‘यही हाल रहा तो भगवान कुबेर भी कंगाल हो जाएंगे’, तेलंगाना हाई कोर्ट ने फ्रीबीज पर कांग्रेस सरकार को फटकारा

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‘कुबेर भी हो जाएंगे कंगाल’, फ्रीबीज पर तेलंगाना सरकार को हाई कोर्ट ने फटकारा
Last Updated:August 07, 2026, 22:56 IST
तेलंगाना हाई कोर्ट ने सरकारी खजाने पर मुफत योजनाओं के बढ़ते बोझ पर गहरी चिंता जताई है. जस्टिस नागेश भीमपाका ने कहा कि अपात्र लोग भी इन योजनाओं का फायदा उठा रहे हैं. कोर्ट ने रायतू बंधु स्कीम का उदाहरण दिया. हाई कोर्ट ने कहा कि अगर यही हाल रहा, तो भगवान कुबेर भी कंगाल हो जाएंगे. फाइनेंस सेक्रेटरी संदीप कुमार सुल्तानिया के खिलाफ अवमानना मामले की सुनवाई में यह टिप्पणी आई.तेलंगाना सरकार की नीतियों पर हाई कोर्ट सख्त, पूछा- गैर-जरूरी योजनाओं पर क्यों लुट रहा पैसा? (File Photo : PTI)
हैदराबाद: तेलंगाना हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की फ्री योजनाओं पर सवाल खड़ा किया है. कोर्ट ने सरकारी खजाने पर मुफत सौगातों के भारी बोझ को लेकर गहरी चिंता जताई है. हाई कोर्ट के जज जस्टिस नागेश भीमपाका ने इस सिस्टम पर कड़ी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं और अपात्र लोगों को मिल रहे लाभ से सरकारी खजाने में कमी आ रही है. सैलरी और कर्ज चुकाने के बाद सरकार के पास फंड नहीं बचता है. कोर्ट ने पूछा कि क्या अमीर लोग भी इन स्कीम का फायदा नहीं ले रहे हैं. फाइनेंस सेक्रेटरी संदीप कुमार सुल्तानिया के खिलाफ एक मामले की सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई. जस्टिस भीमपाका ने स्पष्ट किया कि वह सरकार की आलोचना नहीं कर रहे हैं. यह सिर्फ सिस्टम की कमियों पर एक अहम चर्चा है. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को तय की है.
करोड़पति भी उठा रहे हैं सरकारी योजनाओं का फायदा
कोर्ट ने कल्याणकारी योजनाओं के सही इस्तेमाल पर जोर दिया. जस्टिस भीमपाका ने तेलुगु में बात करते हुए कई गंभीर सवाल पूछे. उन्होंने कहा कि राज्य में कई गैर-जरूरी फ्री योजनाएं चल रही हैं. इनका फायदा ऐसे लोग भी ले रहे हैं जो इसके पात्र नहीं हैं. कोर्ट ने ‘रायतू बंधु’ स्कीम का खास तौर पर जिक्र किया. यह किसानों के लिए एक निवेश सहायता योजना है. जस्टिस भीमपाका ने पूछा, ‘क्या करोड़पति भी इनका फायदा नहीं उठा रहे हैं’. इससे राज्य के फाइनेंस पर सीधा और भारी असर पड़ता है. बिना चेकिंग के बांटी जा रही इन मुफत सुविधाओं ने सिस्टम को कमजोर कर दिया है.
गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों का मुद्दा भी कोर्ट में उठा. पीडीएस राशन कार्ड और दूसरी मुफत सुविधाओं पर पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है. हाई कोर्ट ने इस पूरी प्रकिया को लेकर सख्त चेतावनी दी है.
जस्टिस भीमपाका ने कहा, ‘अगर मुफ्त सुविधाओं और अपात्र लोगों को फायदे देने का सिलसिला जारी रहा, तो एक दिन भगवान कुबेर भी कंगाल हो जाएंगे’.
आज के समय में लोगों की मानसिकता पूरी तरह बदल चुकी है. पुरानी पीढ़ियां देश के लिए अपना अहम योगदान देना चाहती थीं. आज लोग सिर्फ यह पूछते हैं कि उन्हें सरकार से क्या पर्सनल फायदा मिला है.
कोर्ट ने साफ किया कि अगर किसी एक का भी पीडीएस कार्ड हटाया जाता है, तो विवाद खड़ा हो जाता है. इससे बड़ा पॉलिटिकल इश्यू बन जाता है. जस्टिस भीमपाका ने कहा कि वह राजनीतिक भाषण नहीं दे रहे हैं. लेकिन इन सभी गंभीर मुद्दों पर विचार करना बहुत जरूरी है. राज्य के गांवों में अब खेती के काम के लिए मजदूरों का भारी संकट है. किसानों को हर रोज नई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. इस कमी को पूरा करने के लिए बाहरी राज्यों से मजदूर आ रहे हैं. आज छत्तीसगढ़, बिहार और मध्य प्रदेश के प्रवासी मजदूर तेलंगाना के खेतों में काम कर रहे हैं.
अदालत को आखिर क्यों जारी करना पड़ा फाइनेंस सेक्रेटरी का वारंट?
यह पूरी बहस फाइनेंस सेक्रेटरी संदीप कुमार सुल्तानिया की पेशी के दौरान हुई. कोर्ट में उनके खिलाफ एक अवमानना याचिका पर सुनवाई चल रही थी. अदालत ने कहा कि किसी सीनियर अफसर को यूं बुलाना दुखद है. लेकिन प्रैक्टिकल दिक्कतों के कारण कोर्ट को ऐसा कड़ा कदम उठाना पड़ा. इससे पहले 10 जुलाई को सुल्तानिया के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया गया था. पुलिस कमिश्नर को निर्देश था कि उन्हें गिरफ्तार कर शुक्रवार को अदालत में पेश करें. हालांकि कोर्ट ने जमानत का एक विकल्प भी दिया था. कोर्ट ने कहा था कि अगर अधिकारी 5000 रुपये का निजी बांड भरते हैं, तो उन्हें जमानत मिल सकती है.
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दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं…
Hyderabad,Telangana
First Published :
August 07, 2026, 22:56 IST



