Rajasthan

पिछोला की पाल बनने से पहले ही यहां विराजे थे गणपति, गोबर से तैयार होती है पाला गणेश की प्रतिमा

Last Updated:September 13, 2026, 21:30 IST

Pala Ganesh Temple Udaipur: पिछोला झील और उदयपुर की ऐतिहासिक विरासत के बीच मौजूद यह मंदिर शहर की धार्मिक पहचान को भी दर्शाता है. पर्यटक जहां उदयपुर की झीलों और महलों को देखने पहुंचते हैं, वहीं शहर के पुराने मंदिर भी यहां की संस्कृति और परंपराओं की कहानी बताते हैं. पाला गणेश मंदिर भी ऐसी ही विरासत है,

उदयपुर में गणेश भगवान के कई प्राचीन मंदिर हैं, लेकिन पिछोला झील की पाल के पास स्थित पाला गणेश मंदिर अपनी मान्यताओं और परंपराओं के कारण खास पहचान रखता है.मान्यता है कि यह मंदिर पिछोला की पाल के निर्माण से भी पहले से यहां मौजूद है. गणेश चतुर्थी के मौके पर मंदिर में विशेष आयोजन होता है और शहर के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं.

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार पाला गणेश मंदिर का इतिहास मेवाड़ के महाराणा लाखा के समय से जुड़ा हुआ है. कहा जाता है कि महाराणा लाखा के कहने पर यहां गणेश मंदिर का निर्माण करवाया गया था. यही वजह है कि मंदिर को उदयपुर की पुरानी धार्मिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है.समय के साथ शहर का विस्तार हुआ, पिछोला झील और उसके आसपास का क्षेत्र विकसित हुआ, लेकिन मंदिर से जुड़ी आस्था आज भी कायम है.

मंदिर की सबसे खास बात यहां गणेश प्रतिमा से जुड़ी परंपरा है. यहां गाय के गोबर से गणेश जी की भव्य प्रतिमा तैयार की जाती है. यह परंपरा श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहती है. गोबर से बनी प्रतिमा को लेकर लोगों में विशेष आस्था है और इसे धार्मिक परंपरा के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति से भी जोड़कर देखा जाता है.

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गणेश चतुर्थी के दौरान पाला गणेश मंदिर में माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है. मंदिर को सजाया जाता है और भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है.सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो जाता है.दिनभर दर्शन के लिए लोगों की कतारें दिखाई देती हैं. परिवार के साथ आने वाले लोग भगवान गणेश के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं.

गणेश चतुर्थी पर यहां होने वाले आयोजन में स्थानीय लोगों की भी बड़ी भागीदारी रहती है. मंदिर परिसर में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. श्रद्धालु भगवान गणेश को मोदक और अन्य प्रसाद चढ़ाते हैं. खास बात यह है कि गणेश उत्सव के दौरान मंदिर में आने वाले भक्तों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है. सैकड़ों की संख्या में लोग यहां पहुंचकर गणपति के दर्शन करते हैं.

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September 13, 2026, 21:30 IST

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