भरतपुर में बारिश ने खोली करोड़ों की ड्रेनेज व्यवस्था की पोल, आदर्श कॉलोनी समेत कई इलाके बने तालाब

Last Updated:August 06, 2026, 17:16 IST
Ground Report Bharatpur: भरतपुर में पहली तेज बारिश ने नगर निगम की करोड़ों रुपये की ड्रेनेज व्यवस्था की पोल खोल दी. आदर्श कॉलोनी, न्यू आदर्श कॉलोनी, अनुजय नगर, चांदपोल गेट और नमक कटरा सहित कई क्षेत्रों में भारी जलभराव हो गया. सबसे अधिक प्रभावित आदर्श कॉलोनी रही, जहां वर्ष 1996 की बाढ़ के बाद पहली बार बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया. जलभराव से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और यातायात भी प्रभावित रहा. इस घटना के बाद ड्रेनेज परियोजनाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और नगर निगम की तैयारियों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं.
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भरतपुर में नगर निगम का ड्रेनेज सिस्टम फेल, करोड़ों खर्च के बाद पहली बारिश में डूबा शहर
भरतपुर. विकास के दावों की कलई एक ही बारिश में खुलकर सामने आ गई है. भरतपुर शहर में नगर निगम द्वारा ड्रेनेज सिस्टम और नालों की सफाई के नाम पर बहाए गए करोड़ों रुपये पहली ही मानसूनी बारिश में बह गए. शहर के जल निकासी तंत्र की पोल इस कदर खुली कि देखते ही देखते भरतपुर के कई प्रमुख और रिहायशी इलाके टापू में तब्दील हो गए. हर तरफ केवल पानी ही पानी नज़र आ रहा है और जनता प्रशासनिक अनदेखी का दंश झेलने को मजबूर है.
ग्राउंड ज़ीरो से हालात का जायज़ा लेने पर स्थिति चिंताजनक नज़र आती है. शहर के आदर्श कॉलोनी, न्यू आदर्श कॉलोनी, अनुजय नगर, चांदपोल गेट और नमक कटरा जैसे इलाकों में जलभराव के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है. सबसे बदतर स्थिति आदर्श कॉलोनी की बनी हुई है. यहां के निवासियों का कहना है कि साल 1996 में आई ऐतिहासिक बाढ़ के बाद यह पहला मौका है जब बारिश का पानी लोगों के घरों के अंदर तक घुस गया है. रसोई में रखा राशन, सोफे और इलेक्ट्रॉनिक्स का सामान पानी में तैरता हुआ दिखाई दे रहा है.
घटिया निर्माण और प्रशासनिक लापरवाही की खुली पोलकरोड़ों रुपये के बजट से बनाए गए नाले और नालियां जल निकासी में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं. मानसून से पहले नालों की तली-झाड़ सफाई करने के जो दावे कागजों में किए गए थे, वे ज़मीन पर पानी में बहते दिख रहे हैं. घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग और नालों के प्राकृतिक प्रवाह को ध्यान में रखे बिना बनाई गई ड्रेनेज व्यवस्था अब शहरवासियों के लिए मुसीबत बन गई है. ड्रेनेज परियोजनाओं की गुणवत्ता और रखरखाव पर अब गंभीर तकनीकी व प्रशासनिक सवाल खड़े हो रहे हैं.
ठप हुआ व्यापार और मंडराया बीमारियों का खतरासड़कों पर तीन-तीन फीट पानी भरने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. नमक कटरा और चांदपोल गेट जैसे व्यापारिक क्षेत्रों में दुकानों के अंदर पानी घुस जाने से व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है. जलजमाव के कारण अब क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों और मच्छरजनित रोगों के फैलने का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है. यदि प्रशासन ने तुरंत पंप सेट लगाकर पानी की निकासी नहीं करवाई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है. पीड़ित जनता अब कागज़ी वादों से इतर ज़मीन पर ठोस राहत कार्य की गुहार लगा रही है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Bharatpur,Rajasthan
First Published :
August 06, 2026, 17:16 IST



