पका कटहल खाने से पहले रुक जाएं, इन 5 लोगों के लिए बन सकता है मुसीबत, डॉक्टर भी करते है मना

Last Updated:August 06, 2026, 18:06 IST
Paka Kathal Side Effects: पका कटहल स्वाद और पोषण से भरपूर होता है, लेकिन इसका अधिक सेवन डायबिटीज, किडनी और कमजोर पाचन वाले मरीजों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है. सुल्तानपुर मेडिकल कॉलेज के आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, पके कटहल में पोटैशियम और नेचुरल शुगर अधिक होती है. जानिए किन स्वास्थ्य स्थितियों में पके कटहल के सेवन से बचना चाहिए और इसे खाने का सही तरीका क्या है.
मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर संतोष कुमार श्रीवास्तव ने लोकल 18 से बताया कि पका कटहल स्वाद और पोषण से भरपूर फल होता है. इसमें फाइबर, विटामिन सी, पोटैशियम और प्राकृतिक शर्करा अच्छी मात्रा में होती है. लेकिन, इसका अधिक सेवन कुछ लोगों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है. खास तौर पर उन लोगों को जिन्हें पहले से कोई गंभीर बीमारी होती है, उन्हें बिना सलाह के अधिक मात्रा में पका कटहल और उसका गूदा नहीं खाना चाहिए.
चिकित्सक ने कहा कि पके कटहल में प्राकृतिक शर्करा की मात्रा कच्चे कटहल की तुलना में अधिक होती है. इसलिए मधुमेह के मरीज यदि इसे अधिक मात्रा में खाते हैं तो रक्त शर्करा बढ़ सकती है. इसलिए जब भी कोई इसका सेवन करे तो सीमित मात्रा में और डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से ही करे. अगर आपका ब्लड शुगर पहले से नियंत्रित नहीं रहता है, तो पके कटहल का सेवन सोच-समझकर करना चाहिए.
कटहल में पोटैशियम पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है. जिन लोगों की किडनी ठीक से काम नहीं करती, उनके शरीर में अतिरिक्त पोटैशियम जमा हो सकता है. इससे हृदय की धड़कन पर असर पड़ने का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए किडनी की गंभीर बीमारी या डायलिसिस कराने वाले मरीजों को पका कटहल खाने से बचना चाहिए.
Add as Preferred Source on Google
पके कटहल में फाइबर की मात्रा अधिक होने की वजह से यह सामान्य लोगों के लिए फायदेमंद है. लेकिन अगर कोई एक बार में बहुत ज्यादा कटहल खा ले, तो गैस, पेट फूलना, अपच और दस्त जैसी समस्या हो सकती है. जिन लोगों का पाचन तंत्र पहले से कमजोर है, उन्हें कम मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए.
कुछ लोगों को कटहल या लेटेक्स से एलर्जी हो सकती है. ऐसे लोगों में कटहल खाने के बाद त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते, होंठों या गले में सूजन तथा सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. अगर पहले कभी कटहल खाने से ऐसी समस्या हुई हो, तो दोबारा इसका सेवन नहीं करना चाहिए.
चिकित्सक ने आगे बताया कि अगर आप किडनी, मधुमेह या किसी अन्य गंभीर बीमारी की दवा ले रहे हैं, तो पके कटहल का सेवन करने से बचना चाहिए. क्योंकि कुछ स्थितियों में अधिक पोटैशियम या रक्त शर्करा में बदलाव दवाओं के प्रभाव को प्रभावित करता है. अपने डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही कटहल का सेवन करना चाहिए.
स्वस्थ व्यक्ति के लिए पका कटहल सीमित मात्रा में खाना सुरक्षित माना जाता है. एक बार में बहुत अधिक गूदा खाने के बजाय थोड़ी मात्रा लेना बेहतर रहता है. इसके साथ पर्याप्त पानी पीना और संतुलित भोजन करना भी जरूरी है. अगर कटहल खाने के बाद पेट में भारीपन, गैस या कोई अन्य परेशानी महसूस हो, तो अगली बार इसकी मात्रा कम कर देनी चाहिए.
कटहल पौष्टिक फल है, लेकिन हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है. मधुमेह, किडनी रोग, गंभीर एलर्जी या कमजोर पाचन वाले लोगों को इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए. किसी भी बीमारी में बिना चिकित्सकीय सलाह के अधिक मात्रा में कटहल खाना सही नहीं है. इसलिए सावधानी के साथ ही इसका सेवन करें.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :
August 06, 2026, 18:06 IST



