Rajasthan

Rajasthan Weather Today | Rajasthan Rain Update | 6 August Weather Update | 6 अगस्त वेदर अपडेट

जयपुर. राजस्थान में पिछले कुछ दिनों की तुलना में कमजोर बारिश के बाद अब मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है. मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार 6 अगस्त से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे बढ़ेंगी, जबकि 7 से 10 अगस्त के बीच पूर्वी राजस्थान में भारी से अतिभारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. आईएमडी ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. इसके साथ ही कुछ इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और मेघगर्जन के साथ वज्रपात की भी संभावना जताई गई है.

आईएमडी के अनुसार समुद्र तल के औसत स्तर पर मानसून ट्रफ फिलहाल श्रीगंगानगर, रोहतक, शाहजहांपुर, सुल्तानपुर, गया और बांकुरा से होते हुए मिजोरम की ओर बनी हुई है. वहीं उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जबकि दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर ऊपरी हवा का एक और परिसंचरण तंत्र बना हुआ है. इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ भी मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय है. इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त असर से राजस्थान में मानसून दोबारा मजबूत होने की संभावना है.

मानसून ट्रफ इस समय राजस्थान से होकर गुजर रही है.

जयपुर, भरतपुर और अजमेर में हल्की बारिश के आसार

प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान डूंगरपुरमें 38.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने 6 अगस्त को जयपुर, भरतपुर, कोटा और अजमेर संभाग के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया है. भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी बारिश की भी संभावना है. वहीं उदयपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में भी बारिश के आसार हैं. पूर्वी और उत्तरी राजस्थान के कई जिलों में तेज हवाएं चल सकती हैं.

आईएमडी के अनुसार 6 अगस्त से बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे बढ़ेंगी

23 जिलों में आईएमडी का येलो अलर्ट

आईएमडी ने पूर्वी राजस्थान के अजमेर, अलवर, बारां, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, कोटा, सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक समेत कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. वहीं पश्चिमी राजस्थान के चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, नागौर और श्रीगंगानगर में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है.

आईएमडी ने पूर्वी राजस्थान के अजमेर, जयपुर सहित 23 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है

हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में भी मेघगर्जन के साथ बारिश का अलर्ट

• राजस्थान में आज से मानसून दोबारा सक्रिय होने जा रहा है और 7 से 10 अगस्त के बीच कई जिलों में भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है.

• आईएमडी ने पूर्वी राजस्थान के 23 जिलों में येलो अलर्ट जारी करते हुए मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी दी है.

• मानसून ट्रफ फिलहाल श्रीगंगानगर से रोहतक, शाहजहांपुर, सुल्तानपुर, गया और बांकुरा होते हुए मिजोरम तक बनी हुई है.

• उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण राजस्थान में बारिश बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं.

• पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मानसूनी सिस्टम को अतिरिक्त मजबूती मिल रही है, जिससे बारिश का दायरा बढ़ सकता है.

• जयपुर, भरतपुर, कोटा और अजमेर संभाग में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश संभव है.

बारिश के दौरान कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.

• भरतपुर, अलवर, धौलपुर, करौली, कोटा, बारां और झालावाड़ जिलों में 7 अगस्त से भारी से अतिभारी बारिश की संभावना जताई गई है.

• पश्चिमी राजस्थान के चूरू, नागौर, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में भी मेघगर्जन और बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है.

• पिछले 24 घंटों में डूंगरपुर में राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि कई जिलों में हल्की बारिश हुई.

• आईएमडी ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने, बिजली गिरने से बचाव करने और आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखने की अपील की है.

7 अगस्त से बढ़ सकता है बारिश का दायरा

7 अगस्त से बारिश का दायरा और बढ़ने की संभावना है. भरतपुर, अलवर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, कोटा, बारां और झालावाड़ जिलों में भारी से अतिभारी बारिश हो सकती है. वहीं शाम के बाद बीकानेर, चूरू, नागौर, डीडवाना-कुचामन, मकराना, परबतसर, श्रीडूंगरगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं. वहीं 8 से 10 अगस्त के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून का सबसे प्रभावी दौर देखने को मिल सकता है. ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने, बिजली गिरने के समय खुले स्थानों से दूर रहने और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है.

7 से 10 अगस्त के बीच पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में भारी से अतिभारी बारिश होने की संभावना है.

राजस्थान में भारी बारिश का दौर कब से शुरू होगा?

आईएमडी के अनुसार 6 अगस्त से बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे बढ़ेंगी, लेकिन 7 अगस्त से मानसून ज्यादा सक्रिय होगा. 7 से 10 अगस्त के बीच पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में भारी से अतिभारी बारिश होने की संभावना है. इस दौरान भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर और आसपास के क्षेत्रों में सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिल सकता है.

किन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है?

आईएमडी ने पूर्वी राजस्थान के अजमेर, जयपुर, अलवर, भरतपुर, बारां, कोटा, बूंदी, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है. पश्चिमी राजस्थान के चूरू, नागौर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और डीडवाना-कुचामन जैसे जिलों में भी गरज-चमक, बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है.

बारिश बढ़ने के पीछे कौन-कौन से मौसम तंत्र जिम्मेदार हैं?

मानसून ट्रफ इस समय राजस्थान से होकर गुजर रही है. इसके अलावा उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण तथा मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में मौजूद पश्चिमी विक्षोभ भी मौसम को प्रभावित कर रहे हैं. इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से राजस्थान में मानसून फिर से मजबूत होने और बारिश बढ़ने की संभावना बन रही है.

तेज हवाओं को लेकर मौसम विभाग ने क्या चेतावनी दी है?

आईएमडी ने बताया है कि बारिश के दौरान कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. इसके साथ मेघगर्जन और वज्रपात की भी आशंका है. ऐसे मौसम में खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने तथा सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है.

आम लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

बारिश और आंधी के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें. बिजली चमकने पर खुले स्थानों में न रहें और सुरक्षित भवन में शरण लें.आईएमडी की आधिकारिक चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें. जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें और तेज हवा के दौरान कमजोर पेड़ों तथा होर्डिंग के पास खड़े होने से बचें. इससे दुर्घटनाओं का खतरा कम किया जा सकता है.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj