नाक चबा गया आवारा कुत्ता, फिर डॉक्टरों ने किया कमाल, बूंदी में 7 साल के मासूम का 150 टांकों के साथ सफल ऑपरेशन

Last Updated:August 05, 2026, 16:56 IST
Bundi News Today: बूंदी जिले में आवारा कुत्ते के हमले में 7 वर्षीय कौशल गुर्जर घायल हो गया. कुत्ते ने उसके चेहरे पर हमला कर नाक को बुरी तरह जख्मी कर दिया. घटना के तुरंत बाद परिजन बच्चे को राजकीय चिकित्सालय बूंदी लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद सफल प्लास्टिक सर्जरी की. डॉक्टरों की टीम ने बच्चे की गंभीर चोटों का उपचार कर उसकी स्थिति को स्थिर किया. इस घटना के बाद क्षेत्र में आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है. स्थानीय नागरिक प्रशासन से आवारा कुत्तों पर प्रभावी नियंत्रण और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग कर रहे हैं.
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बूंदी में 7 साल के कौशल गुर्जर के चेहरे पर अवारा कुत्ते ने किया हमला
बूंदी. जिले के राजकीय चिकित्सालय में डॉक्टरों की टीम ने चिकित्सा क्षेत्र में एक सराहनीय कार्य करते हुए 7 वर्षीय बालक की सफल प्लास्टिक सर्जरी की है. आवारा कुत्ते के जानलेवा हमले में घायल हुए मासूम कौशल गुर्जर को नया जीवन मिला है. डॉक्टरों की तुरंत कार्रवाई के कारण बालक अब पूरी तरह खतरे से बाहर है.
इस घटना की जानकारी के अनुसार, 7 वर्षीय कौशल गुर्जर पर एक आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया. कुत्ते ने बालक के मुंह को अपना शिकार बनाया, जिससे उसकी नाक जख्मी हो गई और मांस बाहर निकल आया. बालक की चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे परिजनों ने उसे किसी तरह कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया. खून से लथपथ और गंभीर अवस्था में परिजन बिना समय गंवाए उसे तुरंत बूंदी के जिला अस्पताल लेकर पहुंचे.
3 घंटे चला ऑपरेशन, लगाए 150 टांकेअस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने स्थिति को समझा और बालक को तुरंत ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट किया. डॉ. आशीष व्यास, डॉ. शुभम व्यास और डॉ. अमर शर्मा की विशेषज्ञ टीम ने इस बेहद चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन की कमान संभाली. लगभग तीन घंटे तक चले इस मैराथन ऑपरेशन में सर्जनों की टीम ने बहुत बारीकी से काम करते हुए बालक के चेहरे और नाक पर करीब 150 टांके लगाए.
त्वचा, कार्टिलेज और अंदरूनी परतों का पुननिर्माणचिकित्सकों ने बताया कि कुत्ते के काटने से बालक की नाक की स्थिति बेहद विकट हो गई थी. चोट इतनी गहरी थी कि नाक की बाहरी त्वचा के साथ-साथ उसकी कार्टिलेज यानी नरम हड्डी और अंदरूनी परतें पूरी तरह खराब हो चुकी थीं. डॉक्टरों ने सूक्ष्म प्लास्टिक सर्जरी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए अंदरूनी परत, कार्टिलेज और बाहरी त्वचा को परत-दर-परत जोड़ा, जिससे नाक का आकार नेचुरल और संरचना वापस लाई जा सकी.
सफल रही सर्जरी, बालक अब खतरे से बाहरचिकित्सकों के प्रयासों के बाद सर्जरी पूरी तरह सफल रही. अस्पताल प्रशासन के अनुसार बालक की स्थिति अब स्थिर है और वह खतरे से बाहर है. डॉक्टरों की इस तत्परता और सफल प्लास्टिक सर्जरी की पूरे जिले में सराहना हो रही है. वहीं बालक के परिजनों ने डॉक्टरों की पूरी टीम का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें भगवान का रूप बताया है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Bundi,Rajasthan
First Published :
August 05, 2026, 16:56 IST



