देश में खुल चुके हैं 20,149 जन औषधि केंद्र, आप कैसे खोल सकते हैं ये सस्ती दवा की दुकान, जानिए

नई दिल्ली. आम आदमी को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने और रोजगार को बढावा देने के लिए प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र योजना चला रही है. इस योजना के तहत अब तक देशभर में 20,149 जन औषधि केंद्र खोले जा चुके हैं. केंद्र सरकार ने शुक्रवार को संसद में बताया कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना के जरिए लोगों ने अब तक करीब 45,000 करोड़ रुपये की बचत की है. फिलहाल, देश के 784 में से 776 जिलों में यह योजना लागू है. लैब रिएजेंट और वैक्सीन को छोड़कर, ‘राष्ट्रीय आवश्यक दवाओं की सूची’ में शामिल लगभग सभी जेनेरिक दवाएं इस प्रोडक्ट बास्केट में शामिल हैं.
भारतीय जन औषधि योजना के तहत लोगों ने ब्रांडेड दवाओं की तुलना में करीब 45,000 करोड़ रुपये की बचत की है. प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना के तहत 2,110 तरह की दवाएं और 315 सर्जिकल सामान, चिकित्सा उपयोग की वस्तुएं और उपकरण उपलब्ध हैं. इनमें हृदय रोग, कैंसर, मधुमेह, संक्रमण, एलर्जी और पेट से जुड़ी बीमारियों की दवाओं के साथ-साथ न्यूट्रास्यूटिकल्स भी शामिल हैं.
जन औषधि केंद्र खोलने को सरकार देती है सहायता
प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र खोलने के लिए न केवल दो लाख रुपये तक का वन टाइम इन्सेंटिव देती है, बल्कि दवाएं भी बाजार से सस्ते रेट पर दुकान मालिक को उपलब्ध कराती है. दवाओं की बिक्री पर 20% कमीशन और ज्यादा सेल पर इंसेंटिव भी देती है.
कौन खोल सकता है जन औषधि केंद्र?
कोई भी व्यक्ति, अस्पताल, एनजीओ, या फार्मासिस्ट जन औषधि केंद्र खोल सकता है. सरकार जन औषधि केंद्र के लिए फर्नीचर, कम्प्यूटर, फ्रिज आदि खरीदने के लिए दो लाख रुपये देती है. सस्ती दवा की यह दुकान खोलने के लिए आपके पास कम से कम 120 वर्ग फीट की जगह होनी चाहिए. जगह आप किराए पर भी ले सकते हैं.
इसके अलावा एक रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट भी आपके पास होना चाहिए. जन औषधि केंद्र के अप्रूवल के समय उसका नाम और रजिस्ट्रेशन की विस्तृत जानकारी देनी होती है. अगर आप महिला उद्यमी, पूर्व सैनिक, दिव्यांग, एससी/एसटी या आकांक्षी जिलों, हिमालयी क्षेत्र, द्वीपीय इलाके या पूर्वोत्तर राज्यों से हैं, तो इसका सर्टिफिकेट और अंडरटेकिंग जमा करानी होगी.
5000 रुपये है आवेदन फीस
जन औषधि केंद्र के लिए आवेदन करने वालों को 5,000 रुपए की नॉन-रिफंडेबल एप्लिकेशन फीस देनी होती है. महिला उद्यमी, दिव्यांग, एससी / एसटी, एक्स सर्विसमैन और नीति आयोग द्वारा चिह्नित एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स, हिमालयी रीजन, आइलैंड टेरिटरी और नॉर्थ- ईस्टर्न स्टेट्स के उद्यमियों को इस शुल्क से छूट मिलती है. यानी ये नि:शुल्क आवेदन कर सकते हैं.



