Jhunjhunu News: चार कमरों में सिमटी 12 कक्षाएं, बरामदों और टिन शेड तले पढ़ने को मजबूर 130 विद्यार्थी

Last Updated:July 10, 2026, 11:35 IST
Jhunjhunu News:खेतड़ी उपखंड के श्यामपुरा ग्राम पंचायत स्थित निमला जोहड़ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा पहली से 12वीं तक के 130 विद्यार्थी मात्र चार कमरों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं. कई कक्षाएं बरामदों और टिन शेड के नीचे संचालित हो रही हैं, जबकि जर्जर भवन, टपकती छत और मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो रही हैं. ग्रामीणों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से नए कक्षों के निर्माण और विद्यालय भवन के विस्तार की मांग की है.
झुंझुनूं. सरकार एक ओर सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे कर रही है, वहीं खेतड़ी उपखंड की श्यामपुरा ग्राम पंचायत के निमला जोहड़ स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की स्थिति इन दावों की वास्तविकता सामने ला रही है. यहां कक्षा पहली से 12वीं तक अध्ययनरत करीब 130 विद्यार्थियों को पर्याप्त कक्षों के अभाव में बरामदों और टिन शेड के नीचे पढ़ाई करनी पड़ रही है. मौसम की मार के बीच बच्चों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है.
ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय में कुल छह कमरे हैं, इनमें से एक कमरे में विद्यालय कार्यालय संचालित होता है, जबकि एक कमरा पूरी तरह जर्जर होने के कारण कंडम घोषित किया जा चुका है. ऐसे में केवल चार कमरों में पहली से 12वीं तक की सभी कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है. कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों को बरामदे में बैठाकर पढ़ाया जाता है, जबकि कक्षा आठ के विद्यार्थियों की कक्षाएं भामाशाह द्वारा निर्मित टिन शेड के नीचे लगाई जाती हैं.
गर्मी, बरसात और सर्दी—हर मौसम में परेशानी
टिन शेड के नीचे पंखों की व्यवस्था नहीं होने से गर्मी के दिनों में बच्चों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है. वहीं बरसात के दौरान तेज हवा और पानी की बौछारों के कारण पढ़ाई बाधित हो जाती है. सर्दियों में खुले बरामदों में बैठकर पढ़ाई करना भी विद्यार्थियों के लिए मुश्किल साबित होता है. विद्यालय के तीन कमरों की हालत भी चिंताजनक बनी हुई है. बारिश के समय इन कमरों में सीलन आ जाती है और छत का प्लास्टर झड़ने लगता है. इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा पर खतरा मंडराता रहता है. अभिभावकों का कहना है कि ऐसी स्थिति में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
छात्राओं ने बताई पढ़ाई की मुश्किलें
विद्यालय की छात्राओं ने बताया कि उन्हें कार्यालय के सामने बने बरामदे में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है. गर्मियों में तेज धूप और लू, बरसात में बारिश की बौछारें तथा सर्दियों में ठंडी हवाओं के बीच पढ़ाई करना बेहद कठिन हो जाता है. उनका कहना है कि इस कारण पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना मुश्किल होता है और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी भी प्रभावित होती है.
ग्रामीणों ने की नए कक्षों के निर्माण की मांग
ग्रामीणों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से विद्यालय भवन का विस्तार, जर्जर कमरों की मरम्मत तथा नए कक्षों के निर्माण की मांग की है. उनका कहना है कि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार और शिक्षा विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान कर विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं में सुधार करने की अपील की है, ताकि विद्यार्थियों को खुले बरामदों और टिन शेड के नीचे पढ़ाई करने की मजबूरी से राहत मिल सके.
About the AuthorMonali Paul
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें
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Location :
Jhunjhunu,Rajasthan



