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मानसून में क्यों बढ़ जाता है हेयर फॉल? जानें बारिश में बालों को मजबूत रखने के आसान उपाय

Last Updated:August 06, 2026, 15:13 IST

बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं बालों के लिए कई परेशानियां भी लेकर आता है. नमी और उमस के कारण स्कैल्प पर पसीना, तेल और गंदगी जमा होने लगती है, जिससे बालों की जड़ें कमजोर हो सकती हैं. ऐसे में सही हेयर केयर रूटीन अपनाकर मानसून में भी बालों को मजबूत और स्वस्थ रखा जा सकता है.

अगर आपको लग रहा है कि बारिश शुरू होते ही कंघी में पहले से ज्यादा बाल आने लगे हैं, तो आप अकेले नहीं हैं. मानसून में नमी और उमस बढ़ने से सिर की त्वचा पर पसीना और तेल ज्यादा जमा होता है, जिससे बालों की जड़ें कमजोर होने लगती हैं. कई बार फंगल इंफेक्शन और गंदगी भी बाल टूटने की वजह बन जाती है. इसलिए इस मौसम में थोड़ा ज्यादा हेयर फॉल होना आम बात है, लेकिन सही देखभाल करने से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है.

बारिश में भीगने के बाद कई लोग बालों को ऐसे ही छोड़ देते हैं, जो सबसे बड़ी गलती है. गीले बाल सबसे कमजोर होते हैं और जल्दी टूट सकते हैं. अगर बारिश में बाल भीग जाएं, तो घर पहुंचकर साफ पानी या माइल्ड शैम्पू से धो लें. इसके बाद तौलिए से हल्के हाथों से सुखाएं और बालों को तौलिए से बिल्कुल न झटकें. गीले बालों में जोर-जोर से कंघी करने से बचें, क्योंकि इससे बाल जड़ों से टूटने लगते हैं और हेयर फॉल बढ़ सकता है.

मानसून में सिर्फ बाल धोना काफी नहीं, बल्कि स्कैल्प का साफ रहना भी जरूरी है. पसीना, धूल और तेल मिलकर स्कैल्प पर गंदगी जमा कर देते हैं, जिससे खुजली, डैंड्रफ और फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. अगर आपका स्कैल्प ज्यादा ऑयली है, तो अपने बालों के हिसाब से माइल्ड शैम्पू का इस्तेमाल करें. साफ स्कैल्प में बालों की जड़ें मजबूत रहती हैं और नए बाल भी बेहतर तरीके से बढ़ते हैं.

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बाल सिर्फ बाहर से नहीं, बल्कि अंदर से भी मजबूत होते हैं. अगर शरीर में प्रोटीन, आयरन, जिंक और विटामिन की कमी है, तो मानसून में बाल ज्यादा झड़ सकते हैं. अपनी डाइट में दाल, अंडा, दूध, हरी सब्जियां, फल, मेवे और बीज जरूर शामिल करें. भरपूर पानी पीना भी जरूरी है. सही खानपान बालों की जड़ों को पोषण देता है और टूटने की समस्या धीरे-धीरे कम होने लगती है.

कई लोग रातभर बालों में तेल लगाकर छोड़ देते हैं, जबकि मानसून में ऐसा करना हर किसी के लिए सही नहीं होता. बेहतर होगा कि बाल धोने से 20 से 30 मिनट पहले हल्के हाथों से तेल की मालिश करें. इससे स्कैल्प को पोषण मिलता है और बाल मुलायम रहते हैं. अगर स्कैल्प में खुजली या फंगल इंफेक्शन है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के ज्यादा तेल लगाने से बचें. जरूरत के अनुसार ही तेल का इस्तेमाल करें.

गीले बाल बांधना, बहुत गर्म ड्रायर का इस्तेमाल करना, बार-बार स्ट्रेटनर या हेयर स्प्रे लगाना और गंदा तकिया इस्तेमाल करना जैसी आदतें बालों को नुकसान पहुंचाती हैं. मानसून में कोशिश करें कि बालों को खुली हवा में हल्के सूखने दें. साफ तौलिया और तकिए का कवर इस्तेमाल करें. नियमित ट्रिमिंग कराते रहें, ताकि दोमुंहे बाल कम हों और बाल स्वस्थ बने रहें.

अगर आप प्राकृतिक तरीके अपनाना चाहते हैं, तो हफ्ते में एक बार ताजा एलोवेरा जेल स्कैल्प पर 10 से 15 मिनट के लिए जरूर लगाएं. दही का लेप, मेथी का पानी या गुड़हल जैसे घरेलू उपाय भी कई लोगों को फायदा पहुंचाते हैं. हालांकि, अगर किसी चीज से एलर्जी हो या स्कैल्प पर घाव हो, तो घरेलू नुस्खे लगाने से बचें. कोई भी नया उपाय अपनाने से पहले थोड़ा टेस्ट जरूर करें, ताकि परेशानी न बढ़े.

अगर बाल कई हफ्तों से लगातार बहुत ज्यादा झड़ रहे हैं, सिर पर खाली जगह दिखने लगी है, तेज खुजली, लालपन या फंगल संक्रमण हो गया है, तो इसे सामान्य मानसून हेयर फॉल मानकर नजरअंदाज न करें. ऐसी स्थिति में त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लें. समय पर इलाज मिलने से समस्या जल्दी कंट्रोल हो सकती है. सही देखभाल, अच्छा खानपान और थोड़ी सावधानी बरतकर बरसात में भी बालों को मजबूत और घना बनाए रखा जा सकता है.

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August 06, 2026, 15:13 IST

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