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बरसात में डेंगू और मलेरिया का खतरा, एक्सपर्ट ने दी खास सलाह, इन बातों का रखें ध्यान

Last Updated:July 10, 2026, 16:24 IST

Chitrakoot News: बारिश के दिनों में घरों के आसपास गड्ढों और खाली स्थानों पर पानी जमा हो जाता है. कई बार नालियों की उचित सफाई न होने के कारण भी जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है, जमा हुए पानी में मच्छर और अन्य कीड़े-मकोड़े पनपने लगते हैं, जो डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं.

चित्रकूट: बारिश का मौसम शुरू होते ही जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलती है, वहीं यह अपने साथ कई तरह की बीमारियां भी लेकर आता है. खासतौर पर चित्रकूट के ग्रामीण इलाकों में बरसात के दौरान संक्रामक बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है. इस मौसम में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां तेजी से फैलती हैं, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ जाते हैं. अगर आप भी इन बीमारियों से बचना चाहते हैं, तो आप डॉक्टर की ओर से बताए गए इन उपायों को जरूर अपनाएं.

आपको बता दें कि बारिश के दिनों में घरों के आसपास गड्ढों और खाली स्थानों पर पानी जमा हो जाता है. कई बार नालियों की उचित सफाई न होने के कारण भी जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है. जमा हुए पानी में मच्छर और अन्य कीड़े-मकोड़े पनपने लगते हैं, जो डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं. यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव-गांव जाकर लोगों को अपने घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक भी कर रहा है.

डेंगू और मलेरिया का खतरावहीं इस संबंध में डॉक्टर शेखर वैश्य ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि बरसात के मौसम में डेंगू और मलेरिया का खतरा काफी बढ़ जाता है. इन बीमारियों से बचने के लिए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि लोगों को घर से बाहर निकलते समय पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने चाहिए, ताकि मच्छरों के काटने से बचा जा सके. इसके साथ ही बरसात के मौसम में खान-पान का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए. फ्रिज में लंबे समय तक रखा हुआ या बासी भोजन खाने से बचना चाहिए. इसके अलावा, साफ और ताजा भोजन का सेवन करना चाहिए और कुआं हैंडपंप के पानी बिना उबाले नहीं पीना चाहिए.

इन बातों का रखें खास ध्यानउन्होंने आगे की जानकारी में बताया कि लोगों को अपने घरों के आसपास पानी नहीं जमा न होने देना चाहिए. कूलर, गमले, टायर और अन्य बर्तनों में भरे पानी को समय-समय पर खाली करते रहें. यदि कहीं जलभराव की समस्या हो तो उसकी सफाई कराएं, जिससे मच्छरों को पनपने का मौका न मिले. यदि बारिश के मौसम में किसी व्यक्ति को हल्का बुखार, शरीर में दर्द या कमजोरी महसूस होती है तो शुरुआती तौर पर पैरासिटामोल की दवा ली जा सकती है. हालांकि यदि दवा लेने के बाद भी बुखार कम नहीं होता है या तबीयत लगातार खराब रहती है, तो बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल जाकर डॉक्टर से जांच और उपचार कराना चाहिए.

About the Authorआर्यन सेठ

आर्यन सेठ, Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से <strong>उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों</strong> पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…और पढ़ें

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Chitrakoot,Uttar Pradesh

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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