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Agriculture News: अब प्याज सड़ने का नहीं होगा नुकसान! सरकार की इस योजना से मिलेगा बड़ा फायदा

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किसानों के लिए राहत! प्याज स्टोरेज बनाने पर सरकार दे रही भारी सब्सिडी

Last Updated:July 09, 2026, 13:44 IST

Onion Storage Scheme: सरकार प्याज की खेती करने वाले किसानों को 25 मीट्रिक टन क्षमता का वैज्ञानिक प्याज भंडारण (गोदाम) बनाने के लिए लागत का 50 फीसदी यानी अधिकतम 87,500 रुपये का अनुदान दे रही है. इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास न्यूनतम 0.5 हेक्टेयर जमीन होनी चाहिए. नजदीकी ई-मित्र पर आधार, जनाधार और जमाबंदी के जरिए आवेदन किया जा सकता है. निर्माण के बाद समिति के भौतिक सत्यापन के बाद अनुदान राशि सीधे बैंक खाते में (DBT) आएगी.

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Agriculture News: प्याज की खेती करने वाले देश और प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है. अमूमन देखा जाता है कि प्याज की बंपर पैदावार होने के बाद भी किसानों को उसका सही दाम नहीं मिल पाता. कटाई के समय मंडियों में अचानक आवक बढ़ने से कीमतें तेजी से गिर जाती हैं, जिससे किसानों को औने-पौने दामों पर अपनी फसल बेचनी पड़ती है. किसानों की इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार की ‘प्याज भंडारण संरचना योजना’ (Onion Storage Structure Scheme) एक वरदान साबित हो रही है. इस योजना के तहत किसान अपनी फसल को सुरक्षित रखकर बाजार में अच्छे भाव आने का इंतजार कर सकते हैं और इसके निर्माण पर सरकार से भारी सब्सिडी भी पा सकते हैं.

सरकार की इस कल्याणकारी योजना के तहत 25 मीट्रिक टन (MT) क्षमता वाली वैज्ञानिक प्याज भंडारण संरचना के निर्माण के लिए कुल इकाई लागत का 50 प्रतिशत अनुदान (सब्सिडी) दिया जाता है. इस योजना के तहत मिलने वाली अनुदान की अधिकतम सीमा 87,500 रुपये निर्धारित की गई है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को पारंपरिक तरीकों के बजाय वैज्ञानिक तरीके से प्याज का भंडारण करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि नमी या अन्य कारणों से फसल खराब न हो.

योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी पात्रता और दस्तावेजयदि आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो सरकार द्वारा तय की गई निम्नलिखित योग्यताओं और नियमों को पूरा करना होगा:

न्यूनतम भूमि: योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास कम से कम 0.5 हेक्टेयर कृषि भूमि का स्वामित्व होना अनिवार्य है.
कहाँ करें आवेदन: आवेदन की प्रक्रिया बेहद सरल है. किसान अपने नजदीकी ई-मित्र (E-Mitra) केंद्र पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
आवश्यक दस्तावेज: आवेदन के साथ किसान को अपना आधार कार्ड या जनाधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण और छह महीने से अधिक पुरानी नहीं होने वाली जमीन की जमाबंदी (नकल) की प्रति जमा करानी होगी.

पारदर्शी प्रक्रिया: गठित समिति करेगी भौतिक सत्यापनयोजना में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ने सीधे बैंक खाते में लाभ देने की व्यवस्था की है. ध्यान रहे कि प्याज भंडारण संरचना का निर्माण पूरी तरह से स्थायी (पक्का) प्रकृति का होना चाहिए. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद कृषि विभाग द्वारा गठित एक विशेष समिति मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करेगी. सत्यापन के दौरान यदि निर्माण कार्य सरकार द्वारा तय किए गए सभी वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप पाया जाता है, तो अनुदान की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से ट्रांसफर कर दी जाएगी. इसमें किसी भी बिचौलिए की कोई भूमिका नहीं रहेगी.

फसल प्रबंधन और आय बढ़ाने में मददगार: कृषि विशेषज्ञएग्रीकल्चर एक्सपर्ट दिनेश जाखड़ के अनुसार, वैज्ञानिक तरीके से बनाई गई भंडारण सुविधा में प्याज की गुणवत्ता लंबे समय तक सुरक्षित बनी रहती है. इससे प्याज के सड़ने या सूखने से होने वाला नुकसान काफी कम हो जाता है. जब कुछ समय बाद मंडियों में प्याज की आवक घटती है और कीमतें दोबारा बढ़ने लगती हैं, तब किसान कोल्ड स्टोरेज या अपने इस प्याज भंडारण से माल निकालकर ऊंचे दामों पर बेच सकते हैं. यह योजना न केवल किसानों को अनुदान दे रही है, बल्कि बाजार के उतार-चढ़ाव से होने वाले नुकसान से बचाकर उनकी आय को दोगुना करने में सबसे सहायक साबित होगी.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

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