आधी रात सड़क पर उतरीं महिला जज, स्लीपर बसों की जांच में 3 बसें सीज, ₹2 लाख जुर्माना

Last Updated:August 07, 2026, 09:49 IST
Sikar Bus Inspection News: सीकर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव जज शालिनी गोयल ने देर रात अखेपुरा टोल बूथ पर पुलिस व परिवहन विभाग के साथ स्लीपर बसों का औचक निरीक्षण किया. जांच में 15 में से 11 बसों में अनियमितताएं पाए जाने पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया और 3 बसों को सीज किया गया. टीम में CJM हेमंत जानू, DTO ताराचंद बंजारा और ट्रैफिक DSP पूनम भरगड़ शामिल थे.
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सीकर में महिला जज ने रात को बसों की औचक जांच की, 3 सीज व ₹2 लाख जुर्माना
Sikar: राजस्थान के सीकर जिले में यात्रियों की सुरक्षा और यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की ओर से एक बड़ी और सख्त कार्रवाई देखने को मिली है. शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव व जज शालिनी गोयल देर रात खुद पुलिस और परिवहन विभाग की टीम को साथ लेकर अचानक स्लीपर एवं लग्जरी बसों की औचक जांच करने सड़कों पर उतर आईं. इस दौरान नियमों की अनदेखी, बिना परमिट और अवैध संचालन पाई जाने वाली 11 बसों के चालान काटे गए, 3 स्लीपर बसों को मौके पर ही सीज किया गया और करीब 2 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में संचालित प्राइवेट डीलक्स और स्लीपर कोच बसों में नियमों के उल्लंघन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं. इसके बाद जज शालिनी गोयल के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम का गठन किया गया. टीम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) हेमंत जानू, जिला परिवहन अधिकारी (DTO) ताराचंद बंजारा और ट्रैफिक डीएसपी पूनम भरगड़ समेत पुलिस व परिवहन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे. इस संयुक्त टीम ने सीकर के अखेपुरा टोल बूथ पर नाकेबंदी कर वहां से गुजरने वाली लग्जरी व स्लीपर बसों को रोककर सघन चेकिंग अभियान चलाया.
15 बसों की जांच में 11 में मिली कमियां, 3 बसें तुरंत सीजकार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने बसों के रजिस्ट्रेशन, ऑल इंडिया व स्टेट परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस के कागजात और बसों में किए गए अवैध या अनाधिकृत बॉडी बदलावों की बारीकी से पड़ताल की. जज शालिनी गोयल ने बताया कि चेकिंग अभियान के दौरान कुल 15 बसों को रोककर उनके दस्तावेजों और सुरक्षा इंतजामों की जांच की गई. इनमें से 11 बसों में परिवहन नियमों का भारी उल्लंघन पाया गया, जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए करीब 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. वहीं, गंभीर लापरवाही पाए जाने पर 3 स्लीपर बसों को मौके पर ही सीज कर दिया गया.
यात्रियों की सुरक्षा से समझौता नहीं, भविष्य में भी जारी रहेंगे औचक निरीक्षणजिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव व जज शालिनी गोयल ने स्पष्ट किया कि इस औचक निरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाना और रात में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. उन्होंने चेतावनी दी कि ओवरलोडिंग, अनधिकृत बदलाव और बिना वैध परमिट के दौड़ने वाली बसों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा. यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा और ऐसे औचक निरीक्षण अभियान जिले में आगे भी लगातार जारी रहेंगे.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Sikar,Sikar,Rajasthan
First Published :
August 07, 2026, 09:49 IST



