Chaiwal Share: चायवाला चमक गया! मोदी सरकार के एक फैसले से निवेशक हो गए मालामाल

Last Updated:July 27, 2026, 15:02 IST
मोदी सरकार ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को अपनी बैठकों, सम्मेलनों, कैंटीन और सरकारी समारोहों में भारत की चाय परोसने का निर्देश दिया. इसके बाद सरकारी कंपनी के शेयर 20 फीसदी उछल गई.सरकार का एक फैसला और सरकारी चाय की कंपनी के शेयर उछल गए.
चाय पर चर्चा तो खूब सुनी होगी. लेकिन सोमवार को मोदी सरकार का एक फैसला आया और शेयर बाजार में चायवाले एक स्टॉक की बल्ले बल्ले हो गई. चाय का कारोबार करने वाली स्मॉलकैप कंपनी एंड्रयू यूल एंड कंपनी (Andrew Yule & Company) के शेयरों में करीब 20 प्रतिशत तक का जबरदस्त उछाल देखने को मिला. पिछले दो कारोबारी सत्रों से इस शेयर में लगातार तेजी बनी हुई थी, लेकिन सोमवार को एक फैसले ने इसमें चार चांद लगा दिए.
भारी उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को एक सर्कुलर जारी किया. इसमें सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिया गया था कि वे अपनी आधिकारिक बैठकों, सम्मेलनों, कैंटीन और सरकारी समारोहों में यूल टी (Yule Tea) परोसें. सरकार के इस आदेश की खबर जैसे ही बाजार में फैली, निवेशकों ने इस सरकारी कंपनी के शेयर को खरीदने के लिए लाइन लगा दी.
कैसे उछला शेयर
भारी मांग के चलते बीएसई पर कंपनी का शेयर 19.65 प्रतिशत की लंबी छलांग लगाकर 30.50 रुपये के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया. हालांकि, बाद में ऊपरी स्तरों पर कुछ निवेशकों ने प्रॉफिट बुकिंग की. इसके चलते दोपहर करीब 1 बजे यह शेयर 10.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ 28.11 रुपये पर कारोबार कर रहा था.
सरकारी कंपनी, सबसे पुरानी चाय
एंड्रयू यूल एंड कंपनी लिमिटेड भारी उद्योग मंत्रालय के कंट्रोल में आने वाली एक सरकारी कंपनी है. यह देश की सबसे पुरानी चाय उत्पादक कंपनियों में से एक है. कंपनी असम और पश्चिम बंगाल में अपने चाय बागान चलाती है और यूल टी ब्रांड के तहत दार्जिलिंग, डुआर्स और असम चाय ऑर्थोडॉक्स, सीटीसी, ग्रीन टी और फ्लेवर्ड वेरिएंट का उत्पादन करती है. कंपनी टी बोर्ड के जरिए संसद भवन में भी चाय की सप्लाई करती है.
काफी पसंद की जाती है ये चाय
मंत्रालय के अनुसार, ग्राहकों के बीच कंपनी की चाय काफी पसंद की जाती है, लेकिन विभिन्न कारणों से फिलहाल कंपनी भारी फाइनेंशियल क्राइसिस का सामना कर रही है. ऐसे में उद्योग से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति ने सिफारिश की थी कि ‘यूल टी’ को ज्यादा से ज्यादा प्रमोट करने और इसे अपनाने के लिए सभी मंत्रालयों और विभागों के साथ कोऑर्डिनेशन स्थापित किया जाए. मंत्रालय का मानना है कि सरकारी विभागों से मिलने वाले इस सपोर्ट और कंपनी के प्रोडक्ट की डिमांड से एंड्रयू यूल एंड कंपनी को भारी राहत मिलेगी. सरकार के इस कदम से कंपनी को अपनी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी पाने का मौका मिलेगा.
(Disclaimer: यहां बताए गए स्टॉक्स सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले एक्सपर्ट से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.)
About the Authorज्ञानेंद्र मिश्रDeputy News Editor
ज्ञानेंद्र कुमार मिश्रा हिंदी पत्रकारिता का एक जाना-पहचाना नाम हैं. उन्हें मीडिया में करीब 20 साल का एक्सपीरियंस है. वर्तमान में वह हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं …
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
सबमिट करें
Location :
Delhi,Delhi,Delhi



