Khairthal Tijara News | बासड़ा में कचरा डंपिंग के विरोध में प्रदर्शन

Last Updated:August 04, 2026, 15:53 IST
Khairthal Tijara: खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़ बास के निकट स्थित बासड़ा गांव में नगर पालिका द्वारा शहर का कचरा डाले जाने के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. ग्रामीणों ने कचरा ढोने वाली गाड़ियों को रोककर प्रदर्शन किया. लोगों का आरोप है कि कचरे की बदबू, मक्खियों और मच्छरों के कारण गांव में बीमारियां फैल रही हैं और कई जानवर मर चुके हैं. जिला कलेक्टर और प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि समाधान न होने पर अलवर-भिवाड़ी हाईवे जाम करेंगे.
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Khairthal Tijara: खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़ बास कस्बे के निकट स्थित बासड़ा गांव में कचरा डंपिंग यार्ड को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है. पिछले कई वर्षों से गांव के समीप हो रही कचरा डंपिंग की वजह से स्थानीय निवासी अत्यंत दयनीय और नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं. ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि नगर पालिका किशनगढ़ बास द्वारा पूरे शहर का कचरा उनके गांव के पास लगातार डाला जा रहा है. इसके चलते पूरे क्षेत्र में असहनीय बदबू, मक्खियों और मच्छरों का भयंकर प्रकोप बना रहता है, जिससे आम जनता का जीना मुहाल हो चुका है. जब लंबे समय से प्रशासन द्वारा इस गंभीर समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं निकाला गया, तो सोमवार रात ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट पड़ा और उनका गुस्सा फूट पड़ा.
आक्रोशित ग्रामीणों ने नगर पालिका की कचरा परिवहन करने वाली गाड़ियों को गांव में प्रवेश करने से रोक दिया और सड़क पर ही अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ग्रामीण शाहरुख खान, पुष्पेंद्र कुमार, अल्ताज खान और अन्य निवासियों ने बताया कि गांव के पास पहाड़ी की तलहटी में बनाए गए इस डंपिंग यार्ड में हर दिन शहर का ढेरों कचरा लाकर डाला जाता है. इस कचरे के सड़ने से उठने वाली दुर्गंध और मक्खी-मच्छरों की भरमार ने पूरे बासड़ा गांव का वातावरण दूषित कर दिया है. मक्खियों का आतंक इतना बढ़ चुका है कि लोगों के घरों में खाना पकाना और खाना भी दूभर हो गया है. इससे गांव में संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बहुत अधिक बढ़ गया है और कई लोग लगातार बीमार पड़ रहे हैं.
शिकायत के बाद भी नहीं हुई कोई सुनवाईग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए जिला कलेक्टर, उपखंड अधिकारी (SDM) किशनगढ़ बास और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (EO) को कई बार लिखित में शिकायतें भेजीं. इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने आज तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया. प्रशासनिक अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक गांव में कचरा डालना पूरी तरह से बंद नहीं किया जाएगा, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. ग्रामीणों ने यह भी ऐलान किया है कि यदि नगर पालिका ने जल्द ही कचरा डंपिंग बंद नहीं की, तो वे अलवर-भिवाड़ी मेगा हाईवे को जाम कर बड़ा उग्र आंदोलन करेंगे.
बीमारियों का साया और मवेशियों की मौतगांव की महिलाओं ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि कचरे के ढेर और उससे फैलने वाली गंदगी की वजह से कई मवेशी भी अकाल मृत्यु का शिकार हो चुके हैं. घरों में मक्खियों की इतनी अधिक संख्या हो चुकी है कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है. ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि गांव की आबादी और पहाड़ी क्षेत्र के पास बने इस डंपिंग यार्ड को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए. इसके साथ ही शहर के कचरे के निस्तारण के लिए किसी अन्य वैज्ञानिक और वैकल्पिक स्थान का चयन किया जाए, ताकि बासड़ा गांव के लोगों को इस गंभीर स्वास्थ्य संकट से स्थायी राहत मिल सके.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Alwar,Alwar,Rajasthan
First Published :
August 04, 2026, 15:53 IST



