श्मशान नाले में समाया, रास्ता भी हुआ गायब; यहां खेतों में करना पड़ रहा अंतिम संस्कार

Last Updated:August 05, 2026, 17:01 IST
Jhalawar News : झालावाड़ के परासली गांव में श्मशान भूमि नाले में बदली. हालात इतने बेकार हो गए हैं कि ग्रामीणों को खेतों में अंतिम संस्कार करना पड़ रहा. इस इलाके में पक्के रास्ते और सुविधाओं का भी भारी अभाव है. ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति रोष जताया है और अब वे स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं
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झालावाड़ के परासली गांव में ग्रामीणों की बड़ी परेशानी. बारिश में और बढ़ जाती है मुश्किल, कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान
झालावाड़. झालावाड़ जिले के रायपुर क्षेत्र की सोयला ग्राम पंचायत के परासली गांव से ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो गांव की एक पुरानी और गंभीर समस्या को दिखाती है. यहां ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अपने परिजनों का अंतिम संस्कार खेतों में करना पड़ रहा है. वजह यह है कि गांव की श्मशान भूमि अब नाले में तब्दील हो चुकी है और वहां तक पहुंचने का कोई पक्का रास्ता भी नहीं बचा है.
ग्रामीणों के मुताबिक यह परेशानी कोई एक-दो दिन की नहीं है. समय के साथ हालात ऐसे बने कि श्मशान की जमीन का बड़ा हिस्सा नाले में समा गया. इतना ही नहीं, जिस रास्ते से लोग श्मशान तक पहुंचते थे, वह भी अब नाले का हिस्सा बन चुका है. ऐसे में अंतिम यात्रा के दौरान लोगों को खेतों और फसलों के बीच से होकर गुजरना पड़ता है.
अंतिम संस्कार के समय बढ़ जाती है परेशानीगांव के लोगों का कहना है कि जब किसी की मौत होती है तो परिवार पहले से ही दुख में होता है. ऐसे समय में श्मशान तक पहुंचने के लिए अलग से संघर्ष करना पड़ता है. खेतों के बीच से रास्ता बनाकर शव ले जाना आसान नहीं होता. ग्रामीण बताते हैं कि कई बार फसलों के बीच से निकलना पड़ता है. बरसात के दिनों में हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं. जमीन गीली होने और नाले में पानी आने से अंतिम संस्कार करना और भी मुश्किल हो जाता है.
बुनियादी सुविधाओं का भी अभावग्रामीणों का कहना है कि गांव के श्मशान घाट पर सिर्फ रास्ते की ही समस्या नहीं है. वहां टीन शेड जैसी जरूरी सुविधा भी नहीं है. अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को खुले में खड़ा रहना पड़ता है. गर्मी हो या बारिश, किसी तरह की स्थायी व्यवस्था मौजूद नहीं है. गांव के लोगों का कहना है कि अगर पक्का रास्ता और जरूरी सुविधाएं होतीं तो उन्हें इतनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता.
कई बार अधिकारियों को बता चुके हैं ग्रामीणग्रामीणों के अनुसार इस समस्या को लेकर कई बार राजस्व विभाग को जानकारी दी जा चुकी है. पंचायत स्तर पर आयोजित शिविरों में भी इस मुद्दे को अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने रखा गया. लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद अब तक न तो श्मशान तक पक्का रास्ता बनाया गया और न ही वहां जरूरी सुविधाएं विकसित की गईं. इसी कारण हर बार गांव के लोगों को पुराने हालात का सामना करना पड़ता है.
अब स्थायी समाधान की मांगपरासली गांव के ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ सुविधा का नहीं बल्कि सम्मान और संवेदनशीलता का भी मामला है. अंतिम संस्कार जैसी प्रक्रिया के लिए सुरक्षित और सुगम श्मशान होना जरूरी है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि श्मशान भूमि की स्थिति का जल्द सर्वे कराया जाए. वहां तक पहुंचने के लिए पक्का रास्ता बनाया जाए और टीन शेड सहित अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. उनका कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो हर मानसून में गांव के लोगों को इसी तरह परेशानी उठानी पड़ेगी.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Jhalawar,Jhalawar,Rajasthan
First Published :
August 05, 2026, 17:01 IST



