जाता है. लंबे समय से इसका उपयोग पारंपरिक चिकित्सा में किया जाता रहा है. आयुर्वेदाचार्यों का कहना है कि वन तुलसी की पत्तियां, तना और बीज कई तरह के घरेलू उपचारों में काम आते हैं. हालांकि, इसका इस्तेमाल हमेशा विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए.

लोकल 18 से बातचीत में आयुर्वेदाचार्य वैद्य अभिषेक कुमार मिश्र ने बताया कि वन तुलसी में कई प्राकृतिक औषधीय गुण पाए जाते हैं. इसकी पत्तियों का लेप त्वचा की कुछ सामान्य समस्याओं में लगाया जाता है. इसके अलावा सर्दी, खांसी, गले की खराश और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए भी इसका पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता है.

ब्लैक फंगस में है फायदेमंद

डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र बताते हैं कि आयुर्वेद में वन तुलसी का उपयोग कुछ फंगल संक्रमणों में सहायक औषधि के रूप में भी बताया गया है. लेकिन ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) जैसी गंभीर बीमारी का इलाज वन तुलसी से संभव है. यह एक गंभीर संक्रमण है, जिसका इलाज विशेषज्ञ डॉक्टर की देखरेख में ही कराया जाना चाहिए. ऐसे मामलों में आयुर्वेदिक औषधियां केवल चिकित्सकीय सलाह के अनुसार सहायक उपचार के रूप में ही ली जानी चाहिए. वन तुलसी का काढ़ा, रस या पत्तियों का लेप बनाने का सही तरीका और सही मात्रा जानना भी जरूरी है. बिना जानकारी के अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से शरीर पर विपरीत असर पड़ सकता है. इसलिए किसी भी औषधीय पौधे का उपयोग सोच-समझकर और विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही करें.

गंभीर बीमारी का इलाज

डॉ अभिषेक कुमार मिश्र ने कहा कि वन तुलसी एक उपयोगी औषधीय पौधा जरूर है, लेकिन इसे किसी भी गंभीर बीमारी का चमत्कारी इलाज नहीं माना जाना चाहिए. यदि कोई स्वास्थ्य समस्या लंबे समय तक बनी रहती है या संक्रमण गंभीर हो, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराकर उचित इलाज कराना ही सबसे सुरक्षित और सही तरीका है. किसी भी औषधि पौधे का इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह के बिना ना करें.

About the AuthorRajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

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